
प्रदूषण मामले में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने दिल्ली पुलिस को फटकार लगाई है. जस्टिस अरुण मिश्रा ने कहा कि अगले साल मार्च में जब केंद्र सरकार पूरे देश में BS-6 ईंधन और इंजन से वाहन चलवाने के इंतजाम का दावा कर रही है तो दिल्ली पुलिस ने जेल और कैदियों को लाने ले जाने के लिए BS-4 ईंधन और इंजन वाले 97 वाहन क्यों खरीद रही है? दरअसल, पुलिस की वाहन खरीद प्रक्रिया चल रही है, जिस पर आपत्ति जताते हुए कोर्ट ने पुलिस को फटकारा है. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को बीएस-6 मानक वाले वाहन खरीदने पर विचार करने को कहा. दिल्ली पुलिस ने न्यायालय से 2000 सीसी और उससे अधिक क्षमता वाले डीजल वाहनों के पंजीकरण को अनुमति देने का अनुरोध किया है.
न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने कहा कि बीएस-6 मानक वाले डीजल वाहन अगले साल जनवरी से बाजार में उपलब्ध होंगे और पुलिस को बीएस-4 मानक वाले वाहन खरीदने के बजाय उन्हें खरीदना चाहिए. उच्चतम न्यायालय ने पुलिस विभाग द्वारा खरीदे जाने वाले 97 डीजल वाहनों के पंजीकरण की अनुमति मांगने वाली पुलिस की अर्जी पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की. याचिका में दिल्ली सरकार के पंजीकरण प्राधिकरण को 2000 सीसी और उससे अधिक इंजन क्षमता वाले भारी डीजल वाहनों के पंजीकरण को भी अनुमति देने के लिए निर्देश देने की मांग की गई.
पुलिस ने कहा कि उन्हें पानी की बौछार करने वाले 10 वाहन, 30 ट्रक या मिनी ट्रक, 10 पानी के टैंकर और 12 दंगा नियंत्रक वाहनों समेत 97 डीजल वाहनों की जरूरत है. उसने कहा कि पहले उच्चतम न्यायालय ने पुलिस के लिए कुल 295 डीजल वाहन खरीदने की मंजूरी दी थी. शीर्ष न्यायालय ने दिसंबर 2015 में दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में 31 मार्च 2016 तक 2000 सीसी और उससे अधिक इंजन क्षमता वाली निजी कारों और एसयूवी समेत डीजल वाहनों के पंजीकरण पर रोक लगा दी थी. (इनपुट-भाषा)
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं