बीसीसाई के लिए हनी-ट्रैप का डर अनजाने में नहीं आया है. BCCI ने अपनी सख़्त गाइडलाइन जारी करते वक्त ‘हनी-ट्रैप' के ख़तरे से टीमों और खिलाड़ियों को आगाह किया है. क्योंकि, ऐसा क्रिकेट में और ख़ासकर आईपीएल में पहले भी हो चुका है. इससे आईपीएल की छवि को भी धक्का लग चुका है. आईपीएल की ब्रैंड- इमेज और क्रिकेट को बचाने के लिए बीसीसीआई इस बार पहले से ही सचेत और सख़्त हो गया है. खिलाड़ी, अधिकारी और टीम के मालिकों को गाइडलाइन भेज दी गई हैं. एक नज़र डालते हैं कुछ ख़ास केस पर जहां ‘हनी-ट्रैप' का इस्तेमाल किया गया और कई क्रिकेटरों को इसकी भारी क़ीमत चुकानी पड़ी:
लड़कियां की गईं ‘अरेंज' - बुरे फंसे श्रीसंत और..
IPL में सबसे पहले ‘हनी-ट्रैप' की बात 2013 में सबके सामने आई. IPL 2013 स्पॉट-फिक्सिंग के दौरान बताया गया कि बुकीज़ ने एस श्रीसंत (S. Sreesanth) और अजीत चंदेला के लिए 3 बार लड़कियाँ “अरेंज” कीं. CCTV फुटेज में खिलाड़ियों के साथ लड़कियाँ भी नज़र आईं. रिपोर्ट के मुताबिक तीसरे राजस्थान रॉयल्स के खिलाड़ी अंकित चव्हाण ने भी एस्कॉर्ट सर्विस ली थी.
दिल्ली पुलिस ने इन खिलाड़ियों पर स्पॉट फिक्सिंग का आरोप लगाया. आरोप ये भी था कि बुकीज ने खिलाड़ियों के लिए लड़कियाँ “अरेंज” कीं जो हनी ट्रैप की तरह इस्तेमाल की गईं. 2013 के मई महीने में एस श्रीसंत मुंबई के एक होटल से गिरफ्तार किये गये और उन्होंने 27 दिन तिहाड़ जेल में गुजारे. BCCI ने श्रीसंत पर लाइफ बैन लगा दिया. आख़िरकार दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने सबूतों के अभाव में तीनों को बरी कर दिया.
केरल हाई कोर्ट ने 2017 में श्रीसंत के लाइफ बैन को रद्द किया. फिर BCCI ने लाइफ बैन घटाकर 7 साल कर दिया. श्रीसंत ने 2021 में केरल के लिए सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी से घरेलू क्रिकेट में वापसी की. लेकिन उनके करियर का प्राइम टाइम इस केस के दौरान चला गया और फिर उनकी IPL में वापसी नहीं हो पाई. श्रीसंत हमेशा कहते रहे कि वो बेकसूर हैं.
ICC 2012 जांच – जब बॉलीवुड एक्ट्रेस नूपुर मेहता पर लगा हनी ट्रैप आरोप
साल 2012 में एक ब्रिटिश अखबार Sunday Times ने एक स्टिंग ऑपरेशन किया. इसमें एक बुकी ने दावा किया कि वो बॉलीवुड एक्ट्रेसेस को हनी ट्रैप के लिए इस्तेमाल करता है. इसके मुताबिक बॉलीवुड एक्ट्रेस नूपुर मेहता के (फिल्म-जो बोले सो निहाल-2025 की अभिनेत्री) 2009 T20 वर्ल्ड कप के दौरान श्रीलंकाई क्रिकेटर तिलकरत्ने दिलशान को डेट करने की खबरें आईं. दोनों को एक साथ देखा गया.
ICC ने इसकी जांच शुरू कर दी. ICC की एंटी करप्शन यूनिट ACSU (ICC एंटी-करप्शन एंड सिक्योरिटी यूनिट) ने नूपुर मेहता से पूछताछ की. नुपूर ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों से इंकार कर दिया. नुपूर ने बयान दिया, “मैं किसी फिक्सिंग में शामिल नहीं. दिलशान मेरा दोस्त था, बस.” इस जांच का कोई नतीजा नहीं निकला.
ICC को नूपुर मेहता के खिलाफ मैच-फिक्सिंग में शामिल होने का कोई सबूत नहीं मिले. तिलकरत्ने दिलशान को क्लीन चिट दिया गया. तिलकरत्ने दिलशान पर भी कोई एक्शन भी नहीं हुआ. ICC ने माना कि बुकीज का “बॉलीवुड हनी ट्रैप” वाला दावा ज्यादातर बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया. लेकिन इस खतरे से इनकार भी नहीं किया.
