विज्ञापन

Janmashtami 2026: जन्माष्टमी व्रत में भूलकर भी न करें ये चीजें, सप्तमी से ही शुरू कर दें ये जरूरी नियम

Janmashtami 2026: 4 सितंबर को जन्माष्टमी व्रत रखा जाएगा. आचार्य मदन मोहन ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण का ध्यान कर व्रत का संकल्प लें. पूरे दिन सात्विक विचार रखें और भगवान कृष्ण के मंत्रों का जाप करें. शाम को भी स्नान करना शुभ माना गया है.

Janmashtami 2026: जन्माष्टमी व्रत में भूलकर भी न करें ये चीजें, सप्तमी से ही शुरू कर दें ये जरूरी नियम
सप्तमी से ही शुरू हो जाते हैं जन्माष्टमी व्रत के नियम
ndtv

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी इस बार 4 सितंबर शुक्रवार को मनाई जाएगी. भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु व्रत रखकर लड्डू गोपाल की पूजा करते हैं. ऐसी मान्यता है कि नियमपूर्वक व्रत और पूजा करने से भगवान कृष्ण की कृपा मिलती है. आचार्य मदन मोहन ने बताया कि अगर आप पहली बार जन्माष्टमी का व्रत रखने जा रहे हैं, तो इसकी तैयारी सप्तमी तिथि से ही शुरू कर देनी चाहिए.

सप्तमी से ही छोड़ दें ये चीजें

आचार्य मदन मोहन ने बताया कि जन्माष्टमी व्रत के नियम सप्तमी से ही शुरू हो जाते हैं. इस दिन से लहसुन-प्याज, मांसाहार और मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए. भोजन सात्विक रखें और ब्रह्मचर्य का पालन करें. उनके अनुसार सप्तमी के दिन बैंगन और मूली जैसी सब्जियों से भी परहेज करना चाहिए.

सुबह संकल्प लेकर शुरू करें व्रत

जन्माष्टमी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें. इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण का ध्यान कर व्रत का संकल्प लें. पूरे दिन सात्विक विचार रखें और भगवान कृष्ण के मंत्रों का जाप करें. शाम को भी स्नान करनाा शुभ माना गया है.

यह भी पढ़ें: Krishna Janmashtami 2026: मथुरा में कब है जन्माष्टमी? जानिए ब्रज के मंदिरों का शेड्यूल

फलाहार कर सकते हैं व्रती

व्रत रखने वाले लोग अपनी क्षमता के अनुसार फलाहार कर सकते हैं. केला, सेब, अनार, दही, कुट्टू और साबूदाना जैसे फलाहारी भोजन लिए जा सकते हैं. वहीं अन्न का सेवन करने से बचने की सलाह दी गई है. नमक की जगह सेंधा नमक इस्तेमाल किया जाा सकता है.

इन चीजों से बनाएं दूरी

आचार्य के अनुसार व्रत के दौरान रिफाइंड शुगर और रिफाइंड का इस्तेमाल न करें. इसकी जगह गुड़, शहद और घी का इस्तेमाल किया जा सकता है. जन्माष्टमी पर लौकी, मूली, गाजर और चुकंदर से भी परहेज करने की सलााह दी गई है. लहसुन-प्याज, मांसाहार और शराब से पूरी तरह दूरी रखें.

निर्जला व्रत में रखें खास सावधानी

अगर कोई श्रद्धालु निर्जला व्रत रखता है तो इसमें जल समेत किसी भी चीज का सेवन नहीं किया जाता. आचार्य के अनुसार मध्यरात्रि में भगवान कृष्ण के जन्म के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद व्रत का पारण किया जाता है. हालांकि निर्जला व्रत अपनी शारीरिक क्षमता को ध्यान में रखकर ही करना चाहिए.

यह भी पढ़ें: Surya Gochar September 2026: सूर्य के कन्या राशि में आते ही चमकेगा इन 5 राशियों का भाग्य, धन-करियर में होगी तरक्की

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Janmashtami 2026, Janmashtami 2026 date, Janmashtami 2026 Ethnic Wear Men, Janmashtami 2026 Date And Time
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com