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'क्रिकेट के भगवान' की भगवान में अटूट श्रद्धा-मैच से पहले पीते थे मंदिर का पानी, होटल रूम में दिखा था भक्ति का नजारा

Sachin Tendulkar: सचिन के मैदान के बाहर के या निजी जीवन के अनछुए पहलू यदा-कदा ही सामने आते हैं. और यह एक ऐसी बात है जो उनके बारे में बहुत कुछ कहने और बताने के लिए काफी है

'क्रिकेट के भगवान' की भगवान में अटूट श्रद्धा-मैच से पहले पीते थे मंदिर का पानी, होटल रूम में दिखा था भक्ति का नजारा
सचिन तेंदुकर की श्रृद्धा भी उनकी बैटिंग की तरह ही बहुत ही उच्च स्तरीय है
X: social media

'क्रिकेट के गॉड (हालांकि सचिन ऐसा कहलवाने से बचते हैं)' कहे जाने वाले महानतम बल्लेबाजों में शुमार सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) के मैदान पर किए धमाकों से पूरा क्रिकेट जगत वाकिफ है, लेकिन एक तेंदुलकर ऐसा भी है, जिसकी मैदान के  बाहर अपनी दुनिया है, जिसका स्वभाव अंतर्मुखी है, जो ज्यादा शोर-शराबे में भरोसा नहीं करता, लेकिन जब इस तरह की चीजें सामने आती हैं, तो हर कोई बहुत ही ज्यादा हैरान रह जाता है. और हाल ही में सोशल मीडिया पर दो ऐसे बड़े प्रमाण सामने आए हैं, जो बताते हैं कि क्रिकेट के भगवान की ईश्वर में कितनी ज्यादा और किस स्तर की आस्था है. हालांकि, यह वीडियो साल 2022 का और घटना दोनों ही काफी पुरानी हैं , लेकिन ये इन दिनों सोशल मीडिया पर  वीडियो और एक पोस्ट के रूप में तूफान सी वायरल हो रही हैं. इस वीडियो में सचिन ने एक विदेशी शख्स ग्राह्म बेनसिंगर को दिए इंटरव्यू में  भगवान के प्रति अपनी आस्था की  गहराई को विस्तार से बयां किया. सचिन ने इंटरव्यू में सचिन ने हर अंतरराष्ट्रीय दौरे और मैच से पहले शिवाजी पार्क में स्थित एक छोटे मंदिर जाने की बात कही. वहीं, दूसरी घटना के तहत पोस्ट में एक पत्रकार ने एक घटना का हवाला दिया, जिसमें वह सचिन के होटल के कमरे में कुछ ऐसा ही देखकर वह बहुत ही ज्यादा चौंक गए थे. यह दो घटनाएं अपने आप में बताती हैं कि  सचिन की ईश्वर के प्रति आस्था भी उनके बनाए गए रिकॉर्ड जैसी ही अद्भुत है.  

मुंबई के किसी एक मंदिर में सचिन ने वीडियो में इंटरव्यू लेने  विदेशी शख्स को बताया, 'मैं इस मंदिर के नल से पानी पीता था. मुझे यह एहसास होता था, मेरे भीतर यह भरोसा पैदा होता था कि यह पानी मुझे ऊर्जा, कुछ शक्ति प्रदान करता है. इसने मेरे भारत के लिए खेलने का सपना सच करने में मदद की.' सचिन ने दिनों को याद करते हुए आगे कहा, 'मैं यहां आता था. पानी पीता था, भगवान की ओर देखता था और प्रार्थना करता था'

सचिन ने कहा, 'मैंने हमेशा अपने पूरे करियर के दौरान ऐसा किया. यहां तक कि करियर के आखिरी मैच के दौरान साल 2013 में भी. कभी-कभी वक्त-बेवक्त  भी आया. सुबह 3 बजे, 4 बजे, जब यहां कोई नहीं होता था. ऐसे में यहां आया और  अपनी प्रार्थना कर सका. सचिन ने कहा, 'मैंने हमेशा अपने पूरे करियर के दौरान ऐसा किया. यहां तक कि करियर के आखिरी मैच के दौरान साल 2013 में भी. कभी-कभी वक्त-बेवक्त  भी आया. सुबह 3 बजे, 4 बजे, जब यहां कोई नहीं होता था. ऐसे में यहां आया और  अपनी प्रार्थना कर सका. मैं अपने दर विदेशी दौरे, हर अंतरराष्ट्रीय मैच से पहले ऐसा किया. घर से रवाना होने से पहले मैं मंदिर आता था. इसलिए यह एक रिवाज सा बन गया.' 

होटल के कमरे में सचिन की भक्ति देख पत्रकार भी चौंक उठा!

एक वेबसाइट के लिए काम करने वाले एक पत्रकार ने सोमवार को ही पोस्ट करते हुए लिखा, 'ज्यादातर लोग यह नहीं जानते. साल 2009 में श्रीलंका के खिलाफ वनडे मैच से पहले मुझे और यूएसए के कप्तान मोनाक पटेल को उनके होटल ताज बंगाल आमंत्रित किया गया. मैं यह देखकर बहुत ही हैरान था कि सचिन ने अपने बैड के ठीक बगल में एक अस्थायी मंदिर बना रखा था. और उनका एडिडास कंपनी का बल्ला इस मंदिर के सहारे टिका हुआ था. यह बहुत ही पावरफुल विजुअल था. भगवान भी प्रार्थना करता है!


 

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