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AnyDesk के जरिए सॉल्वर दे रहे थे एंट्रेंस एग्जाम, दिल्ली में हाईटेक चीटिंग रैकेट का खुलासा, मुंबई-जयपुर से जुड़े तार  

एग्जाम चीटिंग रैकेट के मुख्य आरोपी हर्ष वर्धन ने बताया कि वह मुंबई के एक नामी मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट के एंट्रेंस एग्जाम में धांधली कराने का काम करता है. यह परीक्षा जयपुर में होनी थी. वह रिमोट एक्सेस के जरिए पेपर सॉल्वर से एग्जाम दिलाते थे.

AnyDesk के जरिए सॉल्वर दे रहे थे एंट्रेंस एग्जाम, दिल्ली में हाईटेक चीटिंग रैकेट का खुलासा, मुंबई-जयपुर से जुड़े तार  
Dwarka Exam Cheating Racket: रिमोट एक्सेस सॉफ्टवेयर के जरिए दूर बैठकर दिलाते थे एग्जाम.

Dwarka Exam Cheating Racket: राजधानी दिल्ली के द्वारका जिले में पुलिस ने एक बड़े और संगठित एग्जाम चीटिंग रैकेट का पर्दाफाश किया है. जहां, हाईटेक तरीकों से ऑनलाइन एंट्रेंस परीक्षाओं में धांधली की जा रही थी. आरोपी AnyDesk और Ammy Admin के जरिए कहीं से भी बैठकर पेपर हल करते थे. इसके लिए पेपर सॉल्वर की मदद भी ली जाती थी.     

दरअसल, पुलिस को जानकारी मिली कि द्वारका की हैप्पी होम्स नाम की एक बिल्डिंग में संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं. सूचना पर सेक्टर-23 थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची. जब पुलिस अंदर दाखिल हुई तो कई युवक मौजूद मिले, जिनकी गतिविधियां संदिग्ध लग रही थीं. पुलिस ने सभी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की. 

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असली उम्मीदार की जगह पेपर सॉल्वर देता था एग्जाम 

इस दौरान मुख्य आरोपी हर्ष वर्धन ने पूरे नेटवर्क का खुलासा किया. आरोपी ने बताया कि वह मुंबई के एक नामी मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट के एंट्रेंस एग्जाम में धांधली कराने का काम करता है. यह परीक्षा जयपुर के एक आईटी लैब में आयोजित होनी थी. लेकिन, वह और उसके साथी AnyDesk और Ammy Admin जैसे रिमोट एक्सेस सॉफ्टवेयर के जरिए वहां के कंप्यूटर सिस्टम को दूर बैठकर कंट्रोल कर लेते थे. इसके बाद असली उम्मीदवार की जगह दूसरे लोग, जिन्हें पेपर सॉल्वर कहा जाता है, सवाल हल करते थे.

छात्रों को हर सवाल के दिए जाते थे 500-1000 रुपये  

पुलिस की पूछताछ में खुलासा हुआ कि इस पूरे रैकेट में प्रांजल नाम का एक शख्स अहम भूमिका निभा रहा था. वह अलग-अलग कॉलेजों के छात्रों को इस काम के लिए जोड़ता था. उन्हें यह कहकर बुलाया जाता था कि उन्हें Byju's और Doubtnut जैसे एजुकेशनल प्लेटफॉर्म के लिए सवाल हल करने हैं, लेकिन असल में उनसे लाइव एग्जाम के पेपर हल कराए जाते थे. हर सवाल के बदले उन्हें 500 से 1000 रुपये तक दिए जाते थे, जिससे कई छात्र इस जाल में फंस गए.

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दिल्ली के बड़े कॉलेजों के 30 से ज्यादा छात्र फंसे  

पुलिस ने मौके पर मौजूद 30 से ज्यादा छात्रों को हिरासत में लिया है. ये सभी देश के अलग-अलग के रहने वाले हैं जो  दिल्ली के प्रतिष्ठित कॉलेजों जैसे DTU, NIT, IIT और दिल्ली विश्वविद्यालय से जुड़े हैं.

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पुलिस कर रही रैकेट की जांच 

पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस रैकेट के तार और किन-किन शहरों और राज्यों से जुड़े हैं. क्या इसमें कोई बड़ा संगठित नेटवर्क या एजुकेशन माफिया शामिल है. प्रारंभिक जांच में साफ हुआ है कि यह पूरा रैकेट बेहद सुनियोजित तरीके से काम कर रहा था, जिसमें इम्पर्सनेशन, रिमोट एक्सेस और आउटसोर्सिंग के जरिए एग्जाम सिस्टम को धोखा दिया जा रहा था. पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. 

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