IND vs ENG, T20 World Cup 2026: जब जुलाई 2024 में गौतम गंभीर ने भारतीय टीम के कोच का पद संभाला था, तो T-20 क्रिकेट के मामले में उनका सबसे मुश्किल काम टीम में बदलाव देखना था, अभी-अभी रोहित शर्मा, विराट कोहली और रवींद्र जडेजा ने टी-20 से रिटायरमेंट लिया था. गंभीर के ऊपर टी 20 टीम को फिर से मजबूत टीम बनाने की जिम्मेदारी थी जिसमें भारतीय कोच सफल हो गए हैं. अब भारतीय टीम टी-20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंचने में सफल हो गई है. भारतीय टीम का परफॉर्मेंस शानदार रहा है और अबतक केवल साउथ अफ्रीका से एक मैच हारी है ,भले ही अफ्रीकी टीम के खिलाफ भारतीय टीम को जीत मिली है लेकिन जिस अंदाज में टीम इंडिया ने वापसी की है वह अतुलनीय है. गंभीर की कोचिंग ने आज भारतीय टीम को टी-20 की सबसे मजबूत टीम में से एक बना दिया है.
Gautam Gambhir acknowledging Rinku's courageous character in the team huddle🇮🇳@GautamGambhir mad respect for you.pic.twitter.com/6r2B0qCE6y
— adi. (@Hurricanrana_27) March 3, 2026

टी-20 टीम के लिए गंभीर का मास्टर स्ट्रोक
हार्दिक की जगह सूर्या को कप्तान बनाया, कप्तान ने खुद को साबित किया
गंभीर ने अपनी कोचिंग के दौरान सबसे बड़ा मास्टर स्ट्रोक सूर्या को कप्तान बनाकर खेला है. पहले हार्दिक का नाम कप्तान के तौर पर सामने थे लेकिन गंभीर ने आते ही समीकरण बदल दिया और टी-20 के सबसे बेहतरीन बल्लेबाज को टी-20 टीम का कप्तान बना दिया. सूर्या के कप्तानी में टी-20 में टीम इंडिया ने कमाल का परफॉर्मेंस किया है.
एक फ़ॉर्मेट में 50 मैच के बाद कप्तान के तौर पर सबसे ज़्यादा जीत
- 40: सूर्यकुमार यादव (T20I)
- 40: असगर अफ़गान (T20I)
- 39: विराट कोहली (ODI) 39: रिकी पोंटिंग (ODI)
- 39: क्लाइव लॉयड (ODI)
- 39: रोहित शर्मा (T20I)
- 37: स्टीव वॉ (टेस्ट)
- 37: हैंसी क्रोनिए (ODI)
टीम के सभी खिलाड़ियों के योगदान को अहम बताया
वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच के दौरान गंभीर ने सिर्फ संजू सैमसन की पारी को नहीं बल्कि शिवम दुबे की पारी को भी अहम बताया. गौतम गंभीर ने ज़ोर देकर कहा कि "यह भारतीय टीम व्यक्तिगत उपलब्धियों से ज़्यादा सामूहिक असर को महत्व देती है. उन्होंने कहा कि शिवम दुबे की दो अहम बाउंड्री भी उतनी ही मायने रखती थीं, जितनी संजू सैमसन की 97 रन की पारी.' गंभीर की यह सोच टीम इंडिया के सभी खिलाड़ियों में जोश भरती है. गंभीर की यह रणनीति टीम को बड़ा अवसर प्रदान कर रही है.

खराब फॉर्म में रहने वाले खिलाड़ियों को लगातार सपोर्ट
अभिषेक शर्मा हो या फिर सूर्यकुमार यादव, कोच गंभीर ने खराब फॉर्म में रहने वाले खिलाड़ियों को बराबर सपोर्ट किया है. आज संजू सैमसन एक बड़ा उदाहरण बनकर सामने आए हैं. भले ही संजू को लगातार इलेवन में शामिल नहीं किया गया लेकिन कोच गंभीर का उनपर भरोसा हमेशा कायम था. यही कारण है कि संजू ने खुद बताया कि कैसे गंभीर ने उन्हें कहा था कि जब तुम 21 बार -0 पर आउट हो जाओगे तब मैं तुम्हें टीम से बाहर करूंगा. गंभीर का इस तरह से खिलाड़ियों को सपोर्ट करना टीम में पॉजिटिव वातावरण लेकर आ रहा है.
प्लेइंग इलेवन को लेकर हुई आलोचना लेकिन अपने सोच पर डटे रहे
गंभीर को लेकर कई बार पूर्व दिग्गजों ने आलोचना की लेकिन गंभीर टस से मस नहीं हुए, हमेशे अपनी रणनीतियों को आगे लेकर गए और कभी सफल तो कभी असफल रहे. लेकिन उनकी 'आउट ऑफ बॉक्स' सोच हमेशा भारत को दूसरे टीमों से अलग बनाती आई है.

बता दें कि गंभीर के कार्यकाल के लगभग दो साल में खासकर टी-20 इंटरनेशनल में 48 मैच बाद, भारत को 39 मैच में जीत मिली है. भले वनडे और टेस्ट में कोच के तौर पर गंभीर औसत रहे हैं लेकिन टी-20 में उनका रिकॉर्ड बतोर कप्तान कमाल का है, अब यदि गंभीर की कोचिंग में भारत टी-20 वर्ल्ड का खिताब जीतने में सफल रहा तो यकीनन कोच गंभीर टीम इंडिया के सबसे बेहतरीन कोच में से एक होंगे.
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