महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने सोमवार को कहा कि अगले महीने इंग्लैंड के खिलाफ भारत की वनडे सीरीज रोहित शर्मा के लिए यह दिखाने का बहुत अच्छा मौका होगी कि वह अगले साल होने वाले 50 ओवर के विश्व कप में भारत के लिए पारी का आगाज करेंगे. रोहित और विराट कोहली (उपलब्ध होने पर) दोनों भारत के लिए सिर्फ वनडे खेलते हैं. वे 14-19 जुलाई तक इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में वापसी करेंगे. कोहली अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज में नहीं खेले थे, जबकि रोहित शुरुआती दो मैचों में कुछ खास नहीं कर पाए, लेकिन फिर उन्होंने तीसरे वनडे में अर्द्धशतकीय पारी खेली.
'रोहित को अगले डेढ़ साल अच्छ प्रदर्शन करना है'
गावस्कर ने कहा कि रोहित जानते हैं कि अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप में जगह बनाने के लिए उनकी स्थिति क्या है. सोनी स्पोर्ट्स द्वारा आयोजित एक बातचीत में गावस्कर ने कहा,"रोहित शर्मा के बारे में कब बात नहीं हुई है? रोहित शर्मा के बारे में हमेशा से बहुत बात होती रही है." उन्होंने कहा,"वह जानते हैं कि उनकी स्थिति क्या है. मुझे लगता है कि जाहिर तौर पर अहम लोगों और रोहित शर्मा के बीच साफ तौर पर जानकारी का आदान-प्रदान हुआ है. वह अच्छी तरह जानते हैं कि उनकी स्थिति क्या है और विश्व कप तक के अगले डेढ़ साल में उन्हें बस लगातार अच्छा प्रदर्शन करना है."
गावस्कर ने कहा,"मुझे नहीं लगता कि वह ऐसे व्यक्ति हैं जो अपनी प्रतिभा और काबिलियत के कारण कोई दबाव महसूस करते हैं. इंग्लैंड (दौरा) उनके लिए यह दिखाने का बहुत अच्छा मौका है कि डेढ़ साल बाद भी वह भारत के लिए पारी का आगाज करते रहेंगे."
'भारतीय खिलाड़ियों का आकलन कभी नहीं होता खत्म'
गावस्कर ने कहा कि किसी भी भारतीय खिलाड़ी का आकलन कभी खत्म नहीं होता और सीनियर बल्लेबाजों को पता होता है कि उन्हें लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहना होगा. उन्होंने कहा,"जब आप डेब्यू करने वाले युवा खिलाड़ी होते हैं, तो आप पर नजर रखी जाती है कि आप अंतरराष्ट्रीय (क्रिकेट के) दबाव को कैसे संभालते हैं, क्या आपमें अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा का मिजाज और काबिलियत है."
उन्होंने कहा,"भारतीय क्रिकेट में ऐसा होता है कि शुरुआत से ही खिलाड़ियों पर लगातार नजर रखी जाती है और यह दबाव लगभग कभी खत्म नहीं होता. इसलिए इन खिलाड़ियों के लिए यह निगरानी या आलोचना कोई नयी बात नहीं होगी."
उन्होंने कहा,"वे जानते हैं कि दबाव को कैसे संभालना है और उन्हें पता है कि एकमात्र तरीका है रन बनाते रहना, जो कैच मिलें उन्हें पकड़ना, रन-आउट करना और साथ ही कप्तान को सलाह देने के लिए तैयार रहना क्योंकि वे खुद कप्तान रह चुके हैं और उनके पास अनुभव है."
'फिटनेस पर अधिक ध्यान'
गावस्कर ने कहा कि रोहित और कोहली के मामले में, उनकी शारीरिक क्षमताओं पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा, जिसे वे दोनों आसानी से संभाल सकते हैं. उन्होंने कहा,"जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ती है और आप 35 साल के पार जाते हैं, तो आपके स्वभाव के बजाय आपकी शारीरिक फिटनेस पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है. उनके पास जो अनुभव है, उससे वे इसे आसानी से संभाल लेंगे." इस बीच गावस्कर ने इंग्लैंड के ऑलराउंडर बेन स्टोक्स के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के समय पर हैरानी जताई.
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