राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में स्पा और वेलनेस सेंटरों की संख्या लगातार बढ़ रही है. अनुमान है कि शहर में 1,500 से अधिक स्पा सेंटर संचालित हो रहे हैं, लेकिन इनमें से केवल 237 के पास ही नगर निगम (एमसीडी) का वैध लाइसेंस है. यानी कुल अनुमानित केंद्रों में 16 प्रतिशत से भी कम कानूनी रूप से पंजीकृत हैं. यह स्थिति प्रशासन और कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है.
पुलिस कार्रवाई में खुल रही परतें
हाल के महीनों में पुलिस ने कई स्पा सेंटरों पर छापेमारी की है. केंद्रीय दिल्ली में हुई ताजा कार्रवाई के दौरान 19 महिलाओं को बचाया गया और 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया. इससे पहले भी कई केंद्रों पर छापों में महिलाओं को छुड़ाया गया था. कुछ मामलों में मानव तस्करी और अवैध गतिविधियों के आरोपों की जांच चल रही है.
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किन इलाकों में सबसे ज्यादा लाइसेंसधारी स्पा
एमसीडी के अनुसार दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में सबसे अधिक 46 लाइसेंसधारी स्पा सेंटर हैं. इसके बाद दक्षिण दिल्ली में 44, केशवपुरम में 38, करोल बाग में 33 और पश्चिमी दिल्ली में 32 केंद्र संचालित हो रहे हैं. नजफगढ़ में 19, शाहदरा दक्षिण में 15, रोहिणी में 6, सिविल लाइंस में 3 और सिटी एसपी जोन में 1 लाइसेंसधारी केंद्र मौजूद है. इन लाइसेंसों की वैधता मार्च 2027 तक है.
रिकॉर्ड में सैकड़ों लाइसेंस, फिर भी स्पष्ट तस्वीर नहीं
नगर निगम के रिकॉर्ड में 2023 से 2026 के बीच स्पा और वेलनेस सेंटरों से जुड़े 645 लाइसेंस दर्ज हैं. इनमें 517 की वैधता अवधि समाप्त हो चुकी है जबकि 128 मामलों में समाप्ति तिथि दर्ज ही नहीं है. रिकॉर्ड से यह भी स्पष्ट नहीं होता कि ये नए लाइसेंस हैं या पुराने लाइसेंसों का नवीनीकरण. ऐसे में यह पता लगाना मुश्किल है कि वास्तव में कितने केंद्र अभी संचालित हैं.
महंगा लाइसेंस और बंद होते कारोबार
अधिकारियों का कहना है कि लाइसेंस शुल्क भी एक कारण है. स्पा सेंटर के लिए एक साल का लाइसेंस शुल्क 57,250 रुपये है. कई कारोबारी कुछ समय तक सेंटर चलाने के बाद उसे बंद कर देते हैं जिससे निगरानी और रिकॉर्ड अपडेट करना कठिन हो जाता है.
एमसीडी ने स्पष्ट किया है कि आवासीय क्षेत्रों में स्पा सेंटरों को लाइसेंस नहीं दिया जाता. साथ ही मिश्रित उपयोग वाली सड़कों पर भी ऐसे केंद्रों के संचालन की अनुमति न देने का प्रस्ताव लागू किया गया है ताकि इनके संचालन को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सके.
मानव तस्करी के मामलों ने बढ़ाई चिंता
अगस्त में कालकाजी के दो स्पा सेंटरों से 21 महिलाओं को बचाया गया था और दो प्रबंधकों को गिरफ्तार किया गया था. इसी महीने पुलिस ने एक अंतरराज्यीय मानव तस्करी गिरोह का भी भंडाफोड़ किया था जो सोशल मीडिया के जरिए महिलाओं और युवतियों को नौकरी का झांसा देकर फंसाता था. इस कार्रवाई में दिल्ली, गुजरात और उत्तर प्रदेश से 10 पीड़ितों को मुक्त कराया गया. दिल्ली महिला आयोग ने वर्ष 2019 में राजधानी में 5,000 से अधिक स्पा सेंटर होने का अनुमान लगाया था. हालांकि इसके बाद कोई नई आधिकारिक गणना सामने नहीं आई है. ऐसे में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वैध कारोबार को बढ़ावा देते हुए अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक कैसे लगाई जाए.
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