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DU प्रोफेसर हत्याकांड: 'पूरी प्लानिंग' के तहत हुआ कत्ल! आरोपियों के घर मिला चौंकाने वाला सामान

Delhi Crime News :दिल्ली यूनिवर्सिटी की असिस्टेंट प्रोफेसर देवस्मिता पॉल की हत्या के मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए खुलासे भी सामने आ रहे हैं.

DU प्रोफेसर हत्याकांड: 'पूरी प्लानिंग' के तहत हुआ कत्ल! आरोपियों के घर मिला चौंकाने वाला सामान
देवस्मिता पॉल हत्याकांड में हर एंगल से जांच जारी है
  • DU की प्रोफेसर देवस्मिता पॉल की हत्या पहले से योजनाबद्ध तरीके से की गई थी, अचानक गुस्से में नहीं.
  • आरोपी दंपति पश्चिम बंगाल के बर्धमान के पुश्तैनी मकान में किराएदार थे, मकान खाली करने को कहने पर नाराज थे.
  • आरोपियों ने हत्या से पहले प्रोफेसर के घर की जानकारी जुटाई, मोबाइल में घर की तस्वीरें और गाड़ी का नंबर मिला.
नई दिल्ली:

दिल्ली यूनिवर्सिटी की असिस्टेंट प्रोफेसर देवस्मिता पॉल की हत्या की जांच में लगातार नए  खुलासे हो रहे हैं. शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह हत्या अचानक गुस्से में नहीं, बल्कि पहले से पूरी प्लानिंग के तहत की गई थी. पुलिस को शक है कि आरोपियों ने हत्या से पहले कई दिनों तक रेकी की थी और वारदात को अंजाम देने के बाद सबूत मिटाने की पूरी कोशिश की.

पुलिस सूत्रों के मुताबिक देवस्मिता पॉल की हत्या के मामले में गिरफ्तार दंपति पश्चिम बंगाल के बर्धमान स्थित उनके पुश्तैनी मकान में किराएदार थे. आरोप है कि मकान बेचने से इनकार करने और घर खाली करने को कहने के बाद दोनों प्रोफेसर से नाराज थे. इसी विवाद ने कथित तौर पर हत्या की साजिश रची गई.

जांच में सामने आया है कि आरोपी पति के मोबाइल फोन से प्रोफेसर की गाड़ी का नंबर और उनके दिल्ली स्थित घर की तस्वीरें मिली हैं. पुलिस को शक है कि आरोपी ने पहले ही इलाके की जानकारी जुटानी शुरू कर दी थी. पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि उसने जनवरी और मार्च में वसुंधरा एन्क्लेव इलाके की रेकी की थी और बाहर से तस्वीरें ली थीं.

किराए के बहाने बुलाया, फिर रची हत्या की साजिश

पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने 1 जून को व्हाट्सऐप कॉल के जरिए प्रोफेसर से संपर्क किया था. उसने किराया देने के बहाने बात की थी. बातचीत के दौरान प्रोफेसर ने बताया था कि वह 3 जून को घर पर रहेंगी. जांचकर्ताओं को शक है कि इसी जानकारी के बाद हत्या की योजना को अंतिम रूप दिया गया. आरोपी बर्धमान में सैनिटरीवेयर की दुकान चलाता था और काम के सिलसिले में अक्सर दिल्ली आता-जाता था. वह खासकर करोल बाग मार्केट आता था. पुलिस का कहना है कि वह पहले भी प्रोफेसर के घर आता-जाता रहा था और उसे घर के रास्तों, आसपास के इलाके और घर की बनावट की जानकारी थी.

