T20 World Cup: जिसकी उम्मीद थी, ठीक वैसा ही हुआ! सभी मानकर चल रहे थे कि पाकिस्तान (Pakistan) के ड्रामे में कुछ भी जान नहीं है. और इसकी रणनीति ऐसी ही हुई, जिसकी चर्चा तमाम लोग कर रहे थे. इसी के साथ ही खेले जा रहे टी20 विश्व कप (T20 World Cup 2026) में 15 फरवरी को पाकिस्तान के खिलाफ भारत के बहुप्रतीक्षित मुकाबले में मंडरा रहे संकट के बादल पूरी तरह से छट गए. कुछ दिन पहले ही पाकिस्तान सरकार के भारत के खिलाफ मैच न खेलने को लेकर ट्वीट करने के बाद क्रिकेट जगत में मानो भूचाल सा आ गया था. इसके बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल (ICC), बीसीसीआई सहित और कई पक्ष पिछले दरवाजे से इस मुद्दे का समाधान निकालने की जी तोड़ कोशिश कर रहे थे. और अब जब यह साफ हो गया है कि पाकिस्तान ने मुकाबला खेलने पर हामी भर दी है, पैटर्न बॉडी ने भी आधिकारिक तौर पर बयान जारी किया है.
The International Cricket Council, Pakistan Cricket Board and Bangladesh Cricket Board have concluded an open, constructive and congenial dialogue.
— ICC (@ICC) February 9, 2026
Media Release: https://t.co/gLDIjB3JOp
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल ने जारी प्रेस रिलीज में कहा, 'ICC, पाकिस्तान बोर्ड और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के बीच चली एक खुली, रचनात्मक और सौहार्दपूर्ण बातचीत अब खत्म हो गई है. इस बातचीत में कई मुद्दों पर बात की गई. बातचीत का दायरा सिर्फ टी20 विश्व तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे दक्षिण एशिया में क्रिकेट को लेकर एक व्यापक नजरिए के साथ बात कई गई. ICC ने शुरू होने जा रहे टी20 विश्व कप में बांग्लादेश की अनुपस्थिति को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उसे एक मू्ल्यवान पूर्णकालिक टेस्ट दर्जा प्राप्त देश बताते हुए कहा कि बांग्लादेश का गौरवमयी इतिहास रहा है और खेल के विकास में उसकी अहम भूमिका रही है.'
ICC ने जारी रिलीज में यह भी दोहराया कि वह एक ऐसे बाजार में विकास की सुविधा जारी रखेगा, जहां 200 मिलियन से अधिक उत्साही प्रशंसक हैं, ताकि राष्ट्रीय टीम की आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप में भागीदारी न होने से देश में क्रिकेट पर कोई दीर्घकालिक प्रभाव न पड़े. मीटिंग में तीनों पक्षों (ICC, PCB, BCC) के जो बीच सकारात्मक बातें हुई, उसके कई अहम बिंदु रहे. यह एक सकारात्मक समझौते को दर्शाते हैं और इसमें शामिल पक्षों की वर्तमान स्थिति को स्पष्ट करने के लिए हैं. इसके तहत सबसे अहम बात यह कही गई है कि बांग्लादेश को पर दंड या प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा.
बांग्लादेश पर कोई दंड या प्रतिबंध नहीं
'सभी पक्षों की सहमति से यह फैसला लिया गया कि यह सहमति है कि वर्तमान मामले में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड पर कोई वित्तीय, खेल या प्रशासनिक दंड नहीं लगाया जाएगा. वहीं, यह भी बात मानी गई कि अगर बांग्लादेश चाहता है, तो बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के पास विवाद निपाटा कमेटी (डीआरसी) के पास जाने का अधिकार रहेगा. उसका यह अधिकार वर्तमान आईसीसी नियमों के तहत मौजूद है और बरकरार है. आईसीसी का दृष्टिकोण तटस्थता और निष्पक्षता के सिद्धांतों द्वारा निर्देशित है और सजा के बजाय सहायक समर्थन के साझा उद्देश्य को दर्शाता है'
साल 2028 और 2031 के बीच एक आईसीसी इवेंट की मेजबानी
'तीनों पक्षों के बीच बनी सहमति में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड की यह बात भी मानी गई कि बांग्लादेश आईसीसी मेन्स क्रिकेट वर्ल्ड कप 2031 से पहले एक आईसीसी इवेंट की मेजबानी करेगा, लेकिन यह पूरी तरह से आईसीसी की मेजबानी प्रक्रिया, समय समय सीमा परिचालन संबंधी जरूरतों पर निर्भर करेगा. यह फैसला बांग्लादेश की बतौर मेजाबन क्षमता को दर्शाता है. साथ ही, यह इस देश में क्रिकेट के विकास के अर्थपूर्ण मेजबानी दिए जाने के हमारे समर्पण को भी प्रदर्शित करता है.'
यह भी पढ़ें:
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं