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10+ राज्य, 5000 से ज्यादा पुलिसकर्मी... साइबर क्राइम के खिलाफ चला दिल्ली पुलिस का 'ऑपरेशन साइहॉक 3.0' क्या है?

दिल्ली पुलिस ने दो दिन देशभर के 10 से ज्यादा राज्यों में साइबर ठगी के खिलाफ एक बड़ा ऑपरेशन चलाया. इसे 'ऑपरेशन साइहॉक 3.0' नाम दिया गया है.

10+ राज्य, 5000 से ज्यादा पुलिसकर्मी... साइबर क्राइम के खिलाफ चला दिल्ली पुलिस का 'ऑपरेशन साइहॉक 3.0' क्या है?
  • दिल्ली पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ ऑपरेशन साइहॉक 3.0 चलाकर दस से अधिक राज्यों में एक साथ कार्रवाई की
  • इस अभियान में म्यूल बैंक अकाउंट, फर्जी सिम कार्ड और पैसों की हेराफेरी से जुड़े नेटवर्क को निशाना बनाया गया
  • ऑपरेशन में 6552 लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया गया और 2563 के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है
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नई दिल्ली:

दिल्ली पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ अपने अभियान को और तेज करते हुए ऑपरेशन 'साइहॉक 3.0' को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है. यह हाई-इंटेंसिटी, इंटेलिजेंस-आधारित ऑपरेशन 5 और 6 फरवरी को चला, जिसमें दिल्ली के साथ-साथ देश के 10 से अधिक राज्यों में एक साथ कार्रवाई की गई. करीब 5000 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ यह ऑपरेशन साइबर ठगी के पूरे इकोसिस्टम को तोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.

क्या है ऑपरेशन साइहॉक 3.0?

ऑपरेशन साइहॉक 3.0 पिछले चार महीनों में दिल्ली पुलिस की तीसरी बड़ी साइबर कार्रवाई है. इससे साफ है कि पुलिस अब साइबर फ्रॉड के मामलों में सिर्फ शिकायत दर्ज करने तक सीमित नहीं है, बल्कि ठगों के नेटवर्क पर लगातार और रणनीतिक दबाव बना रही है. इस ऑपरेशन का मकसद था साइबर अपराधियों को दोबारा संगठित होने का मौका न देना.

इस अभियान में खास तौर पर म्यूल बैंक अकाउंट, फर्जी सिम कार्ड, डिजिटल सुविधाकर्ता और पैसों की हेराफेरी से जुड़े नेटवर्क को निशाना बनाया गया. जांच में सामने आया कि यही म्यूल अकाउंट और डिजिटल ढांचा ऑनलाइन ठगी की रीढ़ बने हुए हैं. पुलिस ने इन्हें चिन्हित कर बड़े पैमाने पर बंद कराया और कई नेटवर्क को जड़ से खत्म किया.

कहां-कहां चला ऑपरेशन?

जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि साइबर ठगों का नेटवर्क केवल दिल्ली तक सीमित नहीं था, बल्कि असम, अरुणाचल, राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, पंजाब और केरल जैसे राज्यों तक फैला हुआ था. अलग-अलग राज्यों में बैठकर ठग एक ही पैटर्न पर निवेश ठगी, जॉब फ्रॉड और ऑनलाइन स्कैम को अंजाम दे रहे थे.

ऑपरेशन साइहॉक 3.0 के दौरान 6552 लोगों को पूछताछ के लिए राउंड अप किया गया, जबकि 2563 लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई. पुलिस ने 299 नए FIR दर्ज किए और 262 पुराने मामलों को जोड़ा. इसके अलावा 3180 NCRP शिकायतों को लिंक किया गया, जिनमें कुल मिलाकर 627 करोड़ रुपये की ठगी का खुलासा हुआ.

कार्रवाई के दौरान सिर्फ डिजिटल सबूत ही नहीं, बल्कि भारी मात्रा में नकद, सोना-चांदी, कीमती धातुएं और क्रिप्टोकरेंसी भी बरामद की गई. एक मामले में 22 लाख रुपये नकद और करीब 1.8 किलो सोना-चांदी मिली, जबकि दूसरे केस में 9.28 करोड़ की निवेश ठगी से जुड़ा नेटवर्क पकड़ा गया. वहीं असम और तवांग से जुड़े एक मामले में  30 लाख की क्रिप्टोकरेंसी फ्रीज की गई.

दिल्ली पुलिस की जनता से अपील

दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या लिंक को तुरंत 1930 हेल्पलाइन या NCRP पोर्टल पर रिपोर्ट करें. पुलिस ने साफ किया कि 'डिजिटल अरेस्ट' जैसी कोई प्रक्रिया नहीं होती और न ही कोई सरकारी एजेंसी फोन या वीडियो कॉल पर पैसे मांगती है.

पुलिस का कहना है कि साइबर अपराध के खिलाफ लड़ाई में जागरूक नागरिक सबसे बड़ी ताकत हैं. इसी वजह से दिल्ली पुलिस स्कूलों, RWAs और सोशल मीडिया के जरिए लगातार साइबर अवेयरनेस अभियान चला रही है, ताकि लोग समय रहते सतर्क हो सकें. दिल्ली पुलिस ने दोहराया है कि ऑपरेशन साइहॉक जैसे अभियान आगे भी लगातार चलते रहेंगे.

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