North India Weather Astrology: उत्तर भारत इन दिनों भीषण शीतलहर की गिरफ्त में है. दिल्ली एनसीआर से लेकर उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और बिहार तक तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है. सुबह और रात के वक्त ठिठुरन इतनी बढ़ गई है कि लोग घरों से निकलने से पहले कई बार सोच रहे हैं. मौसम विभाग के आंकड़े बता रहे हैं कि यह ठंड सामान्य नहीं है, बल्कि कुछ अलग ही संकेत दे रही है.

सूर्य कमजोर क्यों पड़ रहा है (Weak Sun and Planetary Position)
वैदिक ज्योतिष में सूर्य को ऊर्जा और ताप का कारक माना जाता है. ज्योतिषविद और वास्तु विशेषज्ञ राकेश चतुर्वेदी के अनुसार, इस समय सूर्य पर शनि की दृष्टि और शीत प्रधान नक्षत्रों का प्रभाव बना हुआ है. सूर्य भले ही उत्तरायण हो चुका हो, लेकिन ग्रहों की स्थिति के कारण उसकी गर्मी धरती तक पूरी तरह नहीं पहुंच पा रही.
शनि का असर बढ़ा रहा ठंड और परेशानी (Saturn Effect and Severe Cold)
ज्योतिष शास्त्र में शनि को ठंड, कष्ट और विलंब का ग्रह माना गया है. जब शनि बलवान होकर सूर्य और चंद्रमा पर प्रभाव डालता है, तो अत्यधिक ठंड, शारीरिक तकलीफ और बुजुर्गों, बच्चों पर ज्यादा असर देखने को मिलता है. राकेश चतुर्वेदी बताते हैं कि, मौजूदा समय में शनि का प्रभाव उत्तर भारत के इलाके पर खास तौर पर सक्रिय है.

चंद्रमा और शीत नक्षत्रों का मेल (Moon Transit in Cold Nakshatra)
चंद्रमा मौसम और नमी का संकेतक होता है. जब चंद्रमा उत्तराफाल्गुनी, हस्त, चित्रा, ज्येष्ठा और मूल जैसे शीत नक्षत्रों में गोचर करता है, तो कोहरा, पाला और ठंड तेजी से बढ़ती है. इस समय चंद्रमा की यही स्थिति ठंड को और धार दे रही है. यह खबर इसलिए अहम है, क्योंकि इससे लोग समझ पा रहे हैं कि यह ठंड केवल मौसम की वजह से नहीं, बल्कि ग्रहों की चाल से भी जुड़ी हो सकती है. सतर्कता और सावधानी ही इस मौसम में सबसे बड़ी सुरक्षा है. फिलहाल उत्तर भारत को ठंड से राहत के लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है. ग्रहों की चाल बदलते ही मौसम भी करवट लेगा, तब तक गरम कपड़े और सतर्कता ही सबसे बड़ा उपाय है.
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