मध्यक्रम के बल्लेबाज सरफराज खान ने सोमवार को एक चौंकाने वाला दावा किया कि भारतीय टीम उन्हें केवल घरेलू टेस्ट मैचों के लिए ही देख रही है, हालांकि उन्हें अपनी भूमिका को लेकर अभी तक अधिकारियों की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है. फरवरी 2024 में अपना डेब्यू करने वाले सरफराज ने अब तक अपने करियर के सभी छह टेस्ट मैच घरेलू मैदानों पर ही खेले हैं. दाएं हाथ के यह बल्लेबाज हाल ही में श्रीलंका दौरे पर गई भारतीय टीम का हिस्सा थे, जहां उन्हें चोटिल साई सुदर्शन की जगह शामिल किया गया था, लेकिन उन्हें कभी भी प्लेइंग 11 में मौका नहीं मिला.
29 वर्षीय सरफराज आखिरी बार 2024 में वानखेड़े स्टेडियम में न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट मैच खेलते नजर आए थे. मुंबई और रेलवे के बीच रणजी ट्रॉफी मैच के पहले दिन का खेल खत्म होने के बाद, सरफराज ने पत्रकारों से कहा, "किसी चयनकर्ता ने विशेष रूप से ऐसा नहीं कहा, लेकिन जब मैं भारतीय टीम के साथ था, तो मैंने यही सुना कि वे मुझे मुख्य रूप से भारतीय परिस्थितियों के लिए ही देख रहे हैं."
रेलवे के खिलाफ 100 गेंदों पर 55 रन बनाने वाले मुंबई के इस बल्लेबाज को यह बात समझ नहीं आती कि उन्हें विदेशी दौरों के लिए टीम में क्यों नहीं चुना जाता. सरफराज ने अपनी बात को साबित करने के लिए दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड में टीम के अंदर खेले गए मैचों में लगाए गए शतकों का जिक्र किया. उन्होंने कहा,"लेकिन फिर भी मेरा एक सवाल है कि जब मैं दक्षिण अफ्रीका गया था, तो मैंने भारतीय टीम के खिलाफ 63 गेंदों में शतक लगाया था. और जब मैं इंग्लैंड गया, तो वहां भी मैंने 76 गेंदों में 101 रन बनाए थे."
2023-24 के दौरे से पहले अफ्रीकी दौरे में सरफराज ने सीनियर भारतीय टीम के खिलाफ 'इंडिया ए' की ओर से खेलते हुए 63 गेंदों में शतक जड़ा था. इसके एक साल बाद, पांच मैचों की टेस्ट सीरीज से पहले उन्होंने केंट काउंटी ग्राउंड, बेकेनहम में 'इंडिया ए' के लिए 76 गेंदों में शतक बनाया था. हालांकि, इन दोनों ही सीनियर दौरों के लिए उनका चयन नहीं किया गया था. उन्होंने कहा,"ऐसा नहीं है कि मैंने (भारत के) बाहर रन नहीं बनाए हैं. मैंने रन बनाए हैं. कोई बात नहीं, यह उनका नजरिया है. मेरा काम क्रिकेट खेलना है."
हालांकि, इस आक्रामक बल्लेबाज ने 2024 में पुणे और मुंबई में न्यूजीलैंड के खिलाफ अपनी पिछली चार टेस्ट पारियों में 11, 9, 0 और 1 रन बनाए, जिसके चलते आखिरकार उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया. लेकिन उन्होंने बताया कि उस सीरीज में खराब प्रदर्शन के पीछे एक कारण यह भी था कि विदेश में समय बिताने के बाद अचानक स्पिन-फ्रेंडली पिचों पर खेलना मुश्किल होता है. उन्होंने आगे कहा,"जब आप भारत लौटकर बहुत ज्यादा टर्न लेने वाली पिचों पर खेलते हैं... तो भले ही आप घरेलू क्रिकेट में काफी संघर्ष करके भारतीय टीम में जगह बनाते हैं, लेकिन ऐसी मुश्किल पिचों पर आप अचानक से अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते."
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