- दिल्ली में 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक निर्माण कार्य बंद रहेगा, विंटर एक्शन प्लान जारी
- दिल्ली सरकार 500 वर्ग मीटर से बड़े निर्माण स्थलों की डस्ट पोर्टल और AI कैमरों से सख्ती से निगरानी करेगी
- नियमों के उल्लंघन पर अधिकारियों द्वारा नोटिस, चेतावनी और जुर्माना जैसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी
दिल्ली में विंटर एक्शन प्लान जारी कर दिया गया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को कहा कि सर्दियों के महीनों में बढ़ते वायु प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार के उपायों के तहत, 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक दिल्ली भर में निर्माण कार्यों पर पूरी तरह से रोक रहेगी. यानी 42 दिन तक दिल्ली में सभी तरह के निर्माण कार्य पर रोक रहेगी. 500 वर्ग मीटर से ज्यादा बड़े निर्माण स्थलों की दिल्ली सरकार के डस्ट पोर्टल और AI-इनेबल्ड कैमरों के ज़रिए बारीकी से निगरानी की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने पर अधिकारी कार्रवाई करेंगे.
सीएम ने किया ऐलान
सीएम रेखा गुप्ता ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, "जानकारी दें, टैग करें, शिकायत करें और उन्हें रोकें. पिछली बार, GRAP लागू होने के बावजूद, कुछ जगहों पर कवर के पीछे निर्माण कार्य जारी रहा था. इस बार 500 वर्ग मीटर से बड़े निर्माण स्थलों की निगरानी 'डस्ट पोर्टल' और AI-इनेबल्ड कैमरों के जरिए की जाएगी. इससे जुड़े अलर्ट हमारे कंट्रोल एंड कमांड सेंटर तक पहुंचेंगे, जिसके बाद नोटिस, चेतावनी और जुर्माना जैसी कार्रवाई की जाएगी. 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक निर्माण कार्य पर पूरी तरह से रोक रहेगी. अगर आपको नियमों का कोई उल्लंघन दिखे, तो MCD, अपने MLA या सीधे मुझे इसकी जानकारी दें."
Inform, tag, complain and stop them!
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) August 21, 2026
Last time, even under GRAP, some construction continued behind covers.
This time, sites above 500 sq. metres will be monitored through the Dust Portal and AI-enabled cameras. Alerts will reach our Control and Command Centre. Notices,… pic.twitter.com/5H2EOn3zUw
क्या है डस्ट पोर्टल 2.0?
दिल्ली सरकार ने जुलाई में निर्माण और तोड़-फोड़ वाली जगहों की निगरानी को मजबूत करने और धूल प्रदूषण नियंत्रण उपायों को बेहतर ढंग से लागू करने के लिए AI-पावर्ड 'डस्ट पोर्टल 2.0' लॉन्च किया था.
दिल्ली पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड द्वारा तैयार किया गया यह पोर्टल 500 वर्ग गज या उससे बड़े निर्माण स्थलों पर नियमों के पालन की निगरानी के लिए GIS मैपिंग, लाइव 360-डिग्री PTZ कैमरे, PM10 और PM2.5 सेंसर और AI-आधारित एनालिटिक्स को एक साथ लाता है. यह सिस्टम प्रदूषण के स्तर के आधार पर पीला, नारंगी और लाल अलर्ट जारी करता है और नियमों के उल्लंघन की स्थिति में नोटिस डिजिटल रूप से जारी करने की सुविधा देता है.
अपग्रेड किया गया पोर्टल जिले-वार निगरानी, प्रदूषण के रुझान और हॉटस्पॉट एनालिसिस के लिए डैशबोर्ड भी प्रदान करता है, साथ ही अधिकारियों और प्रोजेक्ट प्रमोटरों को लाइव कैमरा फ़ीड, सेंसर डेटा और AI-जनरेटेड विश्लेषण के ज़रिए दूर से ही निर्माण स्थलों की निगरानी करने में सक्षम बनाता है.
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