Cryptocurrency : बिटकॉइन पेमेंट में कितनी पारदर्शिता रहती है? यहां दूर करिए क्रिप्टो पर अपने भ्रम

Bitcoin के सभी ट्रांजैक्शन की जानकारी सार्वजनिक तौर पर स्टोर होती है और परमानेंटली इसके नेटवर्क पर रहती है. यानी कि इस पब्लिक नेटवर्क पर कोई भी किसी भी ट्रांजैक्शन के बैलेंस और बिटकॉइन एड्रेस जैसी जानकारी को एक्सेस कर सकता है.

Cryptocurrency : बिटकॉइन पेमेंट में कितनी पारदर्शिता रहती है? यहां दूर करिए क्रिप्टो पर अपने भ्रम

Bitcoin Investment : बिटकॉइन और क्रिप्टोकरेंसी को लेकर बहुत सारे भ्रम फैले हुए हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

सबसे पुरानी और पॉपुलर क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन में निवेश (Bitcoin Investment) क्या गुप्त रहता है? क्या निवेश में कोई पारदर्शिता नहीं रहती? क्रिप्टोकरेंसी को लेकर अकसर लोग ये सवाल करते हैं, जोकि जायज भी हैं. पिछले एक साल में क्रिप्टोकरेंसी निवेश का एक पॉपुलर विकल्प बन गया है. खासकर, बिटकॉइन, ईथर और टेदर जैसे क्रिप्टोकॉइन्स ने जबरदस्त तेजी दिखाई है. बिटकॉइन इस साल अप्रैल में 60,000 डॉलर के लेवल पर पहुंच गया था. बहुत लोगों को अब भी लगता है कि बिटकॉइन के ट्रांजैक्शन एनॉनिमस रहते हैंं, यानी कि इसके ट्रांजैक्शन की जानकारी गुप्त रहती है, लेकिन यह बात कितनी सच है?

आइए पहले देखते हैं कि बिटकॉइन का खुद इसपर क्या कहना है:

बिटकॉइन अपनी वेबसाइट पर कहता है कि इसके सभी ट्रांजैक्शन की जानकारी सार्वजनिक तौर पर स्टोर होती है और परमानेंटली इसके नेटवर्क पर रहती है. यानी कि इस पब्लिक नेटवर्क पर कोई भी किसी भी ट्रांजैक्शन के बैलेंस और बिटकॉइन एड्रेस जैसी जानकारी को एक्सेस कर सकता है. हालांकि, कंपनी बताती है कि इस एड्रेस के पीछे निवेशक की पहचान सुरक्षित रहती है, उसे सार्वजनिक नहीं किया जाता है, ये जानकारी बस किसी परचेज़ यानी खरीददारी के वक्त ही बाहर आती है. 

वेबसाइट पर कहा गया है कि इसलिए जरूरी है कि आप किसी बिटकॉइन एड्रेस को बस एक बार इस्तेमाल करें क्योंकि अपनी प्राइवेसी की जिम्मेदारी के लिए आपको एहतियाती कदम उठाने होंगे. 

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ज्यादा पारदर्शिता

बिटकॉइन एटीएम ऑपरेटर कंपनी CoinFlip के को-फाउंडर और COO बेन वाइस ने जून, 2021 में कहा कि बहुत से लोग सोचते हैं कि बिटकॉइन ट्रांजैक्शन एनॉनिमस रहते हैं या उन्हें ट्रेस नहीं किया जा सकता है, वो लोग असल में वर्चुअल करेंसी के प्रोसेस को लेकर गलत जानकारी रखते हैं. डिजिटल असेट्स पर हो रहे एक वेबिनार में बोलते हुए कहा कि बिटकॉइन एनॉनिमस नहीं है, अगर इसे ऐसा कुछ कहना ही है, तो इसे ज्यादा से ज्यादा स्यूडो-एनॉनिमस यानी छद्म रूप में गुप्त कह सकते हैं. 

इसका कारण बताते हुए  वाइस ने कहा कि कोई भी बड़ी मात्रा में बिटकॉइन बिना केवीआईसी, आईडी या फिर ड्राइविंग लाइसेंस के नहीं खरीद सकता है. उन्होंने बताया कि बिटकॉइन के एनॉनिमस होने की शंका इस धारणा से निकलती है कि क्रिप्टोकरेंसी में डील करना गैर कानूनी है और इसलिए यह ट्रेडर की पहचान छिपाकर रखता है. Business Insider के मुताबिक, उन्होंने कहा कि दरअसल, बिटकॉइन निवेश में हमारे मौजूदा फाइनेंशियल सिस्टम से ज्यादा पारदर्शिता है.

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पब्लिक लेजर


बस बिटकॉइन ही नहीं, Monero, DASH और Verge जैसी कुछ प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी भी कुछ हद तक ट्रेसेबल हैं यानी इन्हें ट्रेस किया जा सकता है, वो इसलिए क्योंकि क्रिप्टो इको सिस्टम में हर ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड होता है और हर कोई इसे एक्सेस कर सकता है. इस पब्लिक लेजर में ट्रांजैक्शन का अमाउंट, टाइम और यहां तक कि सेंडर और रिसीवर के क्रिप्टो वॉलेट्स की जानकारी भी रहती है.

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सीधी-सीधी बात ये है कि आप तब तक एनॉनिमस यानी गुप्त रहते हैं, जबतक कि आपने किसी क्रिप्टोकरेंसी में ट्रेडिंग नहीं की है या फिर कोई ट्रांजैक्शन नहीं किया है. जैसे ही आप कोई ट्रांजैक्शन करते हैं, इसकी जानकारी लेजर पर दर्ज हो जाती है, ऐसे में आप इस निवेश में एनॉनिमस नहीं रह सकते.