नमो भारत कॉरिडोर के किनारे छोटे-बड़े नए शहरों को बसाने की योजना बन रही है. नेशनल कैपिटल रीजन कारपोरेशन लिमिटेड (NCRTC) दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल रूट के साथ दिल्ली-गुरुग्राम-अलवर और दिल्ली-पानीपत-करनाल रूट के स्टेशनों के किनारे ऐसे शहर बसाएगा.इन अर्बन सेंटर में सोसायटी में ऊंची इमारतों के अलावा मॉल, अस्पताल और स्कूल-कॉलेज भी होंगे. सरकार की कोशिश है कि इन हाईस्पीड रेल कॉरिडोर का ज्यादा से ज्यादा लोग फायदा उठाएं. दिल्ली एनसीआर मास्टर प्लान 2047 के तहत ये शहर विकसित किए जाएंगे.
यूपी में इन जगहों पर अर्बन सेंटर का प्रस्ताव
नमो भारत कॉरिडोर के गाजियाबाद, दुहाई डिपो, मेरठ के भैंसाली और मोदीपुरम डिपो में काफी जगह खाली है. जबकि सराय काले खां, दुहाई, न्यू अशोक नगर, आनंद विहार, गुलधर, मुरादनगर, मोदीनगर, मेरठ साउथ और शताब्दी नगर में छोटे भूखंड खाली हैं. दुहाई और मोदीपुरम डिपो के पास बड़े पैमाने पर खाली पर आवासीय और आईटी-लॉजिस्टिक सिटी बनाने की तैयारी है. जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नमो भारत लिंक के आसपास भी नए आवासीय हब का प्लान है. एनसीआर मास्टर प्लान 2047 के तहत उत्तर प्रदेश सरकार ने नमो भारत स्टेशनों के 1.5 किलोमीटर के दायरे को ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट जोन बना दिया है.
दिल्ली में सराय काले खां मेगा ट्रांजिट हब बनेगा
सराय काले खां सबसे बड़ा ट्रांसपोर्ट हब बनेगा. नमो भारत (RRTS), दिल्ली मेट्रो, रेलवे स्टेशन और अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (ISBT) यहां एक ही जगह मिलती है.इस मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट इंटीग्रेशन के साथ यहां रोजगार, कमर्शियल और रिटेल हब बनाया जाएगा. इसके लिए एशियाई विकास बैंक (ADB) और वर्ल्ड बैंक जैसी एजेंसियों से मदद ली जाएगी.दिल्ली में नरेला, टिकरी कलां, अलीपुर के आसपास दिल्ली-पानीपत नमो भारत कॉरिडोर के किनारे नमो सिटी की संभावना तलाशी गई है. उत्तरी दिल्ली के बॉर्डर वाले इलाके में नमो शहर बनाने के लिए पर्याप्त जगह है.
हरियाणा में नमो सिटी का प्लान कहां है
हरियाणा में मानेसर-पंचगांव-धारूहेड़ा-बावल क्लस्टर या सोनीपत-गन्नौर बेल्ट में ऐसे अर्बन सेंटर बनेंगे. पंचगांव दिल्ली-गुरुग्राम-अलवर नमो भारत लाइन और केएमपी एक्सप्रेसवे का मेन इंटरचेंज जंक्शन है. यहां नमो सिटी बनने की प्रबल संभावना है.दिल्ली-अलवर कॉरिडोर के फेज-1 के तहत ऐसे स्टेशनों के पास कम लागत वाले आवासीय और लॉजिस्टिक सिटी बसाई जाएंगी. हरियाणा हरियाणा सरकार ने KMP एक्सप्रेसवे और प्रस्तावित नमो सिटी कॉरिडोर के किनारे लगभग 9000 एकड़ भूमि के अधिग्रहण की कार्यवाही भी शुरू कर दी है.
