- रैपिडो बाइक से दिल्ली से नोएडा जा रही DU छात्रा की बस की टक्कर लगने से मौत हो गई.
- छात्रा असम की रहने वाली थी, जो दिल्ली में पढ़ाई के साथ-साथ नौकरी भी कर रही थी.
- घटना के बाद छात्रा के परिजनों ने उसकी प्राइवेसी की मांग की है.
दिल्ली के पंचशील पार्क इलाके में एक सड़क हादसे में नोएडा में रहने वाली असम की छात्रा की मौत हो गई. जो दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा थी. बताया जा रहा है कि वह रैपिडो लेकर दिल्ली से नोएडा की तरफ अपने रूम आ रही थी. तभी एक तेज रफ्तार डीटीसी बस ने बाइक टैक्सी को टक्कर मार दी. 28 सितंबर के दिन हुई यह घटना पहले नोएडा का मामला बताया जा रहा था, लेकिन अब नोएडा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह घटना दक्षिण दिल्ली में हुई है. वहीं छात्रा के परिजनों ने इस मामले में प्राइवेसी की मांग की है. उनका कहना है कि उनकी लड़की अपनी प्राइवेसी को बहुत मानती थी.
दिल्ली से नोएडा आ रही थी छात्रा
दरअसल, दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित मैत्रेयी कॉलेज में पढ़ने वाली असम की छात्रा दिल्ली में ही इंटर्नशिप भी कर रही थी. 28 सितंबर को छात्रा सुबह करीब 9 बजकर 30 मिनट के आसपास रैपिडो ऐप के जरिए एक बाइक टैक्सी बुक करके आ रही थी. बाइक टैक्सी दक्षिण दिल्ली के पंचशील पार्क इलाके में चिराग दिल्ली फ्लाईओवर के पास पहुंची. तभी पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार दिल्ली परिवहन निगम की बस ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक से छात्रा दूर जा गिरीं और उसके सिर पर गंभीर चोटें आईं. घटना के तुरंत बाद आसपास के लोगों और पुलिस की मदद से उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर इलाज के बाद भी छात्रा को बचा नहीं सके.
असम से दिल्ली आए मां-बाप
घटना को लेकर छात्रा की मां ने NDTV को बताया कि उनकी बेटी को इंटर्नशिप का एक विज्ञापन मिला था और इंटरव्यू देने के बाद उन्हें चुन लिया गया था. वह रोज दिल्ली में अपने फ्लैट से नोएडा आती-जाती थीं. आम तौर पर वह मेट्रो से सफर करती थीं, लेकिन उस दिन उन्हें रैपिडो लेनी पड़ी. यह घटना उनके घर से सिर्फ पांच मिनट की दूरी पर हुई. हादसे वाले दिन को याद करते हुए उनकी मां ने बताया कि परिवार को एक महिला का फोन आया, जिसे उनकी बेटी का फोन मिला था और उसने उन्हें बताया कि उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. शुरुआत में हमें बताया गया कि उनके पैर में चोट लगी है. हमने तुरंत फ़्लाइट की टिकट बुक की और दिल्ली के लिए निकल पड़े. इस दौरान छात्रा के दोस्तों ने उसकी पूरी मदद की थी. लेकिन डॉक्टरों ने बताया कि इलाज के दौरान उसे कई बार कार्डियक अरेस्ट हुआ था, ऐसे में उसे बचाया नहीं जा सका.'
परिवार ने की प्राइवेसी की मांग
छात्रा की मां ने कहा 'उनकी बेटी बहुत होनहार थी और परिवार का ख्याल रखती थी. वह बहुत ईमानदार लड़की थीं और अपने माता-पिता का बहुत सम्मान करती थीं. वह हमेशा मुझे दवा लेने और समय पर खाना खाने की याद दिलाती थी, हमसे दूर रहने के बावजूद, वह हमारा बहुत अच्छे से ख्याल रखती थी. हमने उससे बहुत कुछ सीखा. वह पढ़ाई करने और अपना भविष्य बनाने के लिए बाहर गई थी. वह बहुत शर्मीली लड़की थी और अपनी प्राइवेसी को महत्व देती थी. इसलिए मैं नहीं चाहती कि इस घटना की जानकारी सार्वजनिक रूप से इस तरह फैलाई जाए जिससे उसकी प्राइवेसी या गरिमा को ठेस पहुंचे.' परिवार ने उन लोगों का आभार व्यक्त किया जिन्होंने दुर्घटना के बाद हृषिता की मदद की जिसमें वह महिला भी शामिल है जो उसे अस्पताल ले गई थी साथ ही उसके दोस्त और रूममेट भी शामिल हैं.
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छात्रा की मां ने कहा कि रैपिडो ड्राइवर के प्रति कोई दुर्भावना नहीं है, जो दुर्घटना में घायल भी हो गया था. हम किसी का बुरा नहीं चाहते. जो हुआ वह बहुत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है. परिवार ने कहा कि वे बस यही चाहते हैं कि मामले को सही ढंग से निपटाया जाए और लोगों से अपील की कि वे हृषिता को सम्मान के साथ याद रखें. हम बस यही प्रार्थना करते हैं कि भगवान सभी को सुरक्षित रखें और न्याय सही ढंग से हो. हम सभी से अपील करते हैं कि इस मुश्किल समय में हमारी बेटी को आशीर्वाद दें और मामले को बेवजह न उलझाएं. हम सभी से अनुरोध करते हैं कि उसकी गरिमा और प्राइवेसी का सम्मान करें.
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