हस्तरेखा विज्ञान में हथेली की रेखाओं के साथ शरीर के अंगों की बनावट को भी खास माना गया है. आचार्य मदन मोहन ने बताया कि महिलाओं के माथे का आकार और उस पर बनी रेखाएं उनके भाग्य, करियर और जीवन से जुड़े कई संकेत देती हैं. कुछ खास बनावट और निशानों को बेहद शुभ माना गया है.
अष्टमी के चंद्रमा जैसा माथा माना जाता है शुभ
आचार्य मदन मोहन ने बताया कि जिन महिलाओं का माथा अष्टमी के चंद्रमा जैसा, सााफ और बिना रोएं वाला हो तथा बहुत ज्यादा चौड़ा न हो, उन्हें सौभाग्यशाली माना जाता है. ऐसी महिलाओं को मेहनत का अच्छा फल मिलने की मान्यता है. अगर माथा आगे की ओर झुका हुआ न हो, नसें दिखाई न दें और वह करीब तीन अंगुल चौड़ा हो, तो इसे सौभाग्य और आरोग्य का संकेत मााना गया है. ऐसे माथे को सुखी जीवन से जोड़कर देखा जाता है.
स्वास्तिक का निशान तरक्की का संकेत
आचार्य मदन मोहन ने आगे बताया कि माथे की रेखाओं से अगर स्वास्तिक का चिह्न बनता हो, तो इसे बेहद शुभ माना जाता है. ऐसी महिलाओं को मेहनत के दम पर करियर में ऊंचा पद, मान-सम्मान और धन-ऐश्वर्य मिलने की मान्यता है.
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त्रिशूल का निशान दिखाता है नेतृत्व क्षमता
साथ ही कहा कि माथे पर रेखाओं से त्रिशूल बनने वाली महिलाएं अपनी शर्तों पर जीवन जीना पसंद कर सकती हैं. इनमें नेतृत्व क्षमता अच्छी हो सकती है और करियर में आागे बढ़ने के साथ वैवाहिक जीवन भी सुखद रहने की मान्यता है.
लंबा माथा दे सकता है उतार-चढ़ाव के संकेत
आचार्य ने बताया कि बहुत लंबा माथा या उस पर अधिक नसें और रोएं होना शुभ नहीं माना जाता है. ऐसे लोगों को सफलता के लिए ज्याादा मेहनत करनी पड़ सकती है. वहीं, साफ और संतुलित माथा सुख, दीर्घायु और धन का संकेत माना गया है.
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