- दिल्ली में फूड सेफ्टी जांच के दौरान प्रमुख ग्रोसरी डिलीवरी केंद्रों से एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थ और कीट मिले हैं
- स्विगी, ज़ेप्टो, रिलायंस रिटेल, ज़ोमैटो हाइपरप्योर और ब्लिंकइट के गोदामों में लापरवाही पाई गई
- जांच में कई स्थानों पर तापमान नियंत्रण, गंदगी, क्रॉस-कंटामिनेशन और कीट नियंत्रण के मानकों का उल्लंघन हुआ है
त्योहारी सीजन से पहले दिल्ली में फूड सेफ्टी जांच के दौरान, प्रमुख ग्रोसरी डिलीवरी और रिटेल कंपनियों से जुड़े केंद्रों पर एक्सपायर्ड फूड प्रोडक्ट्स, कॉकरोच, मकड़ी के जाले और यहां तक कि एक छिपकली भी मिली. इस जांच में स्विगी इंस्टामार्ट, ज़ेप्टो, ब्लिंकइट, ज़ोमैटो हाइपरप्योर और रिलायंस रिटेल के वेयरहाउस और डार्क स्टोर शामिल थे. दिल्ली सरकार ने शनिवार को बताया कि अधिकारियों को साफ-सफाई में कमी, खाने-पीने की चीजों को गलत तरीके से रखने और तय तापमान बनाए रखने में लापरवाही मिली.
कहां-कहां क्या कमी मिली
- स्विगी इंस्टामार्ट के उत्तम नगर केंद्र पर, जांचकर्ताओं को एक्सपायर्ड फ्रोज़न हरी मटर, ग्रीक योगर्ट, बिना अंडे वाली चॉकलेट-चिप ब्राउनी और गाय का घी मिला. स्प्राउट्स, फलों और सब्जियों के कुछ पैकेटों पर एक्सपायरी डेट ही नहीं थी.
- ज़ेप्टो के झील खुरेजा केंद्र पर कॉकरोच और मकड़ी के जाले मिले, साथ ही वहां रखे स्टोरेज रैक गंदे और जंग लगे हुए थे. कुछ फूड प्रोडक्ट्स को खराब हो चुकी चीजों के ऊपर रखा गया था, जबकि कुछ अन्य को सीधे फर्श पर रख दिया गया था. जांचकर्ताओं ने कोल्ड-स्टोरेज का तापमान बनाए रखने में भी लापरवाही पाई.
- वज़ीरपुर इंडस्ट्रियल एरिया में रिलायंस रिटेल के परिसर में, जांचकर्ताओं को मक्खियां, मच्छर, मकड़ी के जाले और एक छिपकली मिली. वहां साफ-सफाई का शेड्यूल और उससे जुड़ी चेकलिस्ट भी मौजूद नहीं थी.
- घेवरा में ज़ोमैटो हाइपरप्योर की सुविधा में एक्सपायर हो चुके डाइट कोक और नेस्ले शिकंजी के प्रोडक्ट मिले. अधिकारियों ने वहां साफ-सफाई की कमी भी देखी.
- आसफ अली रोड और दरियागंज में ब्लिंकइट की सुविधाओं में अधिकारियों को गंदे क्रेट, स्टोरेज एरिया में धूल और चूहों को पकड़ने के लिए नाकाफी इंतजाम मिले. रोहिणी स्थित सुविधा में, खाने-पीने के सामान को इस तरह से अलग-अलग नहीं रखा गया था, जिससे 'क्रॉस-कंटामिनेशन' (एक चीज के दूषित होने से दूसरी चीज का दूषित होने) से रोका जा सके.
घी के 59 सैंपल में 19 खाने लायक नहीं
फूड सेफ्टी विभाग के अनुसार, निरीक्षण के दौरान खाने-पीने के सैंपल लिए गए. जिन जगहों पर नियमों का उल्लंघन पाया गया, उन्हें सुधार के लिए नोटिस जारी किए गए. राजधानी के बाजारों में बिकने वाले देसी घी की भी जांच की गई. जांचे गए 59 सैंपल में से 19 को इंसानों के खाने के लिए असुरक्षित पाया गया, जबकि 4 अन्य सैंपल खराब क्वालिटी (सबस्टैंडर्ड) के निकले.
- सरकार ने बताया कि जिन ब्रांडों के सैंपल असुरक्षित पाए गए, उनमें हरियाणा लाइट, हरियाणा सुप्रीम, हरियाणा डेयरी, हरियाणा प्योर, करतार, प्रभास, मधु संगम और आनंद गोल्ड शामिल हैं.
- नोवा, गोवर्धन प्योर काउ घी और प्रताप देसी घी के सैंपल खराब क्वालिटी के पाए गए.
- अधिकारियों ने बताया कि असुरक्षित घी बेचने वाले प्रतिष्ठानों को बंद करने और उनके लाइसेंस सस्पेंड करने के आदेश दिए गए हैं.
- यह कार्रवाई दिवाली से पहले फूड सेफ्टी की कड़ी जांच के दौरान सामने आई है, क्योंकि इस समय मिठाइयों और डेयरी उत्पादों की मांग काफी बढ़ जाती है.
सितंबर में, दिल्ली के फूड सेफ्टी विभाग ने इसी तरह के एक अभियान के दौरान 4,100 किलोग्राम से ज्यादा ऐसे खोया और पनीर को नष्ट कर दिया था, जिनमें मिलावट का शक था. मोरी गेट की खोया मंडी में, खोये के 30 सैंपल लिए गए थे, जिनमें से 22 इंसानों के खाने के लिए असुरक्षित पाए गए. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे फूड मार्केट्स, गोदामों और ऑनलाइन ग्रोसरी सप्लाई सेंटरों की जांच बढ़ाएं.
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