गयाजी में पितृपक्ष मेले की तैयारियां तेज हो गई हैं. 25 सितंबर से शुरू होने वाले इस मेले में देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे. श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस बार रहने से लेकर आने-जाने तक खास इंतजाम किए जा रहे हैं. 2500 बेड की टेंट सिटी तैयार हो रही है, जहां श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था होगी. इसके साथ ही हेल्पलाइन, ई-रिक्शा और पर्यटक सूचना केंद्र जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी. फल्गु नदी किनारे महाआरती का आयोजन होगा, जबकि धार्मिक स्थलों पर गाइड और जानकारी वाले ब्रॉशर उपलब्ध रहेंगे.
2500 बेड की टेंट सिटी में ठहरेंगे श्रद्धालु
बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम की ओर से श्रद्धालुओं के लिए 2500 बेड की क्षमता वाली टेंट सिटी बनाई जा रही है. यहां आने वाले लोगों को रहने की सुविधा मिलेगी. इसके अलावा अस्थायी पर्यटक सूचना केंद्र भी बनाया जाएगा, जहां पितृपक्ष से जुड़ी जरूरी जानकारी उपलब्ध होगी.
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फल्गु नदी किनारे होगी महाआरती
पितृपक्ष मेले के दौरान फल्गु नदी के तट पर महाआरती का आयोजन भी किया जाएगा. जरूरतमंद श्रद्धालुओं की आवाजाही आसान बनाने के लिए ई-रिक्शा चलाने की व्यवस्थाा होगी. श्रद्धालुओं की मदद के लिए विशेष हेल्पलाइन भी तैयार की जा रही है.
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धार्मिक स्थलों पर मिलेंगे गाइड और ब्रॉशर
पर्यटक सूचना केंद्र के साथ प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर गाइड की प्रतिनियुक्ति की जाएगी. यहां तोरण द्वार लगाए जाएंगे और पितृपक्ष से जुड़ी जानकारी वाला ब्रॉशर भी उपलब्ध करायाा जाएगा. श्रद्धालुओं के लिए यात्रा पैकेज और ई-पिंडदान की सुविधाा भी तैयार की जा रही है.
120 करोड़ से बन रही आधुनिक धर्मशाला
पर्यटन सचिव लोकेश कुमार सिंह के अनुसार, गया में 120 करोड़ रुपये की लागत से 1000 बेड वाली आधुनिक धर्मशाला का निर्माण कराया जा रहा है. इससे पितृपक्ष के अलावा पूरे साल गयाजी आाने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर आवास मिल सकेगा.
होमस्टे योजना में प्रमुख धार्मिक स्थल शामिल
मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना में विष्णुपद मंदिर, महाबोधि मंदिर, डुंगेश्वरी मंदिर और गुरपा पहाड़ी को शामिल किया गया है. पात्र लाभार्थियों को इस योजना के तहत 11 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता मिल सकेगी. साथ ही विष्णुपद मंदिर के आसपाास विश्वस्तरीय कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव भी है.
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