अजिंक्य रहाणे की भारतीय और मुंबई क्रिकेट के खिलाड़ी के तौर पर पारी खत्म हो गई. इस अनुभवी बल्लेबाज ने सप्ताह भर पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया था. लेकिन उसके बाद से वह पॉडकास्ट में नजर आ रहे हैं. इंटरव्यू दे रहे हैं और पर्दे के पीछे की कई कहानी का खुलासा कर रहे हैं. इसी क्रम में अब उन्होंने एक ऐसी कहानी बताई है, जो अभी तक फैंस को नहीं पता था. कई सालों तक मुंबई को घरेलू क्रिकेट में लीड करने वाले रहाणे 2022 ने तेजी से उभरते हुए यशस्वी जायसवाल को बीच मैच में मैदान से बाहर भेज दिया था. जायसवाल लगातार बल्लेबाज को स्लेज कर रहे थे. जायसवाल पर अंपायर से मिला वार्निंग का भी कोई असर नहीं हुआ था. ऐसे में रहाणे ने विवाद बढ़ता देख, इस बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज को मैदान से बाहर भेजने का फैसला लिया था. जायसवाल ने इस मैच में दोहरा शतक लगाकर वेस्ट जोन की जीत का बेस तैयार कर दिया था. अब रहाणे ने इस पर खुलासा करते हुए कहा कि रेफरी ने इस बल्लेबाज पर चार मैच के बैन की तैयारी कर ली थी.
मैदान से बाहर भेजे गए थे जायसवाल
सितंबर 2022 में वेस्ट ज़ोन की कप्तानी करते हुए अजिंक्य रहाणे ने साउथ ज़ोन के खिलाफ दलीप ट्रॉफी फाइनल के पांचवें दिन अपने टीम के साथी यशस्वी जायसवाल को अनुशासनात्मक कारणों से मैदान छोड़ने का आदेश दिया था. साउथ ज़ोन के बैटर रवि तेजा के खिलाफ हद से ज़्यादा स्लेजिंग करने के कारण उनके कप्तान रहाणे ने उन्हें मैदान छोड़ने के लिए कहा. तेजा ने अंपायर ने जायसवाल की शिकायत की थी. जायसवाल इसके बाद 57वें ओवर में फिर से आलोचनाओं के घेरे में आ गए थे.
जब रहाणे ने जायसवाल से कुछ कहा तो वह गुस्से में दिखे और आखिरकार उन्हें बाहर भेज दिया गया. जायसवाल सात ओवर बाहर रहने के बाद मैदान पर लौटे थे. उस मैच के बाद जब रहाणे से मीडिया ने जायसवाल को बाहर भेजने पर सवाल किया था, तो रहाणे ने कहा था,"मेरा मानना है कि हमेशा अपने विरोधी, अंपायर और मैच अधिकारियों का सम्मान करना चाहिए. इसलिए आपको कुछ घटनाओं को एक खास तरीके से संभालना होता है."
रहाणे ने बताया क्यों लिया था फैसला
वहीं अब इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक इंटरव्यू में रहाणे ने कहा,"गेम में स्लेजिंग होती है, और होनी भी चाहिए. इससे थोड़ा मज़ा आता है." "मैंने सिचुएशन को समझा. मुझे उस समय लगा कि शायद यह हाथ से निकल जाएगा. हां, उस समय यशस्वी को बुरा लगा होगा. लेकिन मुझे लगा कि आगे क्या हो सकता है. मैंने कई ऐसे हालात देखे हैं जहां प्लेयर्स को बैन किया गया है, और आपको कभी पता नहीं चलता कि समय कैसे बदल जाता है. आप एक मौका खो देते हैं और आपका समय खत्म हो जाता है."
रेफरी ने की थी चार मैच के बैन की तैयारी
रहाणे ने इसके बाद बताया कि मैच रेफरी वेंगलिल नारायणन कुट्टी, जो जायसवाल को चार मैचों के बैन करने के लिए अपना मन बना चुके थे, उन्होंने पूर्व कप्तान के फैसले के बाद अपना मन बदला था. रहाणे ने बताया,"मैच रेफरी को इसकी उम्मीद नहीं थी. उन्हें एहसास नहीं था कि मैं ऐसा कुछ करूंगा. मैच रेफरी चार मैच के बैन के साथ तैयार थे. लेटर लिखा गया था. वह मेरे पास आए और कहा, 'यह लेटर है, लेकिन क्योंकि तुमने ऐसा किया, इसलिए मैं इसे फाड़ रहा हूं.' उन्होंने मेरे सामने लेटर फाड़ दिया. आखिर में, मैं खुश था कि जायसवाल पर मैच का बैन नहीं लगा."
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