Solar And Lunar Eclipse 2026: अगस्त 2026 सिर्फ त्योहारों की वजह से ही नहीं, बल्कि आसमान में होने वाली दो बड़ी घटनाओं की वजह से भी खास रहने वाला है. इस महीने सिर्फ 16 दिनों के अंदर पहले सूर्य ग्रहण और फिर चंद्र ग्रहण लगेगा. अच्छी बात ये है कि दोनों ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देंगे, इसलिए यहां सूतक काल भी नहीं माना जाएगा. लेकिन ज्योतिष में ग्रहण को सिर्फ आसमान में दिखने वाली घटना नहीं माना जाता. ग्रहों की चाल और राशियों पर इसके असर की भी चर्चा होती है. ऐसे में लोगों के मन में ये जानने की उत्सुकता है कि ये दोनों ग्रहण कब लगेंगे, कहां दिखाई देंगे और इनका क्या महत्व है.
अगस्त में कब लगेंगे दोनों ग्रहण? (When Will The Two Eclipses Happen In August)
अगस्त 2026 में पहला ग्रहण 12 अगस्त को सूर्य ग्रहण के रूप में लगेगा. इसके बाद 27 और 28 अगस्त की रात चंद्र ग्रहण होगा. दोनों ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देंगे. इसलिए यहां सूतक काल मान्य नहीं होगा. हालांकि ज्योतिष के अनुसार ग्रहों की स्थिति की वजह से इन ग्रहणों को खास माना जा रहा है.
ग्रहण को क्यों माना जाता है खास? (Why Is Eclipse Considered Important)
ज्योतिष के अनुसार सूर्य को मान-सम्मान, आत्मविश्वास और सफलता का प्रतीक माना जाता है. वहीं चंद्रमा मन और भावनाओं से जुड़ा माना जाता है. ग्रहण के समय राहु और केतु की स्थिति भी अहम होती है. माना जाता है कि इसका असर हर व्यक्ति की कुंडली के हिसाब से अलग-अलग हो सकता है. इसलिए किसी के जीवन में छोटे तो किसी के जीवन में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं.
किन देशों में दिखेंगे दोनों ग्रहण? (Where Will The Eclipses Be Visible)
12 अगस्त का पूर्ण सूर्य ग्रहण ग्रीनलैंड, आइसलैंड और उत्तरी स्पेन के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा. वहीं यूरोप, उत्तरी अफ्रीका और उत्तरी अमेरिका के कई इलाकों में आंशिक सूर्य ग्रहण देखा जा सकेगा. इसके बाद 27 और 28 अगस्त का चंद्र ग्रहण उत्तर और दक्षिण अमेरिका के ज्यादातर हिस्सों के साथ यूरोप और अफ्रीका के कई देशों में दिखाई देगा.

Photo Credit: File Photo
ग्रहण के समय क्या करें? (What To Do During Eclipse)
ज्योतिष में ग्रहण के समय भगवान का ध्यान करना, मंत्र जाप करना और दान करना शुभ माना जाता है. साथ ही गुस्सा करने, बेवजह बहस करने और नकारात्मक सोच से दूर रहने की सलाह दी जाती है. चूंकि ये दोनों ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देंगे, इसलिए यहां सूतक काल नहीं माना जाएगा.
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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