विज्ञापन
This Article is From Apr 11, 2026

गेमिंग और सट्टेबाजी ऐप के जरिए खपाया जाता था ठगी का पैसा, बड़े साइबर फ्रॉड सिंडिकेट का भंडाफोड़, 14 गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस की साउथ‑वेस्ट डिस्ट्रिक्ट साइबर सेल ने म्यूल बैंक अकाउंट्स के जरिए करोड़ों की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर दिल्ली, यूपी और हरियाणा से 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

गेमिंग और सट्टेबाजी ऐप के जरिए खपाया जाता था ठगी का पैसा, बड़े साइबर फ्रॉड सिंडिकेट का भंडाफोड़, 14 गिरफ्तार
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
  • दिल्ली पुलिसने म्यूल बैंक खातों के जरिए करोड़ों रुपये की हेराफेरी करने वाले बड़े साइबर फ्रॉड गिरोह का भंडाफोड़
  • गिरोह निवेश और पार्ट‑टाइम जॉब के नाम पर ठगी करता था और ठगी की रकम ऑनलाइन गेमिंग व सट्टेबाजी ऐप्स से छुपाता था
  • आरोपी सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स से लालच देकर बैंक खाते, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड हासिल करते थे

दिल्ली पुलिस की साउथ‑वेस्ट डिस्ट्रिक्ट साइबर सेल ने एक बड़े साइबर फ्रॉड सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है, जो कि ‘म्यूल बैंक अकाउंट्स' के जरिए करोड़ों रुपये की हेराफेरी कर रहा था. इस कार्रवाई में पुलिस ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के अलग‑अलग इलाकों में छापेमारी कर 14 जालसाजों को गिरफ्तार किया है. यह गिरोह निवेश और पार्ट‑टाइम जॉब के नाम पर लोगों से ठगी करता था और ठगी की रकम को ऑनलाइन गेमिंग व सट्टेबाजी ऐप्स के जरिए ठिकाने लगाता था. दिल्ली पुलिस के मुताबिक यह गिरोह फर्जी निवेश प्लान, पार्ट‑टाइम जॉब और ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर लोगों को अपने जाल में फंसाता था. ठगी से हासिल पैसे को छुपाने के लिए ‘म्यूल बैंक अकाउंट्स' का इस्तेमाल किया जाता था, ताकि ट्रांजैक्शन का असली स्रोत सामने न आ सके.

बैंक खाते‑एटीएम‑सिम का दुरुपयोग

इस मामले की जांच में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए लोगों को लालच देते थे और उनसे उनके बैंक खाते, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड हासिल कर लेते थे. बदले में इन लोगों को कमीशन दिया जाता था. इन खातों के जरिए ठगी की रकम जमा कर उसे अलग‑अलग खातों और गेमिंग ऐप्स में घुमाया जाता था, ताकि पैसों की ट्रेल छुपी रहे. इस मामले में दिल्ली पुलिस ने तकनीकी जांच और बैंक ट्रांजैक्शनों की गहन पड़ताल के बाद कई संदिग्ध खातों की पहचान की. इसके बाद दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद समेत कई जगहों पर छापेमारी की गई.

फर्जी खातों से फैज और फहाद तक पहुंची पुलिस

डीसीपी साउथ‑वेस्ट के अनुसार, साइबर सेल की टीम जिले में सक्रिय संदिग्ध बैंक खातों की जांच कर रही थी, जिनका इस्तेमाल फर्जी निवेश और ऑनलाइन जॉब के नाम पर की गई ठगी की रकम लेने के लिए किया जा रहा था. तकनीकी सुरागों के आधार पर पुलिस सबसे पहले मोहम्मद फैज तक पहुंची. पूछताछ में उसने बताया कि लालच में आकर उसने अपना बैंक खाता अपने चचेरे भाई मोहम्मद फहाद को दे दिया था. फहाद की गिरफ्तारी के बाद पुलिस नोएडा में छिपे सुवेब रब्बानी तक पहुंची, उसके पास से सतेंद्र राठौर, शनी पाल और प्रीतम कुमार भी मिले, जो बैंक खातों की आपूर्ति के लिए वहां आए थे.

सट्टेबाजी ऐप का भंडाफोड़

इसके बाद जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने फरीदाबाद और गाजियाबाद में छापेमारी कर अभिषेक मिश्रा और अभिषेक सिंह को गिरफ्तार किया. इनकी निशानदेही पर दिल्ली के लक्ष्मी नगर में चल रहे एक अवैध कॉल सेंटर पर छापा मारा गया, जहां से 6 लोग एक ऑनलाइन बैटिंग सट्टेबाजी ऐप का संचालन कर रहे थे. यहां से पुलिस ने तीन लैपटॉप, 19 मोबाइल फोन, 17 पासबुक, 23 एटीएम कार्ड, नौ सिम कार्ड और करीब 79 हजार रुपये नकद बरामद किए. कुल मिलाकर 28 मोबाइल फोन समेत भारी मात्रा में सामान जब्त किया गया.

छात्र से डिलीवरी बॉय तक शामिल

दिल्ली पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए सभी 14 आरोपी इस सिंडिकेट के अलग‑अलग हिस्सों को संभालते थे. कोई बैंक खातों की व्यवस्था करता था, तो कोई कॉल सेंटर में बैठकर लोगों को ठगी के जाल में फंसाता था. इस मामले से जुड़ी 15 साइबर शिकायतें भी सामने आई हैं. फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है. पुलिस के मुताबिक पकड़े गए आरोपी अलग‑अलग पृष्ठभूमि से हैं, जिनमें पढ़े‑लिखे छात्र से लेकर डिलीवरी बॉय तक शामिल हैं. जांच में सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड ‘हैंक' नाम का शख्स है, जिसकी तलाश पुलिस लगातार कर रही है.

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Delhi Police, South West Cyber Cell, Mule Bank Accounts, Cyber Fraud, Online Investment Scam
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com