Pradyumna Chaturthi Ke upay: हिंदू धर्म में भगवान श्री गणेश जी को शुभ और लाभ का देवता माना गया है. मान्यता है कि जिस व्यक्ति पर गणपति की कृपा बरसती है, उसकी सभी बाधाएं पलक झपकते दूर और कामनाएं शीघ्र ही दूर हो जाती है. पंचांग के अनुसार ऋद्धि-सिद्धि के दाता कहे जाने वाले गजानन की कृपा बरसाने वाली प्रद्युम्न चतुर्थी है. मान्यता है कि ज्येष्ठ मास के शुक्लपक्ष में पड़ने वाली इस पावन चतुर्थी पर गणपति की विधि-विधान से पूजा करने पर भगवान श्री गणेश सभी दुखों को दूर करके हर मनोकामना को पूरा करते हैं. आइए प्रद्युम्न चतुर्थी की पूजा से जुड़े सरल, सनातनी और शीघ्र फलदायी उपायों के बारे में विस्तार से जानते हैं.
हल्दी के इस उपाय से पूरी होगी हर कामना

हिंदू धर्म में हल्दी को बेहद ही शुभ और पवित्र माना गया है. ऐसे में मंगलमूर्ति गणपति की बप्पा की पूजा में आज इससे जुड़ा उपाय जरूर करें. प्रद्युम्न चतुर्थी का पुण्यफल पाने के लिए आज हरिद्रा गणपति की विशेष रूप से साधना करें. हरिद्रा गणपति की पूजा जीवन में आने वाली सभी बाधाओं को दूर करते हुए सुख-सौभाग्य दिलाती है. पूजा के इस उपाय से सभी शत्रुओं का नाश होता है और कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामलों में विजय प्राप्त होती है. यदि आप हरिद्रा गणपति की पूजा न कर पाएं तो आज प्रद्युम्न चतुर्थी के पावन पर्व पर गणपति को हल्दी की पांच गांठ चढ़ाकर उनके मंत्र का जप जरूर करें.
दूर्वा की गांठ से दूर होंगे सारे दुख

गणपति की पूजा में दूर्वा अर्पित करने का बहुत महत्व माना गया है. ऐसे में आज भगवान श्री गणेश जी की पूजा के लिए साफ-सुथरी जगह से दूर्वा को तोड़ लें और उसे धुलकर एक साथ 11 या 21 गांठ को कलावे के धागे से बांध लें. इसके बाद भगवान श्री गणेश जी को कुछ इस तरह से अर्पित करें कि दूर्वा की नोक गणपति की प्रतिमा या चित्र की ओर रहे.
हिंदू मान्यता के अनुसार गणपति की पूजा में दूर्वा के इस उपाय से करियर-कारोबार में मनचाही सफलता और सुखी दांपत्य जीवन का आशीर्वाद मिलता है. दूर्वा के इस उपाय से जीवन से जुड़े से बड़े से बड़ा दुख गणपति की कृपा से शीघ्र ही दूर हो जाता है.
प्रद्युम्न चतुर्थी पर इस पाठ से बरसेगा गणपति का आशीर्वाद

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सनातन परंपरा में किसी भी देवी या देवता को प्रसन्न करने के लिए उसकी स्तुति या फिर कहें प्रार्थना करने का विधान है. ऐसे में आज भगवान श्री गणेश जी को प्रसन्न करके मनचाहा वरदान पाने के लिए उनके गुणों का गान करने वाली चालीसा, गणपति अथर्वशीर्ष या फिर संकटनाशन गणेश स्तोत्र का पाठ जरूर करें. मान्यता है कि गणपति की पूजा में इनमें से किसी एक का भी श्रद्धा से किया गया पाठ सुख-सौभाग्य को बढ़ाने और दुख-परेशानियों को दूर करने का कार्य करता है.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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