राजस्थान में नमो सिटी कहां बसेगी
राजस्थान में शाहजहांपुर-नीमराना-बहरोड़ अर्बन कॉम्प्लेक्स और अलवर के सोतानाला में ऐसी नमो सिटी बनाई जा सकती है. दिल्ली-गुरुग्राम-एसएनबी-अलवर नमो भारत कॉरिडोर राजस्थान के इसी इंडस्ट्रियल गलियारे से गुजरेगा.नीमराणा और बहरोड़ के बीच के इलाके में भी नमो सिटी की संभावना तलाशी जा रही है.
सिंगापुर-टोक्यो की तर्ज पर अर्बन सेंटर
एनसीआरटीसी ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट की पॉलिसी यानी परिवहन नेटवर्क किनारे ऐसे अर्बन सेंटर बनाएगा, ताकि लोगों की आवासीय और कमर्शियल जरूरतें पूरी हो सकें और रैपिड रेल नेटवर्क का भरपूर इस्तेमाल हो. नमो भारत स्टेशनों के पास इन अर्बन सेंटर तक फीडर बस सेवा और मेट्रो कनेक्टिविटी भी दी जाएगी. सिंगापुर, हांगकांग और टोक्यो जैसे शहरों इसी तरह बुलेट ट्रेन या हाई स्पीड वाले रेलवे स्टेशनों के पास जमीनों का व्यावसायिक इस्तेमाल किया गया है.
NCRTC ने बनाई कमेटी
NCRTC ने स्टेशनों के आसपास की जमीनों के बेहतर इस्तेमाल के लिए एक प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कमेटी भी बना दी है.दरअसल, नेशनल कैपिटल रीजनल प्लानिंग बोर्ड ने रीजनल प्लान 2041 के तहत दिल्ली, यूपी, हरियाणा और राजस्थान में नमो भारत कॉरिडोर किनारे चार बड़े शहर बसाने का फैसला किया है. इन्हें नमो सिटी नाम दिया गया है. इसके लिए 5 हजार करोड़ का फंड बनाकर हर राज्य से मास्टर प्लान मांगा गया है.
रैपिड रेल स्टेशन के पास क्या-क्या बनेगा
1. शॉपिंग, एंटरटेनमेंट सेंटर: छोटी दुकानों, बड़े शॉपिंग मॉल और रिटेल डाइनिंग एंटरटेनमेंट हब
2. हाउसिंग कांप्लेक्स: हाउसिंग सोसायटी में स्टूडियो अपार्टमेंट और किराये के मकान, फ्लैट बनेंगे
3. कमर्शियल एवं सर्विस हब: कॉर्पोरेट ऑफिस, पार्किंग सेंटर, अस्पताल और थीम पार्क बनेंगे
रियल एस्टेट एक्सपर्ट की मदद लेगा एनसीआरटीसी
NCRTC और एनसीआर प्लानिंग बोर्ड (NCRPB) ने रियल एस्टेट एक्सपर्ट, सीनियर सरकारी अफसर और उद्योग सलाहकारों के साथ एक्सपर्ट एडवाइज ले रहा है. इस परियोजना को जल्द से जल्द पूरा करने और ज्यादा लाभ उठाने के लिए बिल्डर्स की मदद ली जा रही है. केंद्रीय आवास और शहरी मामलों का मंत्रालय बिल्डर्स के साथ ऐसे कमर्शियल स्पेस का इस्तेमाल बढ़ाएगा. बिल्डर बाजार की मांग के आधार पर आवासीय और कमर्शियल स्पेस तय कर सकेंगे. ऊंची इमारतों के लिए स्टेशनों के करीब एफएआई को बढ़ाया गया है. सिंगल विंडो क्लियरेंस के आधार पर इन अर्बन प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलेगी.
नमो सिटी की खासियत
- ये शहर सीधे नमो भारत स्टेशनों से जुड़ी होंगी. लोग बिना निजी वाहनों के सीधे दिल्ली या अन्य शहरों में 30-45 मिनट में आवाजाही कर पाएंगे.
- दिल्ली-गुरुग्राम के महंगी आवासीय योजना की जगह मध्यम वर्ग के लिए किफायती आवास उपलब्ध कराए जाएंगे
- KMP-ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और रैपिड रेल के मिलने की जगह पर लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और डेटा सेंटर पार्क बनेंगे
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