- 2019 के वर्ल्ड कप फाइनल में बेन स्टोक्स ने 84 रनों की की बदौलत इंग्लैंड ट्रॉफी जीतने में कामयाब रहा था.
- 2022 टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में स्टोक्स के अर्धशतक की बदौलत पाकिस्तान को हरा कर इंग्लैंड की टीम चैंपियन बनी.
- 2019 के हेडिंग्ले टेस्ट में 359 के लक्ष्य में बेन स्टोक्स की आइकॉनिक नाबाद 135 रनों की बदौलत इंग्लैंड जीता था.
2019 वर्ल्ड कप फाइनल की ऐतिहासिक पारी हो, हेडिंग्ले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चमत्कारिक जीत या फिर बैजबॉल युग में इंग्लैंड की आक्रामक टेस्ट क्रिकेट, स्टोक्स ने हर बार साबित किया कि दबाव जितना बड़ा होगा, उनका खेल उतना ही निखरेगा. लेकिन स्टोक्स का क्रिकेट करियर उनकी प्रतिभा के अलावा विवादों, मानसिक संघर्षों, अनुशासन संबंधी सवालों और कई मुश्किल दौर से भी गुजरा. यही वजह है कि उन्हें क्रिकेट का एक सबसे जटिल और प्रभावशाली किरदार माना जाता है.
मैदान पर बेमिसाल, मैदान के बाहर भी सुर्खियों में
न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च में जन्मे स्टोक्स बचपन में इंग्लैंड चले आए. बाएं हाथ के विस्फोटक बल्लेबाज और दाएं हाथ के तेज-मध्यम गेंदबाज के रूप में उन्होंने जल्द ही अपनी पहचान बना ली. लेकिन उनके करियर का दूसरा पहलू हमेशा विवादों से जुड़ा रहा.
GUARD OF HONOUR FOR BEN STOKES. ❤️ pic.twitter.com/Qx0jpJQhkA
— Mufaddal Vohra (@mufaddal_vohra) June 28, 2026
2017 का ब्रिस्टल नाइटक्लब विवाद, स्टोक्स के करियर का सबसे बड़ा विवाद माना जाता है. सितंबर 2017 में वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे मैच के बाद ब्रिस्टल के एक नाइटक्लब के बाहर मारपीट की घटना में स्टोक्स गिरफ्तार कर लिए गए.
घटना का वीडियो पूरी दुनिया में वायरल हुआ. इसके बाद इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने उन्हें तत्काल टीम से निलंबित कर दिया. इस विवाद के कारण उन्हें 2017-18 की एशेज सीरीज से बाहर होना पड़ा. बाद में उन पर हिंसक झगड़े का मुकदमा चला.
हालांकि 2018 में अदालत ने उन्हें बरी कर दिया. सुनवाई के दौरान स्टोक्स ने कहा कि वे एक समलैंगिक जोड़े को कथित अभद्र व्यवहार से बचाने की कोशिश कर रहे थे. अदालत से राहत मिलने के बावजूद ईसीबी ने क्रिकेट की छवि खराब करने के आरोप में उन पर जुर्माना लगाया और आठ मैचों का प्रतिबंध भी लगाया, जिसे वे निलंबन के दौरान लगभग पूरा कर चुके थे.
One of England's all-time greatest captains, Ben Stokes, has decided to retire from international cricket at the end of this Test match.
— England Cricket (@englandcricket) June 28, 2026
Ben, you have been the most inspirational captain, leader and legend this team could have ever hoped for.
We love you so much and wish you… pic.twitter.com/U5grq0F0kj
कप्तानी और अनुशासन पर उठे सवाल
स्टोक्स हमेशा आक्रामक स्वभाव के खिलाड़ी रहे हैं. कई बार मैदान पर उनकी बॉडी लैंग्वेज और विरोधी खिलाड़ियों से तीखी बहस भी चर्चा का विषय बनी. 2026 में एक और नाइटक्लब प्रकरण ने उन्हें फिर सुर्खियों में ला दिया. रिपोर्टों के अनुसार टीम के कर्फ्यू उल्लंघन और एक कथित विवाद के बाद उनकी कप्तानी तक पर सवाल उठने लगे थे. हालांकि जांच के बाद मामले की परिस्थितियों को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट सामने आईं.