आरोपियों के घर से मिला हैरान करने वाला सामान

हत्या की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के घर से कई ऐसी चीजें बरामद की हैं, जिनसे जांच का दायरा और बढ़ गया है. पुलिस को कई फर्जी पहचान पत्र, पश्चिम बंगाल पुलिस से जुड़े दिखने वाले नकली बैज और रेलवे टिकट चेकर के नाम का फर्जी बैज मिला है. इसके अलावा पुलिस को नकली नोटों जैसी दिखने वाली गड्डियां भी मिली हैं. जांच के मुताबिक इन गड्डियों में ऊपर और नीचे असली नोट लगाए गए थे और बीच में सामान्य कागज रखा गया था. पुलिस इसे धोखाधड़ी के मामलों में इस्तेमाल होने वाले तरीके से जोड़कर देख रही है.

छापेमारी के दौरान कई घड़ियां और 100 से ज्यादा शर्ट भी बरामद हुई हैं. आरोपी इन सामानों का सही सोर्स नहीं बता पाया. अब दिल्ली पुलिस ने पश्चिम बंगाल पुलिस को भी जानकारी दी है, ताकि पता लगाया जा सके कि आरोपी किसी और चोरी, ठगी या दूसरे अपराधों में शामिल तो नहीं था.

हत्या के बाद भागने की भी बनाई थी योजना

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी दंपति ने वारदात के बाद पहचान छिपाने की पूरी कोशिश की. सूत्रों के मुताबिक, दोनों ने तीन बार कपड़े बदले. पहली बार दिल्ली पहुंचने के बाद, दूसरी बार हत्या के बाद और तीसरी बार ट्रेन पकड़ने से पहले कपड़े बदले गए. हत्या के बाद दोनों टैक्सी से आनंद विहार रेलवे स्टेशन पहुंचे. वहां करीब 15 मिनट रुकने के बाद ऑटो से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन गए और वहां फिर कपड़े बदले. इसके बाद दोनों अपने नाबालिग बेटे के साथ ट्रेन से बर्धमान पहुंचे. पुलिस के मुताबिक, घर जाने के लिए उन्होंने सीधे रास्ते का इस्तेमाल नहीं किया, बल्कि स्टेशन के पीछे वाले रास्ते से निकले और पैदल लंबा रास्ता तय किया ताकि किसी को शक न हो.

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने अपना स्कूटर घर से करीब 300 मीटर दूर एक बाजार में खड़ा किया था. पुलिस ने करीब 24 घंटे की तलाश के बाद स्कूटर को ट्रैक किया. जांचकर्ताओं का मानना है कि आरोपी ने जानबूझकर अपनी पहचान और गतिविधियों को छिपाने की कोशिश की थी ताकि पुलिस तक आसानी से न पहुंच सके.

मोबाइल फोन ले जाने का शक

पुलिस को शक है कि हत्या के बाद आरोपी प्रोफेसर का मोबाइल फोन अपने साथ ले गया, ताकि व्हाट्सऐप चैट और दूसरे डिजिटल सबूत मिटाए जा सकें. पुलिस अब फोन और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है. वहीं, हत्या में इस्तेमाल हथियार को लेकर भी दोनों आरोपियों के बयानों में अंतर सामने आया है. आरोपी पति का कहना है कि हथियार बर्धमान से लाया गया था, जबकि पत्नी ने दावा किया कि इसे दिल्ली से खरीदा गया था. पुलिस इस विरोधाभास की जांच कर रही है.

ट्रेन की जरनल बोगी में सफर

पुलिस के मुताबिक आरोपी पश्चिम बंगाल से ट्रेन से आए थे. लेकिन उनके आने जाने के रिजर्वेशन का रिकॉर्ड नहीं मिला है, ऐसा लगता है कि वो जरनल बोगी में बैठकर आए. इसे लेकर जांच जारी है. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, इस मामले में 200 से ज्यादा CCTV फुटेज की जांच की गई. इसके बाद जांच टीम आरोपियों तक पहुंची. पूरी कार्रवाई डीसीपी राजीव कुमार की निगरानी में की गई. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या आरोपी दंपति ने इससे पहले भी किसी और वारदात को अंजाम दिया था या नहीं. फिलहाल देवस्मिता पॉल हत्याकांड में हर एंगल से जांच जारी है.

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