Muttiah Muralitharan's marriage interesting story: टेस्ट इतिहास के सबसे ज्यादा विकेट चटकाने वाले श्रीलंकाई महान स्पिनर मुथैयार मुरलीधरन (Muttiah Muralitharan) का भारत से बहुत ही गहरा रिश्ता है. फिर चाहे यह भारत के खिलाफ विकेट लेने की बात हो या आईपीएल में खेलने की, भारतीय खिलाड़ियों से दोस्ती की बात हो. लेकिन इनमें सबसे ज्यादा वेरी-वेरी स्पेशल कड़ी है उनकी पत्नी मधिमलार राममूर्ति, जो चेन्नई के मशहूर 'मल्हार हॉस्टिपल्स' के संस्थापक दिवंगत डा. एस राममूर्ति और डा. नित्या राममूर्ति की बैटी हैं. वैसे मुरलीधरन और मधिमलार की शादी भी अपने आप में किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है. इस शादी में कई उतार-चढ़ाव आए. चलिए आप डिटेल से जान लीजिए.
पहली मुलाकात में शादी के मूड में नहीं थे मुरलीधरन
यह साल 2004 की बात है, जब नवंबर के महीने में मुरलीधरन अपनाी मां के साथ मधिमलार से मिलने चन्नई आए. मधिमलार ने बिजनेस मैनेजमेंट में पोस्ट-ग्रेजुएशन किया था और वे अस्पताल का काम संभालती थीं. मधिमलार की क्रिकेट में रत्ती भर भी दिलचस्पी नहीं थी और उन्हें नहीं पता था कि क्रिकेट में मुरलीधरन कितनी बड़ी हस्ती हैं.
शादी के मूड में नहीं थे, लेकिन इस बात पर दिल हार बैठे
मुरलीधरन शुरुआत में शादी के मूड में नहीं थे और वह क्रिकेट पर पूरा ध्यान देना चाहते थे, लेकिन जब वह मधिमलार से मिले तो यह दिग्गज बॉलर मधिमलार की सादगी और विनम्रता से दिल हार बैठे. दोनों के बीच बातचीत करीब 60 मिनट तक चली. और मुरलीधरन इतने इंप्रेस हुए कि बातचीत की शुरुआत में शादी के मूड में न होने वाले वाले मुरलीधरन ने उसी मुलाकात में मधिमलार को अंगूठी की पेशकश कर दी और मधिमलार ने भी हां कह दी.
तमिल अभिनेता सरथ कुमार का बड़ा रोल
मुरलीधरन साल 2004 में चोटिल हो गए थे. वह कंधे की चोट के कारण सक्रिय क्रिकेट से दूर थे. मुरली की मां तमिल फिल्मों की बहुत बड़ी दीवानी थीं. और इसमें भी खासकर एस चंद्रशेखर की फिल्मों की. वहीं, चेन्नई के मशहूर राममूर्ति परिवार (मधिमलार का परिवार) से तमिल फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े कलाकारों के बहुत गहरे और पारिवारिक संबंध थे.
एस चंद्रशेखर और सरथ कुमार बने बिचौलिए
जब मुरली की मां ने चेन्नई में एक संस्कारी लड़की की तलाश शुरू की, तो एस. चंद्रशेखर और अभिनेता सरथ कुमार जैसे साझा दोस्तों के जरिए 'मल्हार हॉस्पिटल्स' के संस्थापक दिवंगत डॉ. एस. राममूर्ति के परिवार का प्रस्ताव सामने आया. मधिमलार का परिवार बहुत प्रतिष्ठित था, इसलिए सीधे संपर्क करने के बजाय इन फिल्मी हस्तियों ने दोनों परिवारों के बीच बातचीत की कड़ी बनने का काम किया. यह नवंबर 2004 का ही समय था, जब एस. चंद्रशेखर और सरथ कुमार के सहयोग से ही मुरलीधरन और उनकी मां के लिए चेन्नई में मधिमलार के घर पर पहली औपचारिक मुलाकात तय कराई गई.
कुंडली का मिलान और मां लक्ष्मी की हरी झंडी
इन अभिनेताओं की मध्यस्थता के कारण दोनों परिवारों के बीच विश्वास बहुत मजबूत था.जब पहली मुलाकात में मुरली और मधिमलार ने एक-दूसरे को पसंद कर लिया, तो इसके ठीक बाद दोनों परिवारों ने ज्योतिषीय रूप से कुंडली का मिलान करवाया. कुंडली मिली, तो मुरलीधरन की मां लक्ष्मी ने इस रिश्ते को लेकर तुरंत हां कर दी. सरथ कुमार और दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग के अन्य कलाकार इस रिश्ते के सूत्रधार थे. इसलिए 21 मार्च 2005 को चेन्नई में हुई शादी में फिल्म जगत की तमाम बड़ी हस्तियां शामिल हुईं. सरथ कुमार ने खुद विवाह समारोह में उपस्थित रहकर एक पारिवारिक सदस्य की तरह मेहमानों का स्वागत किया था.
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