दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की काउंटर-इंटेलिजेंस टीम ने हिमांशु भाऊ सिंडिकेट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्थान के कोटा से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों में दो कुख्यात शूटर रमन उर्फ फौजी और करण हैं, जबकि इनके दो सहयोगी भाई शेखर तिवारी और विनोद तिवारी हैं. पुलिस के मुताबिक, शेखर और विनोद दोनों फरार आरोपियों को छिपने के लिए ठिकाना उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनके लिए पैसों के लेन-देन का काम भी करते थे.
चारों आरोपियों को संबंधित अदालत में पेश किया गया, जहां से स्पेशल सेल को पुलिस कस्टडी रिमांड मिल गई है. अब रिमांड के दौरान आरोपियों से पूछताछ कर हिमांशु भाऊ सिंडिकेट के नेटवर्क और उसकी आपराधिक गतिविधियों से जुड़े दूसरे लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है.
स्पेशल सेल के मुताबिक, 19 साल का रमन उर्फ फौजी, हरियाणा के जींद के निदानी गांव का रहने वाला है, जबकि 22 साल का करण, चरखी दादरी के चंपुरी गांव का रहने वाला है. दोनों पर पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और दोनों हिमांशु भाऊ सिंडिकेट के लिए काम कर रहे थे.
इन दोनों पर दिसंबर 2025 में दिल्ली के आया नगर में हुई हत्या में शामिल होने का आरोप है. इस वारदात में डेयरी कारोबारी रतन की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. पुलिस के मुताबिक, हमलावरों ने इस दौरान 70 से ज्यादा गोलियां चलाई थीं.
द्वारका मोड़ पर मोहित डागर की हत्या का भी आरोप
दोनों आरोपी अगस्त 2025 के द्वारका मोड़ हत्याकांड में भी वांटेड थे. यहां मोहित डागर की गोली मारकर हत्या की गई थी. इस वारदात के दौरान भी बदमाशों ने 20 से ज्यादा राउंड फायरिंग की थी.
रमन और करण पर दिसंबर 2025 में रोहतक के गांव रिटोली में हुई फायरिंग में शामिल होने का भी आरोप है. यह हमला हिमांशु भाऊ के कथित कट्टर विरोधी सनी रिटोली को निशाना बनाकर किया गया था. इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि चार अन्य लोग घायल हुए थे. पुलिस के मुताबिक, यह वारदात हिमांशु भाऊ और उसके विरोधी गैंग के बीच चल रही गैंगवार से जुड़ी थी.
मई 2026 में उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के ककोड़ में हुई फायरिंग के मामले में भी रमन और करण की तलाश थी. दोनों पर गैंगस्टर नीरज फरीदपुरिया के प्रतिद्वंद्वी जितेंद्र उर्फ जीतू पर अंधाधुंध गोली चलाने का आरोप है.

पुलिस के मुताबिक, दोनों के खिलाफ दिल्ली के स्पेशल सेल में भी गंभीर धाराओं में मामले दर्ज हैं, जिनमें धोखाधड़ी, जालसाजी, साजिश, पासपोर्ट एक्ट और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले शामिल हैं. करण के खिलाफ इन मामलों के अलावा भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. मई 2024 में हरियाणा के रेवाड़ी के मोहल्ला कुतुबपुर में शेखर राव के घर पर अंधाधुंध फायरिंग के मामले में वह वांटेड था.
इसके अलावा दिसंबर 2024 में पलवल के महेशपुर गांव के सरपंच पर फायरिंग करने के मामले में भी करण की तलाश थी. इस वारदात में ऑटोमैटिक कार्बाइन का इस्तेमाल किया गया था. रोहतक के सदर थाने में भी उसके खिलाफ बीएनएस और आर्म्स एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज है. रमन उर्फ फौजी के खिलाफ दिल्ली क्राइम ब्रांच में भी आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज है. पुलिस के मुताबिक, इस मामले में भी वह वांटेड था.
स्पेशल सेल के मुताबिक, रमन और करण दोनों इनामी बदमाश हैं. हरियाणा और उत्तर प्रदेश समेत दूसरे राज्यों में भी उनकी गिरफ्तारी पर अलग-अलग इनाम घोषित था. स्पेशल सेल ने रमन और करण के अलावा उनके दो सहयोगियों को भी गिरफ्तार किया है. दोनों आरोपी सगे भाई हैं और मथुरा के गोवर्धन इलाके के जिखान गांव के रहने वाले हैं.
इनकी पहचान 23 साल के शेखर तिवारी और 30 साल के विनोद तिवारी के तौर पर हुई है. पुलिस का आरोप है कि दोनों भाइयों ने रमन और करण को छिपने के लिए ठिकाना मुहैया कराया था. इसके अलावा दोनों उनके लिए मनी म्यूल यानी गैंग के पैसों को अलग-अलग खातों या माध्यमों से इधर-उधर करने का काम भी कर रहे थे.
स्पेशल सेल की काउंटर-इंटेलिजेंस टीम को इनपुट मिला था कि हिमांशु भाऊ सिंडिकेट से जुड़े ये आरोपी राजस्थान के कोटा में छिपे हुए हैं. इसके बाद टीम ने कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन आरोपियों ने किन-किन वारदातों को अंजाम दिया, गैंग के दूसरे सदस्यों से उनका किस तरह संपर्क था और हथियार व पैसों की व्यवस्था कौन करता था.
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