दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान (DJJS) द्वारा आयोजित 36वें 'श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव 2026' का गुरुवार को दिल्ली के द्वारका सेक्टर-10 स्थित डीडीए ग्राउंड में भव्य शुभारंभ हुआ. दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी के दिव्य मार्गदर्शन में आयोजित यह महोत्सव आध्यात्मिकता, संगीत, नृत्य, रंगमंच और सामाजिक जागरूकता का अनूठा संगम बनकर सामने आया. दो दिवसीय इस महोत्सव के पहले दिन हजारों श्रद्धालुओं और दर्शकों ने भाग लिया. कार्यक्रम में श्रीकृष्ण के जीवन, उनकी शिक्षाओं और गीता के संदेश को आकर्षक प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शाया गया. इस अवसर पर डीजेजेएस के वैश्विक केंद्रों से आए 1,000 से अधिक स्वामी और साध्वियां भी उपस्थित रहे.
सांस्कृतिक और आध्यात्मिक यात्रा
पहले दिन के कार्यक्रम का शुभारंभ दिव्य ज्योति वेद मंदिर (DJVM) के पीले वस्त्र धारण किए सैकड़ों वेद-पाठियों द्वारा 'शुक्ल यजुर्वेद रुद्राष्टाध्यायी' के पाठ के साथ हुआ. इसके बाद मनमोहक सांस्कृतिक और आध्यात्मिक प्रस्तुतियों का सिलसिला शुरू हुआ.

गोवर्धन लीला: गोवर्धनधारी के रूप में श्री कृष्ण के दिव्य प्रकटीकरण को दर्शाने वाली एक शानदार संगीतमय नाटिका, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया.
मधुराष्टकम: श्री कृष्ण के दिव्य आकर्षण को दर्शाने वाली एक अद्भुत फ्यूजन नृत्य प्रस्तुति.
भजन क्लबिंग: डीजेजेएस के युवा प्रकल्प 'सैम' (SAM) के म्यूजिकल बैंड 'इटरनल ब्लिस' (Eternal Bliss) द्वारा पारंपरिक भजनों और आधुनिक संगीत का एक ऊर्जावान फ्यूजन, जिसने दर्शकों को भक्ति के एक अनूठे रंग में रंग दिया.
विशेष अतिथि हुए शामिल
इस कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री एवं भाजपा दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष श्री हर्ष मल्होत्रा, पश्चिमी दिल्ली की सांसद श्रीमती कमलजीत सहरावत तथा पूर्व WWE वर्ल्ड हैवीवेट चैंपियन द ग्रेट खली विशेष रूप से मौजूद रहे. सभी अतिथियों ने मंच की रंगारंग प्रस्तुतियों की सराहना की और विशाल जनसमूह को संबोधित किया.

एक बेहतर समाज के लिए सामूहिक 'कृष्ण संकल्प'
इस आयोजन में एक सामूहिक शपथ ग्रहण समारोह ने एक मजबूत सामाजिक और आध्यात्मिक आयाम जोड़ दिया. मंच पर उपस्थित मुख्य अतिथियों, डीजेजेएस के संन्यासियों और हजारों दर्शकों ने मिलकर 'कृष्ण संकल्प' लिया. श्री कृष्ण का नाम लेते हुए, सभी ने अपने जीवन में धर्म, जिम्मेदारी और सकारात्मक बदलाव के आदर्शों को आत्मसात करने की शपथ ली. इस सामूहिक संकल्प ने इस उत्सव को केवल एक सांस्कृतिक आयोजन से बढ़ाकर, एक जागरूक, दयालु और नशामुक्त समाज के निर्माण की दिशा में एक साझा प्रतिबद्धता में बदल दिया.

नशामुक्त भारत के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता (MoU)
समारोह के दौरान सामाजिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण घोषणा भी की गई. डीजेजेएस के सामाजिक प्रकल्प 'बोध' (Bodh) ने 'नशामुक्त भारत' के उद्देश्य के लिए सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के साथ दो साल के सहयोग (collaboration) की शुरुआत की है.

परंपरा और तकनीक का संगम: डिजिटल एआई जोन (Digital AI Zone)
प्राचीन ज्ञान को आधुनिक युवाओं से जोड़ते हुए, कार्यक्रम में विशेष रूप से तैयार किए गए 'डिजिटल कल्चरल एआई जोन' ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया. यहां उपस्थित लोगों ने भगवान कृष्ण के साथ इंटरैक्टिव सेल्फी ली, 'जेस्चर-गेमिफिकेशन' (gesture-gamification) तकनीक के माध्यम से गोवर्धन पर्वत उठाया और वर्चुअली आधुनिक बुराइयों की मटकियां फोड़ीं.
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