विज्ञापन
This Article is From Apr 05, 2017

निजी केस का सरकारी भुगतान? अपने ही बयानों में फंसे अरविंद केजरीवाल

निजी केस का सरकारी भुगतान? अपने ही बयानों में फंसे अरविंद केजरीवाल
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया.
  • देश के सबसे महंगे वकीलों में से एक राम जेठमलानी
  • मानहानि के केस में अरविंद केजरीवाल की तरफ़ से लड़ने के लिए 3.8 करोड़ रुपये क
  • केजरीवाल चाहते हैं कि ये फीस दिल्ली सरकार के फंड से दी जाए
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके वकील राम जेठमलानी का मामला इन दिनों चर्चा में है. दरअसल देश के सबसे महंगे वकीलों में से एक राम जेठमलानी ने अरुण जेटली द्वारा किए गए मानहानि के केस में अरविंद केजरीवाल की तरफ़ से लड़ने के लिए 3.8 करोड़ रुपये का बिल थमाया है.

केजरीवाल चाहते हैं कि ये फीस दिल्ली सरकार के फंड से दी जाए जिसपर विवाद हो गया है. केजरीवाल की दलील है कि ये उनका निजी मामला नहीं है तो बिल वो अपनी जेब से क्यों भरें. लेकिन पिछले साल अक्टूबर में कोर्ट के सामने अरविंद केजरीवाल ने इस मामले को अपना निजी मामला बताया था. तब कोर्ट में उनके ख़िलाफ़ चल रहे मानहानि के दो मामलों की सुनवाई हो रही थी.
 
note

केजरीवाल ने इस मामले को ख़त्म करने की अर्जी लगाई थी, लेकिन कोर्ट ने केस को डिसमिस करने से मना कर दिया था और अपने ऑर्डर में दोनों मामलों को निजी बताया था .

पूर्व अटर्नी जेनरल सोली सोराबजी इस पूरे मामले में कहना है कि ये केस निजी मामले में है केजरीवाल को निजी खर्च से देना चाहिए. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर केजरीवाल हिट एंड रन केस में फंस जाते हैं तो क्या दिल्ली सरकार पैसा देगी.

खुद राम जेठमलानी का कहना है कि मैं अपने अमीर क्लाइंट्स से पैसा लेता हूं. ये सब तमाशा इसीलिए किया जा रहा है क्योंकि अरुण जेटली चाहता है केजरीवाल को कोर्ट में मैं डिफ़ेंड नहीं करूं.

लेकिन इस क़दम को लेकर दिल्ली सरकार अब आलोचनाओं से घिरी है. केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इसे दिल्ली की लूट बताया है.
पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Arvind Kejriwal, Ram Jethmalani, Arun Jaitley
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com