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T20 World Cup 2026: अमेरिका से क्यों मंगाया गया खास केमिकल, IND vs ZIM मैच के परिणाम पर डालेगा असर?

Chemical imported from USA, IND vs ZIM: भारत और जिम्बाब्वे के बीच मैच शाम 7 बजे से खेला जाएगा, रात के समय मैदान पर काफी ओस पड़ेगी. जिससे ऐसे हालात में बैटिंग आसान और बॉलिंग उतनी ही मुश्किल हो जाती है

T20 World Cup 2026: अमेरिका से क्यों मंगाया गया खास केमिकल, IND vs ZIM मैच के परिणाम पर डालेगा असर?
IND vs ZIM: Chemical imported from USA to be used at Chepauk Stadium to deal with dew

IND vs ZIM, T20 World Cup 2026: भारत और जिम्बाब्वे के बीच मुकाबला आज चेन्नई में खेला जाएगा. भारतीय टीम को यह मैच बड़े अंतर से जीतना है. इसके लिए टीम इंडिया ने पूरी तैयारी कर ली है. वहीं, चेन्नई में ओस से निपटने के लिए एक खास इंतजाम किया गया है. दरअसल, भारत और जिम्बाब्वे के बीच मैच शाम 7 बजे से खेला जाएगा, रात के समय मैदान पर काफी ओस पड़ेगी. जिससे ऐसे हालात में बैटिंग आसान और बॉलिंग उतनी ही मुश्किल हो जाती है.ऐसे में मैच को बराबरी पर लाने के लिए इम्पोर्टेड केमिकल इस्तेमाल किया जाएगा. 

चेपॉक में ओस का इलाज करने के लिए मंगवाया गया केमिकल

 द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि चेपॉक स्टेडियम में ओस की चुनौती से लड़ने के लिए 'ड्यू क्योर' नाम का एक नया इम्पोर्टेड केमिकल का इस्तेमाल किया जाएगा जिसे अमेरिका से मंगाया गया है. रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि मंगलवार और बुधवार को ग्राउंड पर 'ड्यू क्योर' स्प्रे किया गया था, और गुरुवार दोपहर को भी इसे दोहराया जाएगा. जिससे भारत और ज़िम्बाब्वे के बीच रात के मैच के दौरान ओस का असर कम हो सके.  मैच के दौरान ह्यूमिडिटी लेवल 80 से 90 परसेंट के बीच रहने का अनुमान है. इसका मतलब है कि दूसरी पारी के दौरान आउटफील्ड पर ओस का असर देखने को मिलेगा. 

ये भी पढ़ें- IND vs ZIM, T20 World Cup 2026: सेमीफाइनल की रेस में आगे निकलने के लिए जिम्बाब्वे के खिलाफ भारत को कितने बड़े अंतर से जीत हासिल करनी होगी?

ओस के कारण परिणाम पर पड़ता है असर !

चेपॉक के मैदान पर शाम के वक्त ओस का अक्सर ही बड़ा असर दिखता है, जो कई बार मैच के परिणाम को बदलने का भी काम करता है. ऐसे में इस चुनौती को कम के लिए अमेरिका से मंगाए गए केमिकल का इस्तेमाल किया जाएगा. 

चेपॉक की पिच पर क्या असर दिखाएगी
चेपॉक की पिच पिछले कुछ सालों में बदली है.पारंपरिक रूप से स्पिन की मदद करने के लिए जानी जाने वाली MA चिदंबरम स्टेडियम की पिच इस टूर्नामेंट में दोबारा बिछाए जाने के बाद अलग तरह से बर्ताव कर रही है. पिच ज़्यादातर बल्लेबाजों के पक्ष में रही है, और हाई-स्कोरिंग मुकाबले आम बात हो गई है. ग्रुप स्टेज के दौरान दो मौकों पर, 170 से ज़्यादा के टारगेट को आसानी से हासिल कर लिया गया.

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