विज्ञापन

Navratri 2026: नवरात्र में अखंड ज्योत जलाने से पहले जान लें ये जरूरी नियम, कहां और कैसे रखें दीपक

Navratri 2026: शारदीय नवरात्र 2026 की शुरुआत 11 अक्टूबर से होगी. अखंड ज्योत जलाते समय दीपक को सीधे जमीन पर न रखें. घी और तेल की ज्योत की दिशा का ध्यान रखें. आचार्य मदनमोहन ने ज्योत जलाने से जुड़े जरूरी नियम बताए हैं.

Navratri 2026: नवरात्र में अखंड ज्योत जलाने से पहले जान लें ये जरूरी नियम, कहां और कैसे रखें दीपक
अखंड ज्योत जलाते समय करें मंत्र का जाप
ndtv

शारदीय नवरात्र की शुरुआत इस साल 11 अक्टूबर 2026 रविवार से होगी. नवरात्र के दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा के साथ कई घरों में अखंड ज्योत भी जलाई जाती है. धार्मिक मान्यता के अनुसार नौ दिनों तक लगातार ज्योत जलाने की परंपरा है. माना जाता है कि अखंड ज्योत के जरिए देवी के प्रति श्रद्धा और भक्ति व्यक्त की जाती है. ऐसे में अगर आप भी नवरात्र में अखंड ज्योत जलाने की तैयारी कर रहे हैं तो इससे जुड़े कुछ नियम जानना जरूरी है. आचार्य मदनमोहन से जानते हैं कि अखंड ज्योत जलाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.

अखंड ज्योत जलाते समय करें मंत्र का जाप

दिल्ली में शारदीय नवरात्र की घटस्थापना 11 अक्टूबर को होगी. उपलब्ध पंचांग के अनुसार घटस्थापना का मुहूर्त सुबह 6:19 बजे से 10:12 बजे तक रहेगा. वहीं अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:44 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक रहेगा. आचार्य मदनमोहन ने बताया कि अखंड ज्योत जलाते समय 'करोति कल्याणं, आरोग्यं धन संपदाम्, शत्रु बुद्धि विनाशाय, दीपं ज्योति नमोस्तुते' मंत्र का जाप करना चाहिए. धार्मिक मान्यता के अनुसार दीपक जलाना सकारात्मकता और शुभता से जोड़ा जाता है.

दीपक को सीधे जमीन पर न रखें

आचार्य बताते हैं कि अखंड ज्योत के दीपक को सीधे जमीन पर रखने की बजाय जौ, चावल या गेहूं जैसे अन्न की ढेरी पर रखना चााहिए. इससे दीपक को स्थिर जगह मिलती है और पूजा की परंपरा भी पूरी होती है.

ये भी पढ़ें- पद्मा एकादशी व्रत कब है? जानिए सही तिथि, पूजा-विधि, मंत्र और आरती

घी और तेल की ज्योत की दिशा

अगर अखंड ज्योत घी से जलाई जा रही है तो दीपक को दाईं ओर रखने की परंपरा बताई गई है. वहीं तेल से जलने वाली ज्योत को बाईं ओर रखने की बात कही जाती है. पूजा के दौरान दीपक को सुरक्षित और स्थिर जगह पर रखनाा चाहिए.

घर छोड़ते समय रखें खास ध्यान

आचार्य मदनमोहन के अनुसार, अखंड ज्योत जलाने के बाद घर को लंबे समय के लिए खाली नहीं छोड़ना चाहिए. साथ ही दीपक को ऐसी जगह रखें जहां उसके गिरने या आाग लगने का खतरा न हो. टूटे हुए या पहले इस्तेमाल किए गए दीपक से अखंड ज्योत जलाने से बचने की सलाह दी जाती है.

नौ दिन बाद क्या करें

आचार्य मदनमोहन ने बताया कि नवरात्र के नौ दिन पूरे होने के बाद अखंड ज्योत को अपने आप बुझने देने की परंपरा बताई गई है. पूजा के दौरान श्रद्धा और सावधानी दोनों का ध्याान रखना जरूरी है. धार्मिक मान्यताओं में पूजा का महत्व केवल नियमों से नहीं, बल्कि श्रद्धा और भााव से भी जुड़ा माना गया है.

ये भी पढ़ें- Aaj Ka Rashifal: आज सोमवार को कई राशियों की चमकेगी किस्मत, जानें मेष से मीन तक आज का राशिफल

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Navratri 2026, Akhand Jyoti, Akhand Jyoti Diya For Chaitra Navratri
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com