KPL मैच-फिक्सिंग 2019 में ‘हनी-ट्रैप' का इस्तेमाल
BCCI से मान्यता प्राप्त कर्नाटक प्रीमियर लीग (KPL टी-20 लीग) सीज़न 2019 में मैच-फिक्सिंग और बेटिंग का बड़ा रैकेट पकड़ा गया. बेंगलुरु की सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) ने कर्नाटक के रणजी कप्तान CM गौतम जो बेलागावी पैंथर्स से खलते थे, एम विश्वनाथन (बेंगलुरु ब्लास्टर्स बल्लेबाजी कोच) वीनू प्रसाद (बल्लेबाजी कोच), निशांत सिंह शेखावत (बेलागावी पैंथर्स ओनर) अशफाक थारा (दुबई बेस्ड बुकी) को 2019 में एक के बाद एक करके गिरफ़्तार कर लिया.
बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर भास्कर राव ने कहा, “कुछ IPL क्रिकेटरों ने ही KPL प्लेयर्स के लिए हनी-ट्रैप सेट किए, प्लेयर्स को दुबई और मॉरीशस ले जाया गया. महंगे गिफ्ट दिए गए, फिर हनी ट्रैप में फंसाकर ब्लैकमेल किया गया.” ये शक भी जताया गया कि भारत के पड़ोसी देश का एक अनाम तेज़ गेंदबाज़ हनी ट्रैप सेट करने में शामिल था. हालांकि कुछ खिलाड़ियों ने इसमें शामिल होने से मना भी किया था.
इन सबपर फिक्सिंग के आरोप लगे. KPL को 2020 में रद्द कर दिया गया. स्कैंडल के बाद KSCA ने 2020 सीजन नहीं कराया. 2024 में “महाराजा ट्रॉफी” नाम से नई लीग शुरू की गई. लेकिन इस दौरान क्रिकेट और युवा खिलाड़ियों का बड़ा नुकसान हो गया.
सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफ़ी में हनी-ट्रैप
सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी, 2022 में दिल्ली के एक सीनियर क्रिकेटर जिसका नाम पब्लिक नहीं किया गया, ने कोलकाता लेग के मैच के दौरान एक डेटिंग ऐप पर एक महिला से मुलाक़ात की. महिला ने क्रिकेटर को कोलकाता मिलने को बुलाया. प्लेयर को होटल बुलाकर आपत्तिजनक स्थिति में सीक्रेट वीडियो बना लिया गया और फिर ब्लैकमेल का सिलसिला शुरू हो गया. उस क्रिकेटर को वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ₹60,000 कैश और iPhone वसूल लिया गया. उसस खिलाड़ी ने आख़िरकार दिल्ली पुलिस में FIR दर्ज कराई और फिर महिला समेत 3 लोग गिरफ्तार किये गये. हनी-ट्रैप का ये गैंग कोलकाता से ऑपरेट कर रहा था.
2015 NZ पुलिस की हनी-ट्रैप को लेकर वर्ल्ड कप वॉर्निंग
2015 क्रिकेट वर्ल्ड कप से पहले न्यूजीलैंड पुलिस और ICC एंटी-करप्शन यूनिट ने खिलाड़ियों को हनी ट्रैप को लेकर खुली चेतावनी दी थी. न्यूजीलैंड पुलिस और प्लेयर्स एसोसिएशन ने कहा था कि बुकीज खिलाड़ियों को फंसाने के लिए महिलाओं का इस्तेमाल करेंगे. न्यूजीलैंड क्रिकेट प्लेयर्स एसोसिएशन चीफ हीथ मिल्स का बयान था, "(ब्लैकमेल में) वो आपको ऐसी चीज में फंसाएंगे जो सामाजिक रूप से गलत है, उसे सीक्रेटली फिल्म करेंगे और कहेंगे 2 गोल करने दो या 10 रन से कम बनाओ. अगर आप मना करोगे तो कहेंगे - ठीक है, हमारे पास वीडियो है, हम एक्सपोज कर देंगे."
उन्होंने डायरेक्ट धमकी के उदाहरण भी दिए थे, "Well, see these photographs? They will be with your wife" – यानी “ये फोटो देखो? ये तुम्हारी पत्नी के पास पहुंच जाएंगे.”
2014 में न्यूजीलैंड में Crimes (Match Fixing) Amendment Bill पास हुआ और इसे कानून की शक्ल दे दी गई. जिसमें अधिकतम 7 साल जेल की सज़ा तय की गई. 2015 वर्ल्ड कप से पहले ही ICC और लोकल पुलिस ने टीमों को ब्रीफ किया था. खिलाड़ियों को कहा गया कि अनजान महिलाओं से दूरी रखें, होटल में किसी को न बुलाएं.
यही वॉर्निंग अब IPL 2026 में BCCI दोहरा रहा है – 7 पेज की एडवाइजरी में हनी ट्रैप को सबसे बड़ा रिस्क बताया है.
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