मानसिक स्वास्थ्य को लेकर लिया बड़ा फैसला
2021 में स्टोक्स ने अचानक क्रिकेट से अनिश्चितकालीन ब्रेक लेकर उन्होंने फिर पूरे क्रिकेट जगत को चौंका दिया. उन्होंने मानसिक दबाव, चिंता और लगातार क्रिकेट खेलने की थकान से जूझने की बात कही. उसी दौरान उनके पिता का निधन भी हुआ था, माना जाता है उसकी वजह से भी तब टूट गए थे.
स्टोक्स ने बाद में बताया कि वे पैनिक अटैक और चिंता जैसी समस्याओं से गुजर रहे थे और इस फील्ड के प्रोफेशनल्स से मदद ले रहे थे. ईमानदारी रखी गई उनकी इस बात की दुनिया भर में सराहना हुई.

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गुस्सैल स्वभाव और शराब छोड़ना
हालांकि बेन स्टोक्स का आक्रामक रवैया हमेशा उनकी पहचान रहा है. वो मैदान पर अंपायरों से बहस करते अक्सर नजर आते थे, विपक्षी खिलाड़ियों से तीखी नोकझोंक और कभी-कभी अपने ही खिलाड़ियों पर नाराजगी जाहिर करना भी उनके करियर का हिस्सा रहा है.
ब्रिस्टल विवाद के बाद स्टोक्स ने अपनी लाइफस्टाइल में बड़ा बदलाव किया. चोटों से उबरने और फिटनेस सुधारने के लिए उन्होंने शराब छोड़ने का फैसला किया. उन्होंने कई बार कहा कि एक पेशेवर खिलाड़ी के रूप में उन्हें अपने शरीर और मानसिक स्थिति दोनों का बेहतर ध्यान रखना पड़ा.
लेकिन विवादों से कहीं बड़ी रही उनकी क्रिकेट
बेशक बेन स्टोक्स अपने करियर के दौरान कई विवादों से भी गुजरे लेकिन अगर उनकी उपलब्धियों की सूची इन सभी विवादों से कहीं अधिक मजबूत और प्रभावशाली दिखती हैं.
- 2019 वर्ल्ड कप फाइनल में 84 रन
- सुपर ओवर में खुद उतरे और टीम को पहला वर्ल्ड कप दिलाया
- 2019 हेडिंग्ले टेस्ट में 135 रन की ऐतिहासिक पारी
- 2022 टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल में मैच जिताऊ प्रदर्शन
टेस्ट कप्तान के रूप में बैजबॉल क्रिकेट की शुरुआत की. हमेशा इंग्लैंड के सबसे प्रभावशाली ऑलराउंडरों में शामिल रहे. उनकी कप्तानी में इंग्लैंड ने टेस्ट क्रिकेट का खेलने का अंदाज ही बदल दिया.
स्टोक्स ऐसे खिलाड़ी हैं जिनसे हर कोई सहमत नहीं होता. कुछ लोग उन्हें जरूरत से ज्यादा आक्रामक मानते हैं, जबकि समर्थकों का कहना है कि यही आक्रामकता उन्हें असाधारण बनाती है.
उनके करियर में कई बार ऐसा लगा कि विवाद उनका सब कुछ खत्म कर देंगे, लेकिन हर बार उन्होंने मैदान पर प्रदर्शन से जवाब दिया.

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क्रिकेट इतिहास उन्हें कैसे याद रखेगा?
बेन स्टोक्स की गिनती उन चुनिंदा खिलाड़ियों में होगी जिनकी जब भी बात आएगी तो केवल क्रिकेट के मैदान पर उनके कारनामे नहीं सुनाए, बतियाए जाएंगे बल्कि उन्हें एक ऐसे क्रिकेटर के रूप में याद किया जाएगा जिसने इंग्लैंड को वर्ल्ड कप जिताया, टेस्ट क्रिकेट की सोच बदल कर रख दी, मानसिक स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर खुलकर बात की और साथ ही अपने विवादों की बेशकीमती कीमत भी चुकाई.
स्टोक्स को उनके विवादों के इतर दुनिया एक ऐसे आधुनिक क्रिकेटर के रूप में याद रखेगी जो कई गलतियों को करने के बावजूद अपने संघर्ष के बूते मैदान पर लौटा और इतिहास बनाया.
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