दिग्गज कमेंटेटरों की लिस्ट में हाल ही में एक और सक्रिय क्रिकेटर का नाम जुड़ा है. और वह हैं लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल, जिनका कमेंट्री करने का अंदाज अलग ही है. साल 2023 में व्हाइट-बॉल फॉर्मेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले चहल का करियर एकदम से ढलान पर आ गया. 36 वर्षीय लेग स्पिनर ने टीम इंडिया के लिए आखिरी बार साल 2023 में खेला था. बहरहाल, अब चहल ने खुलासा किया है कि उन्हें उसी साल 2023 में खेले गए विश्व कप टीम में क्यों नहीं चुना गया. पूर्व भारतीय ओपनर आकाश चोपड़ा के साथ बातचीत में चहल ने बताया कि तत्कालीन कप्तान रोहित शर्मा ने खुद उन्हें टीम में न चुने जाने की वजह बताई थी. चहल ने खुलासा किया कि टीम मैनेजमेंट टूर्नामेंट के लिए अतिरिक्त बल्लेबाजी और तेज गेंदबाजी विकल्पों के साथ एक अलग रणनीति अपनाना चाहता था.
'कप्तान रोहित ने साफ की स्थिति'
चहल ने कहा, '2023 में जब मैं काउंटी खेलने गया था, तो रोहित ने मुझे बताया था कि हम नंबर आठ तक बल्लेबाज चाहते हैं. इसलिए हम उस रणनीति के साथ जा रहे हैं. उन्होंने मुझे साफ तौर पर बताया था कि वे वर्ल्ड कप के लिए एक अतिरिक्त तेज गेंदबाज की भी तलाश कर रहे हैं. इसलिए यह बात मेरे लिए पूरी तरह साफ कर दी गई थी. वर्ल्ड कप के बाद मैंने चयन के बारे में सोचना ही बंद कर दिया.' चहल ने अगस्त 2023 में अपना आखिरी टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था और इसके बावजूद उन्हें 2024 के टी20 वर्ल्ड कप की टीम में जगह मिल गई थी. हालांकि, उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला.
आईपीएल में प्रदर्शन पर फिर नहीं मिली जगह
उन्होंने आगे कहा, 'आईपीएल 2024 में मैं सिर्फ आनंद लेने आया था और मैंने अपने ऊपर कोई अतिरिक्त दबाव नहीं डाला. उस सीजन में मैंने अच्छा प्रदर्शन किया, और रोहित ने मुझसे कहा कि वह मुझे टीम में चाहते हैं और चयन बैठक में इस पर विचार किया जाएगा.' लेकिन साल 2026 से लेकर 78 मैचों में 96 विकेट लेकर टी20 फॉर्मेट में सर्वश्रेष्ठ भारतीय स्पिनरों में शुमार होने वाले चहल 2021, 2022, 2024 और इस गर्मी में आयोजित होने वाले सभी वर्ल्ड कप खेलने से चूक गए.
एक भी विश्व कप न खेलने का मलाल
किस चयन से उन्हें सबसे ज्यादा ठेस पहुंची? इस सवाल पर चहल ने कहा कि टीम में जगह न मिलना, मैच न खेलने से कहीं अधिक निराशाजनक था. उन्होंने कहा, 'मुझे 2021 में सबसे बुरा लगा क्योंकि मैं टीम में बिल्कुल भी नहीं था. साल 2022 में कम से कम मैं टीम में तो था. कभी-कभी आप यह भी जानते हैं कि कॉम्बिनेशन (संयोजन) शायद काम न करे. इसलिए मैंने ज्यादा नहीं सोचा. लेकिन आपको हमेशा यह लगता है कि आपको कम से कम एक वर्ल्ड कप मैच तो खेलना चाहिए था. रोहित ने मुझे बताया था कि मैं तभी खेलूंगा जब एक खास कॉम्बिनेशन काम करेगा. इसलिए कम से कम मेरे पास स्पष्टता तो थी.'
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