गणेश चतुर्थी का त्योहार भगवान गणेश को समर्पित है. भगवान गणेश विघ्नहर्ता हैं और उनकी पूजा करने से जीवन में आने वाली परेशानियां दूर होती हैं. इस साल गणेश चतुर्थी की शुरुआत 14 सितंबर को हुई थी. अब बप्पा की विदाई का समय आ गया है. गणेश विसर्जन यानी अनंत चतुर्दशी शुक्रवार, 25 सितंबर को मनाई जाएगी. गणेश जी विदाई से पहले उनकी विधि विधान से पूजा की जाती है. गणेश चतुर्थी के दिन घर लाई बप्पा की मूर्ति को नदी, तालाब या समुद्र में विसर्जित किया जाता है. चलिए आपको बताते हैं गणेश विसर्जन से पहले क्या करें और बप्पा की विदाई पूजा कैसे करें?
गणेश विसर्जन मुहूर्त 2026
- प्रात- मुहूर्त (चर, लाभ, अमृत) - 06:11 AM से 10:42 AM
- अपराह्न मुहूर्त (चर) - 04:44 PM से 06:14 PM
- अपराह्न मुहूर्त (शुभ) - 12:13 PM से 01:43 PM
- रात्रि मुहूर्त (लाभ) - 09:14 PM से 10:43 PM
विसर्जन से पहले क्या करना चाहिए?
गणपति विसर्जन से पहले पूजा और आरती की जाती है. गणपति को नैवेद्य अर्पित करके उनसे परिवार पर कृपा बनाए रखने की प्रार्थना की जाती है. इसके बाद श्रद्धापूर्वक गणपति को विदाई दी जाती है. आपके घर के आस-पास कोई नदी, तालाब या समुद्र नहीं है तो घर पर भी गणपति बप्पा की प्रतिमा का विसर्जन कर सकते हैं.
गणेश विसर्जन की सही पूजा विधि
अंतिम पूजन- विसर्जन से पहले बप्पा को स्नान कराएं. उन्हें नए वस्त्र, चंदन, रोली, अक्षत और दूर्वा घास अर्पित करें.
भोग और आरती- गणेश जी को मोदक, लड्डू और फल का भोग लगाएं. इसके बाद परिवार सहित कपूर या दीपक जलाकर उनकी आरती करें.
क्षमा प्रार्थना- पूजा के दौरान हुई किसी भी भूल या त्रुटि के लिए भगवान गणेश से हाथ जोड़कर क्षमा मांगें और परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना करें.
दही-चावल का शगुन- विदाई से ठीक पहले गणेश जी की हथेली पर थोड़ा सा दही और चावल रखें, क्योंकि यह मान्यता है कि इससे बप्पा अगले वर्ष जल्दी लौटकर आते हैं.
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