- पांडव नगर की संजय झील में नहाने गए 3 दोस्तों की डूबने से मौत.
- सौरव रावत झील में कूदा, डूबने लगा तो बचाने गए आशीष और साहिल खान भी डूब गए.
- गोताखोरों ने तीनों शवों निकाला और पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया.
पूर्वी दिल्ली के थाना पांडव नगर थाना क्षेत्र से बेहद दर्दनाक खबर आई है. इलाके में स्थित संजय झील में तीन युवकों की डूबने से मौत हो गई. मामले की जानकारी मिलने के बाद गोताखोरों की टीम बुलाई गई और कड़ी मेहनत के बाद तीनों की लाश निकाली गई. मृतकों की लाश पोस्टमार्टम के लिए लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल भेजी गई. वहीं, परिवार वालों का रो रोकर बुरा हाल है. जानकारी के मुताबिक, तीनों युवक कल्याणपुरी के रहने वाले थे.
तीनों दोस्त आशीष नौटियाल, सौरव रावत और साहिल खान संजय लेक में नहाने के लिए गए थे. इसी दौरान झील में डूबने से उनकी मौत हो गई. बताया जा रहा है कि सौरव नहाने के लिए झील में कूदा. जब वह डूबने लगा तो उसके दो दोस्त साहिल और आशीष बचाने गए. इसी दौरान, तीनों की पानी में डूबने से मौत हो गई.
पुलिस ने क्या कहा?
पीटीआई के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि मंगलवार शाम पूर्वी दिल्ली के पांडव नगर इलाके में कोटला गांव के पास संजय झील में तीन लोग डूब गए. घटना के बारे में शाम करीब 7:30 बजे PCR कॉल मिली, जिसके बाद पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची.
उन्होंने बताया कि 22 से 25 साल की उम्र के इन तीनों लोगों को पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन वे कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहे थे. पुलिस के मुताबिक, उन्हें लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल ले जाया गया, जहां कानूनी और चिकित्सीय प्रक्रिया चल रही है.
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AAP विधायक ने उठाए सवाल...
हादसे की जानकारी मिलने के बाद कोंडली विधानसभा से आम आदमी पार्टी के विधायक कुलदीप कुमार मोनू भी मौके पर पहुंचे. विधायक ने मृतकों के परिवारों से मुलाकात कर हादसे पर संवेदना जताई और गंभीर सवाल खड़े किए.
कुलदीप कुमार लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल भी पहुंचे, जहां पर पोस्टमार्टम के लिए शवों को ले जाया गया था. इस दौरान उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, "मुझे जानकारी मिली है कि संजय झील में तीन युवकों की डूबने से मौत हो गई. यह बहुत दुख की बात है. तीनों मेरे कल्याणपुरी के रहने वाले हैं. तीनों दोस्त थे."
प्रदेश सरकार पर सवाल उठाते हुए AAP विधायक ने कहा कि आखिर एक मौत के बाद ही सरकार क्यों नहीं जागी. झीलों के अंदर प्रोटेक्शन की जालियां और गार्ड्स क्यों नहीं लगाए गए हैं. उस पार्क में गार्ड नहीं थे. क्या वहां पर कोई प्रशासन का कर्मचारी नहीं था. यह डीडीए और सरकार की बड़ी लापरवाही है. सरकारी की लापरवाही की वजह से लोगों की जान जा रही है. अगर वहां पर प्रोटेक्शन होता, तो तीन बच्चे बच जाते.
विधायक कुलदीप कुमार मोनू ने कहा, "मैं चाहता हूं कि संजय लेक में और बच्चों की जान न जाए, वहां पर प्रोटेक्शन लगाया जाए. इस घटना से डीडीए और दिल्ली सरकार क्या सीख ले रही है. तीनों बच्चों के परिवार के लोग कैसे सब्र कर पाएंगे. मेरे कल्याणपुरी में पिछले एक हफ्ते में अपराध की कई घटनाएं हो चुकी हैं."
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