Maa Kalratri Aarti in Hindi: चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri) का सातवां दिन (Chaitra Navratri 2025 Day 7) मां कालरात्रि (Maa Kalratri) को समर्पित है. मां कालरात्रि को अंधकार और दुष्ट शक्तियों का नाश करने वाली देवी माना जाता है. मां कालरात्रि को काली, महाकाली, भद्रकाली, भैरवी, चंडी आदि नामों से भी जाना जाता है. मां की चार भुजाएं हैं जिसमें एक हाथ में उन्होंने तलवार, दूसरे में लौह अस्त्र धारण किया हुआ है. मां का तीसरा हाथ अभय मुद्रा में और चौथा हाथ वरमुद्रा में है. मां कालरात्रि का वाहन गर्दभ है. मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि के सातवें दिन इनकी पूजा करने से नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है और अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है.
चैत्र नवरात्रि के सातवें दिन कालरात्रि मां की पूजा के बाद उनकी आरती गाने का नियम है. मां की आरती के बिना पूजा अधूरी मानी जाती है. ऐसे में पूजा के बाद आप यहां से पढ़कर कालरात्रि की आरती गा सकते हैं.
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मां कालरात्रि की आरती (Maa Kalratri Ki Aarti Lyrics)
कालरात्रि जय-जय-महाकाली ।
काल के मुह से बचाने वाली ॥
दुष्ट संघारक नाम तुम्हारा ।
महाचंडी तेरा अवतार ॥
पृथ्वी और आकाश पे सारा ।
महाकाली है तेरा पसारा ॥
खडग खप्पर रखने वाली ।
दुष्टों का लहू चखने वाली ॥
कलकत्ता स्थान तुम्हारा ।
सब जगह देखूं तेरा नजारा ॥
सभी देवता सब नर-नारी ।
गावें स्तुति सभी तुम्हारी ॥
रक्तदंता और अन्नपूर्णा ।
कृपा करे तो कोई भी दुःख ना ॥
ना कोई चिंता रहे बीमारी ।
ना कोई गम ना संकट भारी ॥
उस पर कभी कष्ट ना आवें ।
महाकाली माँ जिसे बचाबे ॥
तू भी भक्त प्रेम से कह ।
कालरात्रि माँ तेरी जय ॥
बीज मंत्र
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं कालरात्र्यै नमः॥
स्तोत्र मंत्र
या देवी सर्वभूतेषु मां कालरात्रि रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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