कभी-कभी कोई वस्तु कोने में पड़ी होती है. और फिर जब उसका समय आता है, तो वह एकदम से ही सम्मान और चर्चा का विषय बन जाती है! और कुछ ऐसा ही खेले जा रहे T20 World Cup 2026 में NRR यानी नेट रन-रेट के मामले में है. दक्षिण अफ्रीका ने रविवार को वर्ल्ड कप के सुपर-8 राउंड के पहले ही मैच में 76 रन से क्या धोया, नेट रन-रेट एकदम से हीरो बन गया! वजह यह है कि अगर खुदा न खास्ता भारत के साथ अगले मैच में जिंबाब्वे (Ind vs Zim) या राउंड में विंडीज के खिलाफ आखिरी मैच (India vs West Indies) में कुछ गलत होता है, तो फिर नेट रन टीम इंडिया के सेमीफाइनलिस्ट बनने या न बनने में सबसे बड़ी भूमिका निभा सकता है. चलिए आपके मन में नेट रन-रेट को लेकर कई सवाल चल रहे होंगे. चलिए बारी-बारी से सभी के बारे में जान लीजिए:-
NRR इस्तेमाल करने का मकसद
इससे यह जाना जाता है कि किसी टीम के सबसे तेज रन बनाने और सबसे तेज रन गेंदबाजी के दौरान खाने के बीच का अंतर क्या है. इसके तहत कुल बने रनों को कुल ओपनरों से भाग दिया जाता है, तो बॉलिंग के दौरान कुल दिए रनों को कुल ओवरों की संख्या से भाग दिया जाता है. ओवरो में वास्तव में कुल सामना की गईं/फेंकी गई गेंदों इस्तेमाल किया जाता है. (उदाहरण के तौरान पर 19.3 ओवर=19.5). फॉमूले के लिए आप नीचे के ग्राफिक्स पर नजर डालें.

कुछ ऐसे होती है NRR की गणना
0.1 ओवर= 1/6=0.166
0.2 ओवर= 2/6= 0.333
0.3 ओवर= 3/6= 0.500
0.4 ओवर= 4/6= 0.666
0.5 ओवर= 5/6= 0.833
भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका मैच का उदाहरण
टीम रन ओवर NRR के लिए ओवर रन-रेट
दक्षिण अफ्रीका 187 20 20 187/20=9.35
भारत 111 18.5 20 111/20=5.55
भारत के लिए NRR: 5.55-9.35 = -3.800
इन हालात में नहीं होता NRR का इस्तेमाल
-सुपर ओवर: सुपर ओवर में बनाए गए रनों में NRR यानी नेट रन-रेट का इस्तेमाल नहीं किया जाता है.
-DLS पद्धति: यदि बारिश के कारण मैच छोटा हो जाता है, तो "टीम 1" (जो पहले बल्लेबाज़ी करती है) को "टीम 2" के संशोधित लक्ष्य से एक रन कम, उतने ही ओवरों में क्रेडिट किया जाता है जितने ओवर टीम 2 को दिए गए हों.
-रद्द मैच: यदि कोई मैच "नो रिज़ल्ट" (वॉशआउट) हो जाता है, तो उस मुकाबले में NRR का इस्तेमाल नहीं किया जाता.
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