विज्ञापन

Hanuman Puja in Chaitra Navratri: चैत्र नवरात्रि में क्यों जरूरी है हनुमान जी की पूजा? यहां जानें महत्व और नियम

Chaitra Navratri 2025: चैत्र नवरात्रि के पवित्र दिनों में देवी दुर्गा की पूजा के साथ-साथ हनुमान जी की पूजा भी विशेष महत्व रखती है. आइए जानते हैं नवरात्रि में हनुमान जी की पूजा के नियम.

Hanuman Puja in Chaitra Navratri: चैत्र नवरात्रि में क्यों जरूरी है हनुमान जी की पूजा? यहां जानें महत्व और नियम
चैत्र नवरात्रि में हनुमान जी की पूजा का महत्व

Hanuman Puja in Chaitra Navratri: 30 मार्च से चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व की शुरुआत हो चुकी है. आज यानी 31 मार्च, सोमवार को नवरात्रि का दूसरा दिन (Chaitra Navratri Day 2) है. गौरतलब है कि हिंदू धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व है. नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है. वहीं, देवी की उपासना से अलग नवरात्रि के इन पवित्र दिनों में हनुमान जी की पूजा भी बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है. आइए जानते हैं कि चैत्र नवरात्रि में हनुमान जी की पूजा क्यों जरूरी है और इसका क्या महत्व है.

Chaitra Navratri 2025 Day 1: चैत्र नवरात्रि के पहले दिन होती है मां शैलपुत्री की पूजा, जानें सही विधि, भोग, मंत्र, शुभ रंग और कथा

चैत्र नवरात्रि में हनुमान जी की पूजा का महत्व

हनुमान जी को बल, बुद्धि और विद्या का दाता माना जाता है. वे देवी दुर्गा के परम भक्त रहे हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार,  देवी उन्हें अपने पुत्र समान मानती हैं. ऐसे में नवरात्रि में अगर आप देवी दुर्गा की साधना के साथ हनुमान जी की पूजा करते हैं, तो यह आपकी साधना को दोगुना फल देता है. हनुमान जी की पूजा से न केवल मानसिक और शारीरिक शक्ति मिलती है, बल्कि देवी दुर्गा की विशेष कृपा भी प्राप्त होती है. 

नवरात्रि में ऐसे करें हनुमान जी की पूजा 
  • सुबह स्नान कर, पहले मां दु्र्गा की पूजा-अर्चना कर मां को भोग लगाएं, उनके मंत्र का जाप कर आरती गाएं. 
  • इसके बाद हनुमान चालीसा का पाठ करें. नवरात्रि में पूजा के दौरान हनुमान चालीसा का पाठ करना अत्यधिक फलदायी माना जाता है.
  • हनुमान चालीसा का पाठ करते समय सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आपका मन शुद्ध और एकाग्र हो. 
  • पाठ करते समय मानसिक शांति बनाए रखें और किसी भी प्रकार की द्विविधा से बचें. 
  • हनुमान जी के गुणों पर ध्यान केंद्रित करें और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने की भावना से पाठ करें.
  • पाठ करते समय दीपक और अगरबत्ती जलाना शुभ होता है.
  • हनुमान जी की पूजा के बाद दान और सेवा करने का भी विशेष महत्व है. आप किसी जरूरतमंद को भोजन, वस्त्र या अन्य मदद कर सकते हैं.
  • अंत में "ॐ हं हनुमते नमः" मंत्र का जाप करें.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे: