घरेलू क्रिकेट में अपनी फिटनेस सुधारने और लगातार रन बनाने के बावजूद भारतीय टेस्ट टीम में वापसी न हो पाने से निराश मिडिल-ऑर्डर बल्लेबाज सरफराज खान ने सोमवार को अपनी हताशा जाहिर की. सरफराज आखिरी बार 2024 में वानखेड़े स्टेडियम में न्यूजीलैंड के खिलाफ भारतीय टेस्ट टीम (व्हाइट्स) का हिस्सा थे.
मुंबई और रेलवे के बीच रणजी ट्रॉफी मैच के पहले दिन का खेल खत्म होने के बाद, सरफराज ने पत्रकारों से कहा, 'बहुत कुछ हो चुका है. मैं ज्यादा कुछ नहीं सोच रहा हूं. मैं हर सुबह उठता हूं और खुद से यही सवाल पूछता हूं कि 'मैं कड़ी मेहनत क्यों करूं?'
उन्होंने आगे कहा, 'सुबह 5:00 बजे से वही रूटीन शुरू हो जाता है. मैं भारत के लिए खेल चुका हूं. एक सामान्य रूटीन के साथ भी मैं मुंबई के लिए रणजी ट्रॉफी खेल सकता हूं, क्योंकि मैं लगातार 30, 50 और 100 रन बना रहा हूं.' 29 वर्षीय खिलाड़ी ने बताया कि मुश्किल समय में उनके पिता, नौशाद खान, उनके लिए प्रेरणा का स्रोत बने रहते हैं.
'लेकिन कभी-कभी यह सवाल मन में आ ही जाता है. फिर जब मैं अपने पिता को कड़ी मेहनत करते देखता हूं, तो सोचता हूं - 'ठीक है, मैं मैदान पर जाऊंगा और उनके लिए रन बनाऊंगा.' मेरा रूटीन वही रहता है.' उन्होंने आगे कहा, 'सबको पता है कि अगर आपको सरफराज खान से मिलना है, तो उनके घर जाने की जरूरत नहीं है. आप सुबह 6:00 बजे आजाद मैदान या क्रॉस मैदान पर उनसे मिल सकते हैं.'
सरफराज ने कहा कि वह बहुत आगे की सोचने के बजाय सिर्फ अपने क्रिकेट पर ध्यान दे रहे हैं. 'मुझे तो यह भी नहीं पता था कि मुझे श्रीलंका सीरीज के लिए बुलावा आएगा. मैं NCA में था, वहां से मुझे बुलाया गया, लेकिन मुझे खेलने का मौका नहीं मिला. मैं वापस आ गया और अब मुंबई के लिए क्रिकेट खेल रहा हूं. अब तो मुझे कुछ समझ ही नहीं आता. बस खेल रहा हूं.'
उन्होंने कहा, 'अगर वे (राष्ट्रीय चयनकर्ता) मुझे बुलाते हैं, तो मैं जाकर (भारत के लिए) खेलूंगा. अगर वे नहीं बुलाते हैं, तो मैं यहीं खेलता रहूंगा.' लेकिन सरफराज ने एक चौंकाने वाला दावा किया है कि भारतीय टीम उन्हें केवल घरेलू टेस्ट मैचों के लिए ही देख रही है, हालांकि उन्हें अभी तक अपनी भूमिका के बारे में अधिकारियों से कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है.
फरवरी 2024 में अपना डेब्यू करने वाले सरफराज ने अब तक अपने करियर के सभी छह टेस्ट मैच घरेलू मैदानों पर ही खेले हैं. यह दाएं हाथ का बल्लेबाज हाल ही में श्रीलंका दौरे पर गई भारतीय टीम का हिस्सा था, जहां उन्हें चोटिल साई सुदर्शन की जगह शामिल किया गया था, लेकिन उन्हें कभी भी प्लेइंग 11 में मौका नहीं मिला. इससे पहले, वह ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गई भारतीय टीम में भी शामिल थे, लेकिन तब भी उन्हें प्लेइंग 11 में जगह नहीं मिल पाई.
उन्होंने कहा, 'किसी चयनकर्ता ने विशेष रूप से ऐसा नहीं कहा, लेकिन जब मैं भारतीय टीम के साथ था, तो मैंने बस यही सुना कि वे मुझे मुख्य रूप से भारतीय परिस्थितियों के लिए देख रहे हैं.' मुंबई के इस बल्लेबाज ने, जिन्होंने सोमवार को ब्रेबोर्न में रेलवे के खिलाफ 100 गेंदों पर 55 रन बनाए, विदेशी दौरों के लिए चुनी गई टीमों में जगह न मिलने पर हैरानी जताई.
सरफराज ने अपनी बात को साबित करने के लिए दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड में टीम के आंतरिक मैचों में लगाए गए शतकों का हवाला दिया. उन्होंने कहा, 'लेकिन फिर भी मेरा एक सवाल है कि जब मैं दक्षिण अफ्रीका गया था, तो मैंने भारतीय टीम के खिलाफ 63 गेंदों में शतक बनाया था, और जब मैं इंग्लैंड गया, तो मैंने 76 गेंदों में 101 रन बनाए थे.' 2023-24 के दौरे से पहले प्रिटोरिया में, सरफराज ने इंडिया ए की ओर से सीनियर भारतीय टीम के खिलाफ 63 गेंदों में शतक जड़ा था. इसके एक साल बाद, पांच टेस्ट मैचों की सीरीज से पहले बेकेनहैम में भी उन्होंने इंडिया ए के लिए 76 गेंदों में शतक बनाया था.
हालांकि, उन्हें इन दोनों सीनियर दौरों में से किसी के लिए भी नहीं चुना गया. उन्होंने कहा, 'तो, ऐसा नहीं है कि मैंने भारत के बाहर रन नहीं बनाए हैं. मैंने रन बनाए हैं. खैर, यह उनका फैसला है, उनका अपना नजरिया है. मेरा काम तो बस क्रिकेट खेलना है.' लेकिन 2024 में पुणे और मुंबई में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ, इस आक्रामक बल्लेबाज़ की पिछली चार टेस्ट पारियों में 11, 9, 0 और 1 रन ही बने, जिसके चलते अंततः उन्हें टीम से बाहर होना पड़ा.
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