दिल्ली पुलिस ने ठगों के गिरोह को धरदबोंचा.
- बंसल टेलिकॉम का मालिक मनीष बंसल, हेमंत और रवि अधिकारी गिरफ्तार
- पुलिस ने ऐसे दो और शख्स ढूंढ निकले जिन्हें ठगा गया था
- कस्टमर एप्लीकेशन फार्म के जरिए पुलिस ठगों के गिरोह तक पहुंची
नई दिल्ली:
जब देश में आधार कार्ड सुरक्षित है या नहीं उसे लेकर बहस चल रही है, इसी बीच दिल्ली पुलिस ने ऐसे तीन लोगों को गिरफ्तार किया है जो लोगों के मोबाइल नंबर से आधार लिंक करते समय कई बार अंगूठा पंच करवाकर उसी शख्स के नाम से दूसरी सिम निकलवाकर 200 रुपये में बेचते थे, जबकि उस शख्स को पता भी नहीं होता था.
आरोपी सिमों को साइबर क्राइम करने वाले अपराधियों को बेच देते थे. वे अपराधी इनका इस्तेमाल करके भोले भाले लोगों से लाखों की रकम ठग लेते थे. पुलिस ने बंसल टेलिकॉम के मालिक मनीष बंसल के साथ हेमंत और रवि अधिकारी को गिरफ्तार किया है. रवि अधिकारी ग्रांड हॉली डे बेकासियंस प्राइवेट लिमिटेड का डायरेक्टर है जो जालसाजी में अपनी कम्पनी का एकाउंट मुहैया करवाता था.
चांदनी महल पुलिस को शिकायत मिली थी, जिसमें कहा गया था कि एक मोबाइल नंबर से फ़ोन आया है जिसमें कहा गया है कि आपकी इंश्योरेंस पॉलिसी पर बेनिफिट दिया जा रहा है जिसमें आपको 68000 रुपये मिलेंगे. इसके लिए आपको जो एकाउंट नंबर दिया जा रहा है उसमें 28000 रुपये जमा करवाने होंगे. यह एकाउंट नंबर ग्रांड हॉली डे बेकासियंस प्राइवेट लिमिटेड का था. पुलिस ने ऐसे दो और शख्स ढूंढ निकले जो इसी तरह ठगे गए थे. ये हैं महावीर प्रसाद और राकेश शर्मा. महावीर प्रसाद और राकेश शर्मा को भी इंश्योरेंस पॉलिसी पर बेनिफिट का झांसा देकर रकम एकाउंट में डलवा ली गई थी.
यह भी पढ़ें : पूर्व पुलिस अफसर के बेटे ने हजारों लोगों से कुछ यूं की ठगी कि हैरान हो जाएंगे आप, हुआ गिरफ्तार
पुलिस ने सबसे पहले जिस सिम से फ़ोन किए गए थे उसका कस्टमर एप्लीकेशन फार्म (CAF) निकलवाया. यह सिम दिल्ली के शास्त्री नगर के बंसल टेलीकॉम द्वारा उपलब्ध करवाई गई थी. यह सिम जिसके नाम थी उससे जब पूछताछ हुई तो उसने बतया कि उसके पास ऐसी कोई सिम नहीं है. वह बंसल टेलीकॉम पर मोबाइल नंबर से अपने आधार नंबर को लिंक करवाने आया था, और उससे दो बार लिंक अंगूठा लगवाया था यह कहकर कि पहला अंगूठा सही नहीं लगा, दोबारा लगाओ.
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पुलिस ने बंसल टेलीकॉम के मालिक मनीष बंसल से जब पूछताछ की तो उसने सारा राज उगल दिया. मनीष ने बताया कि किस तरह वह लोगों के आधार कार्ड को लिंक करवाने के बहाने उनके आधार से दूसरी सिम निकलवा लेता था और उस सिम को हेमंत को 200 रुपये में बेच देता था. इस तरह वह दिन भर में 40 सिम बेच देता था. इसके बाद हेमंत उस सिम को दिल्ली और NCR में अपराधियों को 400 से 500 रुपये में बेचता था.
VIDEO : स्किल इंडिया के नाम पर ठगी
पुलिस ने मनीष के खुलासे के बाद हेमंत को गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद नोएडा के 15 सेक्टर से ग्रांड होली डे बेकासियंस प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर रवि अधिकारी को गिरफ्तार किया. रवि लोगों से इन फ़र्ज़ी सिमों को खरीदता था और उन सिम से लोगों को फोन करके उनसे इंश्योरेंस पॉलिसी पर बेनिफिट के नाम पर रकम ग्रांड होली डे के एकाउंट में डलवा लिया करता था. इस तरह पुलिस ने एक ऐसे रैकेट का पर्दाफाश किया है जो देश के नागरिकों के साथ बड़ी धोखाधड़ी कर रहा था.
आरोपी सिमों को साइबर क्राइम करने वाले अपराधियों को बेच देते थे. वे अपराधी इनका इस्तेमाल करके भोले भाले लोगों से लाखों की रकम ठग लेते थे. पुलिस ने बंसल टेलिकॉम के मालिक मनीष बंसल के साथ हेमंत और रवि अधिकारी को गिरफ्तार किया है. रवि अधिकारी ग्रांड हॉली डे बेकासियंस प्राइवेट लिमिटेड का डायरेक्टर है जो जालसाजी में अपनी कम्पनी का एकाउंट मुहैया करवाता था.
चांदनी महल पुलिस को शिकायत मिली थी, जिसमें कहा गया था कि एक मोबाइल नंबर से फ़ोन आया है जिसमें कहा गया है कि आपकी इंश्योरेंस पॉलिसी पर बेनिफिट दिया जा रहा है जिसमें आपको 68000 रुपये मिलेंगे. इसके लिए आपको जो एकाउंट नंबर दिया जा रहा है उसमें 28000 रुपये जमा करवाने होंगे. यह एकाउंट नंबर ग्रांड हॉली डे बेकासियंस प्राइवेट लिमिटेड का था. पुलिस ने ऐसे दो और शख्स ढूंढ निकले जो इसी तरह ठगे गए थे. ये हैं महावीर प्रसाद और राकेश शर्मा. महावीर प्रसाद और राकेश शर्मा को भी इंश्योरेंस पॉलिसी पर बेनिफिट का झांसा देकर रकम एकाउंट में डलवा ली गई थी.
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पुलिस ने बंसल टेलीकॉम के मालिक मनीष बंसल से जब पूछताछ की तो उसने सारा राज उगल दिया. मनीष ने बताया कि किस तरह वह लोगों के आधार कार्ड को लिंक करवाने के बहाने उनके आधार से दूसरी सिम निकलवा लेता था और उस सिम को हेमंत को 200 रुपये में बेच देता था. इस तरह वह दिन भर में 40 सिम बेच देता था. इसके बाद हेमंत उस सिम को दिल्ली और NCR में अपराधियों को 400 से 500 रुपये में बेचता था.
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पुलिस ने मनीष के खुलासे के बाद हेमंत को गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद नोएडा के 15 सेक्टर से ग्रांड होली डे बेकासियंस प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर रवि अधिकारी को गिरफ्तार किया. रवि लोगों से इन फ़र्ज़ी सिमों को खरीदता था और उन सिम से लोगों को फोन करके उनसे इंश्योरेंस पॉलिसी पर बेनिफिट के नाम पर रकम ग्रांड होली डे के एकाउंट में डलवा लिया करता था. इस तरह पुलिस ने एक ऐसे रैकेट का पर्दाफाश किया है जो देश के नागरिकों के साथ बड़ी धोखाधड़ी कर रहा था.
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