दिल्ली सरकार अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ बड़े स्तर पर सख्त अभियान चला रही है. विभिन्न एजेंसियां इसको लेकर व्यापक कार्रवाई कर रही हैं, जिसमें अवैध संपत्तियों का ध्वस्तीकरण, सीलिंग और कारण बताओ नोटिस जारी किए जा रहे हैं. राजस्व विभाग ने 124 प्रॉपर्टी की जांच की है और उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई की है. इसी तरह बीते छह दिनों की अवधि में दिल्ली नगर निगम ने कुल 94 संपत्तियों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की है और 114 संपत्तियों को सील किया है.
इसके अलावा डीडीए को अतिक्रमण और अवैध निर्माणों के खिलाफ अपने प्रवर्तन तंत्र को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं. सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दिल्ली में ऐसा कोई निर्माण, व्यावसायिक गतिविधि या सार्वजनिक उपयोग की व्यवस्था संचालित न हो जो लोगों के जान-माल की सुरक्षा के लिए खतरा उत्पन्न करे.

दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग ने विभिन्न जिलों में कुल 124 स्थलों का निरीक्षण किया. विभाग के अनुसार उत्तर जिले में 10 स्थलों के निरीक्षण के बाद उल्लंघनक करने वालों को नोटिस जारी किए गए. पूर्वी जिले में 10, पश्चिम जिले में 21, दक्षिण-पश्चिम जिले में 13 और मध्य जिला (उत्तर) में 10 स्थलों के निरीक्षण के बाद भी नोटिस जारी किए गए हैं. दक्षिण जिले में 30 स्थलों के निरीक्षण के दौरान 11 परिसरों को सील किया गया और 19 मामलों में कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं.
94 अवैध संपत्तियों पर नगर निगम का सख्त एक्शन
राजधानी में अवैध निर्माणों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत 1 जून से 6 जून तक दिल्ली नगर निगम ने कुल 94 संपत्तियों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की, जबकि 114 संपत्तियों को सील किया गया. साथ ही, अनधिकृत निर्माण के मामलों में 84 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए, 41 प्रॉपर्टी को सीलिंग का नोटिस भेजा गया और 33 ध्वस्तीकरण आदेश जारी किए गए.
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