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This Article is From Feb 28, 2020

दिल्ली हिंसा में अब तक 39 की मौत, पुलिस ने 48 FIR दर्ज कर किया 130 को गिरफ्तार, जानिए 10 बड़ी बातें

उत्तर-पूर्वी दिल्ली (Delhi Violence) क्यों और कैसे जला? यह हादसा था या फिर सोची समझी रणनीति के तहत फैलाया गया दंगा?

दिल्ली हिंसा में अब तक 39 की मौत, पुलिस ने 48 FIR दर्ज कर किया 130 को गिरफ्तार, जानिए 10 बड़ी बातें
दिल्ली हिंसा की जांच के लिए SIT का गठन किया गया है. (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:
  1. दिल्ली के जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के पास 22 फरवरी की रात को महिलाएं नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ धरने पर बैठ गईं. धीरे-धीरे वहां महिलाओं का हुजूम बढ़ता गया, जिसके बाद भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई. प्रदर्शन के चलते ट्रैफिक व्यवस्था पर असर पड़ रहा था. 23 फरवरी को बीजेपी नेता कपिल मिश्रा अपने समर्थकों के साथ सड़क खाली कराने के लिए निकले लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया.
  2. कपिल मिश्रा ने डीसीपी की मौजूदगी में पुलिस से कहा कि वह लोग अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जाने तक का इंतजार कर रहे हैं और तब तक अगर प्रदर्शनकारियों को वहां से नहीं हटाया गया तो इसके बाद वह पुलिस की भी नहीं सुनेंगे. 23 फरवरी की रात से ही जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के पास पथराव की छिटपुट घटनाएं सामने आने लगी थीं.
  3. 24 फरवरी को डोनाल्ड ट्रंप भारत पहुंचे और दूसरी ओर राजधानी दिल्ली में हिंसा बढ़ने लगीं. भजनपुरा, गोकुलपुरी, चांदबाग, ब्रह्मपुरी समेत इसके आसपास के इलाकों में CAA विरोधी और समर्थक आमने-सामने आ गए. देखते ही देखते हिंसा ने भयानक रूप ले लिया. दर्जनों वाहनों और दुकानों को आग के हवाले कर दिया गया.
  4. 24 फरवरी को इस दंगे में दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल रतनलाल की मौत हो गई. कई अन्य लोगों की भी जान चली गई. दिल्ली हिंसा को देखते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने देर रात ही अधिकारियों के साथ बैठक बुलाई. इस बैठक में दिल्ली पुलिस के कमिश्नर अमूल्य पटनायक भी मौजूद रहे. संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल की तैनाती की गई लेकिन सारे के सारे इंतजाम तब धरे के धरे रह गए जब अगले दिन यानी 25 फरवरी को हिंसा और बढ़ गई.
  5. भजनपुरा, करावल नगर, बाबरपुर, मौजपुर, ब्रह्मपुरी, गोकुलपुरी और चांदबाग में CAA विरोधी और समर्थकों के बीच जमकर पत्थरबाजी हुई. उपद्रवियों ने एक-दूसरे पर पेट्रोल बम फेंके और गोलियां भी चलाईं. पुलिस ने लोगों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे लेकिन पुलिस की सारी कोशिशें नाकाम साबित हुईं.
  6. एक के बाद एक मौतों का आंकड़ा बढ़ने लगा. उसी शाम चार हिंसा प्रभावित इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया. वहां और अधिक फोर्स की तैनाती कर दी गई. जिसके बाद हालात सामान्य होने लगे. प्रभावित इलाकों को छावनी में तब्दील कर दिया गया है. अभी तक 39 लोगों की मौत हो चुकी है.
  7. इस हिंसा में खुफिया विभाग के कर्मचारी अंकित शर्मा की भी मौत हो गई. अंकित पिछले दो दिनों से गायब थे. बुधवार को इलाके के एक नाले से उनकी लाश मिली. अंकित की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला है कि उनके शरीर के हर हिस्से में धारदार हथियार से वार किया गया.
  8. अंकित शर्मा के परिजनों ने AAP पार्षद ताहिर हुसैन पर हत्या का आरोप लगाया है. ताहिर पर हिंसा भड़काने और उपद्रवियों की मदद करने का भी आरोप है. गुरुवार को ताहिर हुसैन के घर की छत से काफी पत्थर, पेट्रोल बम और एसिड बरामद किया गया. देर शाम पुलिस ने पार्षद के खिलाफ हत्या व अन्य धाराओं में केस दर्ज किया.
  9. दिल्ली पुलिस ने लोगों से मदद की अपील की है. अगर किसी के पास हिंसा से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो फुटेज हैं, तो वह उन्हें उत्तर-पूर्वी दिल्ली जिले के डीसीपी के सीलमपुर स्थित कार्यालय में जमा कराने होंगे. अपील में अनुरोध किया गया है कि 23 फरवरी, 2020 को या फिर उसके बाद उत्तर पूर्वी दिल्ली जिले में जो भी हिंसात्मक घटनाएं हुई हैं, उनसे संबंधित सबूत पुलिस तक पहुंचाने में विशेषकर मीडिया भी मदद करे.
  10. पुलिस ने कहा है कि सबूत पुलिस के हवाले करने वालों की पहचान गुप्त रखी जाएगी. अगर कोई इन हिंसक घटनाओं के बारे में गवाही देना चाहता हो तो उसे भी पुलिस गुप्त रखेगी. जांच के लिए गठित की गई एसआईटी की टीम इस हिंसा में घायलों से भी जानकारी जुटाएगी. हिंसा में घायल हुए ज्यादातर लोग गुरु तेगबहादुर अस्पताल में भर्ती हैं.
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