Navdurga Ki Puja Ke Labh: सनातन परंपरा में चैत्र शुक्लपक्ष की प्रतिपदा से लेकर नवमी तिथि को शक्ति की साधना-आराधना के लिए अत्यंत ही शुभ, पवित्र और पुण्यदायी माना गया है. नवरात्रि के इन 09 दिनों शक्ति के साधक अलग-अलग दिन देवी दुर्गा के अलग-अलग दिव्य स्वरूप की पूजा करते हैं. पौराणिक मान्यता के अनुसार नवदुर्गा के लिए प्रत्येक दिन की जाने वाली पूजा का अपना एक अलग महत्व होता है. आइए जानते हैं कि चैत्र नवरात्रि में मां भगवती के किस स्वरूप की पूजा करने पर क्या लाभ मिलता है.
चैत्र नवरात्रि पर 09 दिनों की पूजा के 09 बड़े लाभ

मां शैलपुत्री की पूजा का फल
चैत्र नवरात्रि के पहले दिन भगवती दुर्गा के शैलपुत्री स्वरूप की पूजा का विधान है. हिंदू मान्यता के अनुसार मां शैलपुत्री की पूजा करने पर कुंडली का चंद्रदोष दूर होता है और माता के आशीर्वाद से साधक के जीवन में स्थिरता और ताकत बनी रहती है.
मां ब्रह्मचारिणी की पूजा का फल
हिंदू मान्यता के अनुसार चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने पर साधक की बुद्धि का विकास होता है और उसके भीतर धैर्य रखने की क्षमता बढ़ती है. हिंदू मान्यता के अनुसार मां ब्रह्मचारिणी का संबंध मंगल ग्रह से है. ऐसे में नवरात्रि के दूसरे दिन माता की पूजा करने पर कुंडली का मंगल दोष दूर होता है और जीवन में सब मंगल ही मंगल होता है.
मां चंद्रघंटा की पूजा का फल
चैत्र नवरात्रि के तीसरे दिन देवी चंद्रघंटा की विधि-विधान से पूजा करने पर साधक को शुक्र ग्रह की शुभता और सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होती है तथा उसके जीवन से जुड़ी सारी नकारात्मकता दूर होती है.

मां कूष्मांडा की पूजा का फल
चैत्र नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा करने पर साधक को सूर्य ग्रह की शुभता, अच्छी सेहत और सकारात्मक ऊर्जा का वरदान प्राप्त होता है. देवी कूष्मांडा के आशीर्वाद से साधक के जीवन से जुड़ी सारी बाधाएं दूर होती हैं और शत्रुओं का नाश होता है.
मां स्कंदमाता की पूजा का फल
चैत्र नवरात्रि के पांचवे दिन मां स्कंदमाता की पूजा करने पर साधक को सुख, समृद्धि और मानसिक शांति प्राप्त होती है. मां स्कंदमाता का संबंध बुध ग्रह से माना जाता है, इसलिए उनकी पूजा बुध के शुभ फल दिलाती है.
मां कात्यायनी की पूजा का फल
चैत्र नवरात्रि के छठे दिन माता कात्यायनी की पूजा करने पर साधक को मान-सम्मान, कार्यों में मनचाही सफलता और सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होती है. मां कात्यायनी की पूजा से साधक को गुरु ग्रह के शुभ फल प्राप्त होते हैं.

मां कालरात्रि की पूजा का फल
चैत्र नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा करने पर साधक के जीवन से जुड़े सभी प्रकार के भय और नकारात्मक विचार दूर होते हैं. मां कालरात्रि का संबंध शनि ग्रह से माना जाता है, इसलिए उनकी पूजा शनि दोष से भी मुक्ति दिलाती है.
मां महागौरी की पूजा का फल
चैत्र नवरात्रि का आठवें दिन मां महागौरी की पूजा करने पर साधक को जीवन से जुड़े सभी सुख प्राप्त होते हैं. मां महागौरी की साधना जातक की कुंडली के राहु से जुड़े कष्टों और बाधाओं को दूर करती है.
मां सिद्धिदात्री की पूजा का फल
चैत्र नवरात्रि के नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा करने पर साधक के सभी कार्य समय पर मनचाहे तरीके से सिद्ध होते हैं. मां सिद्धिदात्री की पूजा से केतु के कष्टों से मुक्ति मिलती है और व्यक्ति जीवन के सभी क्षेत्रों में सफलता प्राप्त करता है.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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