- दिल्ली में मानसून की पहली बारिश के बाद मिंटो ब्रिज पर पानी नहीं भरा, जिससे ट्रैफिक सुचारू रूप से चला
- पुल प्रह्लाद पुर अंडरपास में ड्रेनेज सुधार के कारण इस बार जलभराव नहीं हुआ मगर आसपास के इलाकों में पानी जमा रहा
- वेस्ट विनोद नगर की सर्विस रोड पर नालों की सफाई और पंप लगाने से बारिश में पानी जमा नहीं होने दिया गया
भयंकर गर्मी के बाद दिल्ली में मॉनसून की पहली बारिश हुई. ऐसे में हर साल बारिश के बाद जलभराव वाली छह जगहों का एनडीटीवी ने जायजा लिया. उत्सुकता बस इतनी थी कि मानसून की पहली बारिश ने सरकारी दावे कि कितनी धुलाई की? क्या रेखा गुप्ता सरकार ने मॉनसून को लेकर जमीन पर कुछ काम भी किया या नहीं?
पहला स्पॉट: कनॉट प्लेस का मिंटो ब्रिज
दिल्ली का दिल कहा जाने वाले कनॉट प्लेस से अजमेरी गेट जाने वाले महत्वपूर्ण रास्ते मिंटो ब्रिज के नीचे पानी मॉनसून में कई साल से भरता रहा है. बीते दो साल से मिंटो ब्रिज पर पानी भरने की रफ्तार में कमी आई है. इस साल लगातार बारिश के बावजूद मिंटू ब्रिज पर पानी नहीं भरा. ट्रैफिक स्मूथ चलता रहा.

दूसरा स्पॉट: पुल प्रह्लाद पुर अंडरपास
मॉनसून में पुल प्रह्लाद पुर अंडरपास पर भी हमेशा पानी भर जाता था. यहां कई गाड़ियों के फंसे होने की तस्वीर आम रहती थी, लेकिन इस बार पुल प्रह्लाद पुर के अंडरपास में पानी नहीं दिखा. हां, मेहरौली बदरपुर रोड पर जगह-जगह पानी जरूर भरा था. इससे ट्रैफिक काफी स्लो चल रहा था, लेकिन पुल प्रह्लाद पुर के ड्रेनेज सिस्टम को बेहतर किया गया है. इसी वजह से यहां कोई पंप भी हमारी टीम को नहीं दिखा.
तीसरा स्पॉट: वेस्ट विनोद नगर की सर्विस रोड
मॉनसून में तीसरा सबसे चर्चित जलभराव का हॉटस्पॉट NH-9 से सटा वेस्ट विनोद नगर की सर्विस रोड थी. जब मनीष सिसोदिया यहां से विधायक थे, तब बीजेपी के पार्षद रहे रवि नेगी उस जलभराव में प्लास्टिक की नाव चलाकर मीडिया में खूब वायरल होते रहे हैं. इस बार यहां तीन-तीन पंप के साथ पीडीब्ल्यूडी ने नालों की भी सफाई कर दी है. इसके चलते यहां पानी का जमाव नहीं दिखा.
चौथा स्पॉट: आईटीओ
तीन साल पहले ITO की तस्वीर बड़ी वायरल हुई थी. ये दिल्ली के चारों ओर जाने का एक प्रमुख जंक्शन प्वाइंट है, लेकिन यहां ड्रेनेज के गेट में खराबी और ITO के नाले की वजह से पानी यहां भर गया था. इससे दिल्ली की रफ्तार थम सी गई थी. बीते दो साल में ITO में नया ड्रेनेज सिस्टम बनाया गया. यही कारण रहा कि इस बार पानी नहीं भर सका. यातायात की रफ्तार बारिश की वजह से थमी नहीं.

पांचवा स्पॉट: खजूरी खास पुलिस स्टेशन
पांचवां सबसे बड़ा जलभराव का हॉटस्पॉट खजूरी खास पुलिस स्टेशन था. बृहस्पतिवार को हुई बारिश में भी थाने के सामने चार-चार फीट पानी भरा दिखा. सारी गाड़ियां पानी में डूबी हुई थीं. हमारे सहयोगी शाम में जब यहां पहुंचे तो पता चला कि यहां भी कई साल से जलभराव होता है, लेकिन शायद उत्तरी पूर्वी का इलाका होने के चलते यहां के जलभराव पर अभी सरकार का ध्यान नहीं है. यही वजह है कि इस रोड पर पानी भरे होने की वजह से यहां सन्नाटा दिखा.
छठा स्पॉट: सदर बाजार का तेलीवाड़ा इलाका
सदर बाजार का तेलीवाड़ा इलाके में इस बार भी बारिश होने के चलते पूरे बाजार में पानी भरा रहा. हमारे सहयोगी हरिकिशन शर्मा ने बताया कि सीवर और नालों की सफाई न होने से और बड़ी तादात में कचरा फंस जाने की वजह से पानी की निकासी नहीं हो पाई. दो दिन पहले भी यहां पानी भरने से व्यापारी परेशान थे.

इस हिसाब से देखा जाए तो दिल्ली सरकार के इस मानसून में कामकाज को 6 में से 4 नंबर मिलते हैं. हालांकि, सरकार का कहना है कि पिछले साल के मुकाबले इस साल 5 हजार मिट्रिक टन कचरा ज्यादा निकाला गया है, लेकिन उसके बावजूद सरकार को ज्यादा काम करने की जरूरत है.
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