- दिल्ली मेट्रो ने सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड के साथ लास्ट माइल कनेक्टिविटी सेवा शुरू करने का समझौता किया है
- शुरुआत में दस मेट्रो स्टेशनों से बाइक टैक्सी, ऑटो और कैब की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी और योजना का विस्तार होगा
- मेट्रो की सारथी ऐप को भारत टैक्सी ऐप से जोड़ा जाएगा, जिससे यात्रियों को सुविधा होगी
दिल्ली-NCR में सफर करने वालों के लिए एक अच्छी खबर है. अब मेट्रो से उतरने के बाद घर पहुंचने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा. अब मेट्रो स्टेशन से घर पहुंचने की टेंशन भी खत्म होने वाली है. दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने लास्ट माइल कनेक्टिविटी को आसान और व्यवस्थित बनाने के लिए सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड के साथ अहम समझौता किया है. इस करार के तहत मेट्रो यात्रियों को स्टेशन से उतरते ही बाइक टैक्सी, ऑटो-रिक्शा और कैब की सुविधा मिलेगी.
प्रदूषण कम करने की दिशा में बड़ा कदम
DMRC की यह पहल शहरी परिवहन को और सुगम बनाने के साथ-साथ प्रदूषण कम करने की दिशा में भी बड़ा कदम मानी जा रही है. मेट्रो पहले ही NCR में सार्वजनिक परिवहन की रीढ़ बन चुकी है और अब स्टेशन से घर या दफ्तर तक का सफ़र भी पहले से कहीं ज़्यादा आसान और सुविधाजनक होगा.
10 मेट्रो स्टेशनों से शुरुआत, 2 पर पायलट प्रोजेक्ट
इस योजना के शुरुआती चरण में दिल्ली मेट्रो के 10 चिन्हित स्टेशनों से लास्ट माइल कनेक्टिविटी सेवाएं शुरू की जाएंगी. वहीं पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर मिलेनियम सिटी सेंटर औबॉटनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन पर 31 जनवरी 2026 तक समर्पित बाइक टैक्सी सेवाएं शुरू होंगी. इसके बाद यात्रियों की प्रतिक्रिया और ज़मीनी अनुभव के आधार पर योजना का विस्तार किया जाएगा.
DMRC सारथी और ‘भारत टैक्सी' ऐप होगा इंटीग्रेट
यात्रियों को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पूरी यात्रा की सुविधा देने के लिए ‘भारत टैक्सी' मोबाइल ऐप को DMRC की ‘सारथी' ऐप से जोड़ा जाएगा. इससे यात्री मेट्रो टिकट के साथ-साथ बाइक टैक्सी, ऑटो या कैब की बुकिंग, किराए का अनुमान और वाहन की लाइव ट्रैकिंग भी कर सकेंगे.
किराया रहेगा किफायती, पीक टाइम सरचार्ज सीमित
DMRC के अनुसार किराए बाजार दरों के अनुरूप और प्रतिस्पर्धी रखे जाएंगे. पीक आवर्स में किराए में बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े, इसके लिए अधिकतम सीमा तय की जाएगी.
स्टेशनों पर साइनज और जानकारी की व्यवस्था
यात्रियों को जागरूक करने और सुविधा बढ़ाने के लिए मेट्रो स्टेशनों पर साइन बोर्ड लगाए जाएंगे, जिनमें लास्ट माइल कनेक्टिविटी सेवाओं, बुकिंग प्रक्रिया और पिक-अप प्वाइंट से जुड़ी जानकारी दी जाएगी.
ट्रैफिक और वायु प्रदूषण दोनों होंगे कम
DMRC का कहना है कि बेहतर लास्ट माइल कनेक्टिविटी से निजी वाहनों पर निर्भरता घटेगी, जिससे सड़क पर ट्रैफिक और वायु प्रदूषण दोनों कम होंगे. यह पहल टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल शहरी परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में अहम मानी जा रही है.
DMRC को उम्मीद है कि इस एकीकृत लास्ट माइल कनेक्टिविटी से ज्यादा लोग मेट्रो को प्राथमिकता देंगे और दिल्ली-NCR में सार्वजनिक परिवहन और भी मज़बूत होगा.
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