विज्ञापन

PLI 1.2 योजना: 55 स्टील कंपनियों के साथ 85 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर,11,887 करोड़ रुपये के निवेश का प्लान!

मोदी सरकार की PLI 1.2 योजना के तीसरे चरण के तहत विशेष इस्पात क्षेत्र में 55 कंपनियों की 85 परियोजनाओं पर MoU साइन किए गए हैं. 11,887 करोड़ रुपये के निवेश से 2031 तक 8.7 मिलियन टन क्षमता बढ़ने की उम्मीद है, जिससे भारत की ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की राह मजबूत होगी.

PLI 1.2 योजना: 55 स्टील कंपनियों के साथ 85 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर,11,887 करोड़ रुपये के निवेश का प्लान!
  • PLI 1.2 योजना के तहत 55 कंपनियों ने 85 विशेष इस्पात परियोजनाओं के लिए 11,887 करोड़ रुपये निवेश का समझौता किया
  • वर्ष 2031 तक इन परियोजनाओं से भारत में विशेष इस्पात उत्पादन क्षमता में 8.7 मिलियन टन की वृद्धि होने की उम्मीद
  • PLI 1.2 योजना उच्च स्तरीय इस्पात ग्रेड उत्पादन बढ़ाकर आयात पर निर्भरता कम करने में सहायक
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
नई दिल्ली:

भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के मकसद को हासिल करने के लिए मोदी सरकार द्वारा शुरू की गई उत्पादन‑संबद्ध प्रोत्साहन (Production Linked Incentive – PLI) योजना के तीसरे चरण यानी PLI 1.2 के सकारात्मक नतीजे सामने आने लगे हैं. सोमवार को केंद्रीय इस्पात और भारी उद्योग मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने विशेष इस्पात के लिए शुरू की गई PLI 1.2 योजना के तीसरे चरण के तहत 55 कंपनियों की 85 परियोजनाओं के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए.

Latest and Breaking News on NDTV

इस्पात मंत्रालय का बयान

इस्पात मंत्रालय के मुताबिक, “भारत सरकार द्वारा विशेष इस्पात के लिए शुरू की गई उत्पादन‑आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजना 1.2 उच्च मूल्य वाले विनिर्माण को मजबूत करने और महत्वपूर्ण स्टील ग्रेड में आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में एक अहम कदम है. इस्पात मंत्रालय द्वारा संचालित PLI 1.2 के अंतर्गत 55 कंपनियों के साथ 85 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिनके तहत कुल 11,887 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता जताई गई है.”

ये भी पढ़ें : सेल ने बैराबी-सैरांग परियोजना के लिये स्टील आपूर्ति करके पूर्वोत्तर भारत में रेल संपर्क को किया सशक्त

2031 तक 8.7 मिलियन टन क्षमता बढ़ने की उम्मीद

इन 85 परियोजनाओं के माध्यम से वर्ष 2031 तक करीब 8.7 मिलियन टन विशेष इस्पात उत्पादन क्षमता बढ़ने की उम्मीद है. इससे इलेक्ट्रिकल स्टील, मिश्र धातु और स्टेनलेस स्टील, लेपित उत्पादों और रणनीतिक क्षेत्रों के लिए आवश्यक उच्च‑स्तरीय स्टील ग्रेड में भारत की क्षमताओं का बड़ा विस्तार होगा.

एच. डी. कुमारस्वामी का बयान

समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के बाद केंद्रीय इस्पात और भारी उद्योग मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने कहा, “PLI 1.2 घरेलू उत्पादन को प्रोत्साहित कर विदेशी मुद्रा के संरक्षण में मदद करेगा और भारत को उन्नत इस्पात का एक विश्वसनीय वैश्विक आपूर्तिकर्ता बनाने में अहम भूमिका निभाएगा. PLI योजना के पहले दौर की उपलब्धियां इस नीति की प्रभावशीलता को और मजबूत करती हैं. PLI 1.0 और 1.1 के तहत 43,874 करोड़ रुपये के प्रतिबद्ध निवेश पहले ही क्षमता सृजन और रोजगार सृजन सहित ठोस जमीनी प्रगति में बदल चुके हैं. PLI 1.2 इसी गति को आगे बढ़ाने का काम करेगा.”

ये भी पढ़ें : ट्रेड डील, टैक्‍स से क्रिप्‍टो, STT और सट्टेबाजी तक, NDTV के मंच पर वित्त मंत्री सीतारमण ने साफ कर दी तस्‍वीर

PLI 1.0 और 1.1 की उपलब्धियां

इस्पात मंत्रालय के अनुसार, PLI 1.0 के तहत प्रतिबद्ध परिणामों में 27,106 करोड़ रुपये का निवेश, 14,760 प्रत्यक्ष रोजगार और 79 लाख टन की उत्पादन क्षमता शामिल है. वहीं, 6 जनवरी 2025 को शुरू की गई PLI 1.1 योजना से लगभग 17,000 करोड़ रुपये के निवेश, करीब 16,000 रोजगार और 64 लाख टन उत्पादन क्षमता सृजन की उम्मीद है.
योजना के तहत अब तक भाग लेने वाली कंपनियों को कुल 236 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन वितरित किया जा चुका है.

उद्योग जगत की मांग के बीच शुरू हुआ तीसरा चरण

PLI योजना का तीसरा चरण उद्योग जगत की मजबूत मांग और विशेष इस्पात में निरंतर क्षमता विस्तार की आवश्यकता को देखते हुए शुरू किया गया है. यह योजना ऑटोमोबाइल, रेलवे, रक्षा, विद्युत उपकरण और एयरोस्पेस जैसे अहम क्षेत्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
 

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com