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असली नोटों की गड्डी में फंसाए नकली नोट, दिल्ली के कारोबारी को 25 लाख की चपत लगाने वाले ऐसे धरे गए

Delhi Fake Currency Racket Busted: पुलिस इस गिरोह के मास्टरमाइंड और छपाई के ठिकाने का पता लगा रही है. शक है कि इसके तार अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं. फोरेंसिक जांच के लिए बरामद नोटों को लैब भेजा जाएगा ताकि यह पता चल सके कि इन्हें छापने के लिए किस तरह की तकनीक और कागज का इस्तेमाल किया गया.

असली नोटों की गड्डी में फंसाए नकली नोट, दिल्ली के कारोबारी को 25 लाख की चपत लगाने वाले ऐसे धरे गए
दिल्ली में फेक करेंसी गैंग का पर्दाफाश. (AI फोटो)
  • दिल्ली पुलिस ने सराय रोहिल्ला इलाके में 25 लाख रुपये के नकली नोटों की जालसाजी का पर्दाफाश किया
  • ठगों के गिरोह ने ग्लास कारोबारी को 28 लाख के ऑर्डर के नाम पर नकली नोटों से 25 लाख रुपये ठगने का प्रयास किया
  • पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के बाद आरोपियों को मेट्रो स्टेशन के पास रंगे हाथों गिरफ्तार किया
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नई दिल्ली:

दिल्ली पुलिस ने 25 लाख रुपये के नकली नोटों की जालसाजी का पर्दाफाश किया है. मामला सराय रोहिल्ला इलाके का है. जहां ठगों के एक शातिर गिरोह ने ग्लास कारोबारी को अपना शिकार बनाया, लेकिन कारोबारी की बहादुरी और दिल्ली पुलिस की तत्परता ने इस गिरोह के मंसूबों पर पानी फेर दिया. 28 लाख के ऑर्डर के नाम पर 25 लाख की फर्जी करेंसी खपाने वाले गिरोह को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया. सराय रोहिल्ला पुलिस ने एक शातिर जालसाज को धर दबोचा. 

असली नोटों के बीच नकली नोटों की गड्डियां

ग्लास कारोबारी से 25 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई. आरोपियों ने असली नोटों के नाम पर बीच में लगाकर नकली नोटों की गड्डियां थमा दीं. यह घटना नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट दिल्ली के सराय रोहिल्ला थाना क्षेत्र की है, जबकि आरोपियों की गिरफ्तारी शास्त्री नगर मेट्रो स्टेशन के पास से हुई.

ठगी के तुरंत बाद पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने जाल बिछाया और आरोपियों को दोबारा बुलाकर रंगे हाथों धर दबोचा. आरोपियों का मकसद बड़े माल का लालच देकर कारोबारी से लाखों की ठगी करना और बाजार में फेक करेंसी को खपाना था.

कैसे हुई धोखाधड़ी?

गिरोह ने 28 लाख रुपये के माल का ऑर्डर दिया. भुगतान के समय सीलबंद पैकेट दिए गए, जिनमें ऊपर नीचे असली और बीच में नकली नोट थे. कारोबारी ने शक होने पर पुलिस को सूचित किया और दोबारा आरोपियों को बुलाकर उन्हें पकड़वा दिया. यह मामला दिखाता है कि दिल्ली जैसे व्यापारिक केंद्रों में अपराधी अब केवल सीधे लूट नहीं, बल्कि विश्वास में लेकर ठगी कर रहे हैं. फर्जी करेंसी का इतनी बड़ी मात्रा में मिलना आर्थिक सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है. अगर यह गिरोह नहीं पकड़ा जाता, तो लाखों के यह नकली नोट बाजार में घूमते, जिससे न केवल अर्थव्यवस्था को नुकसान होता बल्कि कई छोटे व्यापारी भी अनजाने में अपराधी बन जाते.

गिरोह के मास्टरमाइंड और छपाई के ठिकाने की तलाश

पुलिस अब इस गिरोह के मास्टरमाइंड और छपाई के ठिकाने का पता लगा रही है. शक है कि इसके तार अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं. फोरेंसिक जांच के लिए बरामद नोटों को लैब भेजा जाएगा ताकि यह पता चल सके कि इन्हें छापने के लिए किस तरह की तकनीक और कागज का इस्तेमाल किया गया.

नकदी के लेन-देन में सतर्क रहें

व्यापारियों के लिए सबक है कि नकद लेनदेन को लेकर व्यापारियों विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए. किसी भी बड़े ऑर्डर या नकद लेनदेन के समय नोटों की अच्छी तरह जांच करें. शक होने पर तुरंत पुलिस (112) को सूचित करें. आरोपियों पर जालसाजी और नकली नोटों के संचलन जैसी गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा चलाया जाएगा.


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