प्रतीकात्मक फोटो.
- अतिक्रमण मुक्त 11 लाख वर्ग मीटर पर स्थाई ढांचे
- 3200 किलोमीटर सड़क पर अतिक्रमण किया गया
- कोर्ट ने कहा अतिक्रमण मुक्त जमीन का संरक्षण जरूरी
नई दिल्ली:
दिल्ली में सीलिंग के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की. कोर्ट ने कहा कि दिल्ली में सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण और अवैध निर्माण गम्भीर समस्या है. एसटीएफ ने काफी जमीन अवैध अतिक्रमण से मुक्त कराई है और अब उसका संरक्षण जरूरी है ताकि दोबारा अतिक्रमण न हो.
कोर्ट ने कहा कि जन सुविधा, फुटपाथ, सड़कें और पार्क पर अतिक्रमण का असर पड़ता है. सुप्रीम कोर्ट में सीलिंग को लेकर बनाई गई एसटीएफ ने कहा कि दिल्ली में 28 लाख वर्ग मीटर सरकारी जमीन पर से अवैध कब्जा हटा लिया गया है. हालांकि इसमें में 11 लाख वर्ग मीटर ऐसी जगह है जहां पर स्थाई ढांचे हैं.
VIDEO : मनोज तिवारी को सुप्रीम कोर्ट की फटकार
सुप्रीम कोर्ट ने इस आंकड़े को देखकर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि इससे समझा जा सकता है कि दिल्ली में समस्या किस कदर गंभीर है. सुप्रीम कोर्ट में एसटीफ ने बताया कि 3200 किलोमीटर सड़क पर अतिक्रमण किया गया है.
कोर्ट ने कहा कि जन सुविधा, फुटपाथ, सड़कें और पार्क पर अतिक्रमण का असर पड़ता है. सुप्रीम कोर्ट में सीलिंग को लेकर बनाई गई एसटीएफ ने कहा कि दिल्ली में 28 लाख वर्ग मीटर सरकारी जमीन पर से अवैध कब्जा हटा लिया गया है. हालांकि इसमें में 11 लाख वर्ग मीटर ऐसी जगह है जहां पर स्थाई ढांचे हैं.
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सुप्रीम कोर्ट ने इस आंकड़े को देखकर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि इससे समझा जा सकता है कि दिल्ली में समस्या किस कदर गंभीर है. सुप्रीम कोर्ट में एसटीफ ने बताया कि 3200 किलोमीटर सड़क पर अतिक्रमण किया गया है.
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