श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर इस बार तारीख का सवाल लोगों के मन में है. पंचांग के अनुसार, अष्टमी तिथि 3 सितंबर की रात शुरू होकर 4 सितंबर की रात तक रहेगी. वहीं रोहिणी नक्षत्र भी 4 सितंबर को रहेगा. ऐसे में अयोध्या के राम मंदिर समेत सभी प्रमुख मंदिरों में जन्माष्टमी 4 सितंबर को मनाई जाएगी. आचार्य मदन मोहन ने बताया कि रोहिणी नक्षत्र में भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्योत्सव मनाना इस बार अधिक श्रेयस्कर रहेगा.
3 सितंबर से शुरू होगी अष्टमी तिथि
आचार्य मदन मोहन ने बताया कि अष्टमी तिथि 3 सितंबर गुरुवार रात 1:33 बजे से शुरू होकर 4 सितंबर शुक्रवार रात 11:13 बजे तक रहेगी. वहीं 3 सितंबर की रात 12:46 बजे कृतिका नक्षत्र समाप्त होगा और इसके बाद रोहिणी नक्षत्र शुरू होगाा, जो 4 सितंबर रात 11:12 बजे तक रहेगा.
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रोहिणी नक्षत्र क्यों है खास
आचार्य मदन मोहन ने बताया कि ऐसी मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म रोहिणी नक्षत्र में हुआा था. यही वजह है कि जन्माष्टमी के दिन रोहिणी नक्षत्र का होना विशेष माना जाता है. इस बार तिथि और नक्षत्र का संयोग 4 सितंबर को बन रहा है, इसलिए इसी दिन जन्माष्टमी मनाना उचित माना गया है.
अयोध्या में 4 सितंबर को मनेगी जन्माष्टमी
आचार्य मदन मोहन ने बताया कि राम मंदिर समेत अयोध्या के सभी मंदिरों में 4 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाएगी. इस दौरान व्रत, पूजा और मध्यरात्रि में भगवान के प्राकट्य का उत्सव होगा. इस वर्ष रात 11:50 बजे से 2:03 बजे तक मिथुन लग्न में पूजन का समय बतायाा गया है. राम मंदिर में आयोजन और व्यवस्थाओं को लेकर धार्मिक न्यास समिति की बैठक में तैयारियों पर चर्चा होगी.
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