- नासिक में अशोक खरात मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम में कुल चौबीस सदस्य शामिल हैं और बारह मामले दर्ज
- अशोक खरात पर आठ मामले महिलाओं के यौन शोषण और शेष मामले धोखाधड़ी से संबंधित हैं, पीड़ित महिलाएं सामने आई हैं
- डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर चार हजार आठ सौ पचास लिंक हटाए गए और चार सौ इक्यावन अकाउंट स्थायी रूप से बंद
नासिक में अशोक खरात मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) की ओर से पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में SIT प्रमुख तेजस्वी सातपुते ने जांच से जुड़े अब तक के तथ्यों और प्रगति की जानकारी साझा की. SIT प्रमुख ने बताया कि मामले की जांच टीम में कुल 24 सदस्य शामिल हैं. अशोक खरात के खिलाफ नासिक और अहिल्या नगर को मिलाकर कुल 12 मामले दर्ज किए गए हैं. इनमें से 9 मामलों की जांच SIT कर रही है, जबकि 2 मामलों की जांच अहिल्या नगर पुलिस और 1 मामले की जांच नासिक पुलिस के पास है.
महिलाओं के यौन शोषण और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप
अशोक खरात पर कुल दर्ज मामलों में से 8 मामले महिलाओं के यौन शोषण से जुड़े हैं, जबकि शेष मामले धोखाधड़ी से संबंधित हैं. SIT के अनुसार, आरोपी श्रद्धा‑भक्ति का गलत फायदा उठाकर लोगों से पैसे वसूलता था. वह इमली के बीज और पत्थर देकर कथित चमत्कार दिखाने का दावा करता था और दैवीय शक्ति होने का ढोंग कर अंधविश्वास फैलाता था. महिलाओं को डराकर और धमकाकर उनका शोषण किया जाता था. यह भी बताया गया कि पीड़ित महिलाएं “लोग क्या कहेंगे” के डर से लंबे समय तक अन्याय सहती रहीं, लेकिन अब उन्होंने हिम्मत दिखाकर सामने आकर अपनी शिकायतें दर्ज कराई हैं.
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डिजिटल सबूतों पर कार्रवाई, चार्जशीट की समयसीमा तय
SIT ने जानकारी दी कि महिलाओं के उत्पीड़न से जुड़े कुल 4,850 लिंक डिलीट कर दिए गए हैं, जिसकी पूरी जानकारी साइबर पुलिस के पास उपलब्ध है. इसके अलावा कुल 451 अकाउंट स्थायी रूप से बंद किए जा चुके हैं. SIT प्रमुख ने बताया कि नियमों के अनुसार केस दर्ज होने के 60 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करना जरूरी है. पहले मामले में 20 दिन बीत चुके हैं और अभी 40 दिन शेष हैं. पिछले 17 दिनों से SIT लगातार जांच कर रही है और जैसे‑जैसे सबूत सामने आ रहे हैं, जांच आगे बढ़ रही है। चार्जशीट दाखिल होने तक गोपनीयता बनाए रखना आवश्यक बताया गया है.
पुलिस कस्टडी, ED की एंट्री और CDR जांच जारी
अशोक खरात को अब तक दो बार पुलिस कस्टडी मिल चुकी है और आगे के मामलों की जांच के लिए फिर से पुलिस कस्टडी मांगी जाएगी. SIT ने यह भी बताया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मामले का संज्ञान लिया है. ED की ओर से मांगी गई जानकारी उपलब्ध करा दी गई है और आगे भी सहयोग किया जाएगा. प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह स्पष्ट किया गया कि पीड़ितों में कोई भी नाबालिग नहीं है. वहीं कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) से जुड़े मामले में शासन स्तर पर जांच जारी है.
प्रति वीडियो 20 से 50 रुपये वसूले जाते थे
महाराष्ट्र साइबर ने अशोक खरात और पीड़ित महिलाओं के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किए जाने के मामले में एफआईआर दर्ज की है. महाराष्ट्र साइबर की ओर से चार सोशल मीडिया लिंक के खिलाफ आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया गया है. सूत्रों के मुताबिक, अशोक खरात के 15 से 17 अश्लील वीडियो पोर्न साइट्स के अलावा फेसबुक, इंस्टाग्राम और टेलीग्राम पर वायरल हुए हैं. एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी से जुड़े वीडियो देखने की इच्छा रखने वालों से प्रति वीडियो 20 से 50 रुपये वसूले जाते थे और भुगतान के बाद उन्हें वीडियो भेजे जाते थे. पुलिस का कहना है कि इन वीडियो के कारण कई पीड़ित महिलाओं की पहचान भी सार्वजनिक हो रही है. महाराष्ट्र साइबर के प्रमुख यशस्वी यादव ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और जांच जारी है.
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(एनडीटीवी के लिए राहुल वाघ, पूजा भारद्वाज और पारस धामा की रिपोर्ट)
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