Sandeep Patil on Gambhir: पिछले दिनों पहले आयरलैंड और फिर इंग्लैंड सीरीज में सफाए के बाद टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर के सामने एक और बड़ी चुनौती मुंह उठाए खड़ी है. रेड-बॉल फॉर्मट का चैलेंज, जो इसी महीने श्रीलंका के खिलाफ उसकी धरती पर शुरू होने जा रही दो टेस्ट मैचों की सीरीज के साथ शुरू होने जा रहा है. वहां के हालत भी लगभग भारत जैसी ही होंगे, तो जाहिर है कि खासकर टीम इंडिया के WTC Final की दिशा में आगे बढ़ने के क्रम में उसके लिए चुनौती बड़ी है. लेकिन सीरीज शुरू नहीं हुई है कि गौतम गंभीर पूर्व क्रिकेटरों और अलग-अलग वजहों से फैंस के निशाने पर पहले ही आ गए हैं. भारत वर्तमान में विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की अंक तालिका में पाँचवें स्थान पर है, जिसके नौ मैचों में चार जीत और चार हार हैं. फाइनल में पहुंचने की उनकी संभावनाएं कम नजर आ रही हैं, जिससे शेष मैचों में गलती की कोई गुंजाइश नहीं बची है.
बहरहाल, भारत के पूर्व मुख्य चयनकर्ता संदीप पाटिल ने भारत के हालिया टेस्ट संघर्षों को लेकर बढ़ रही जांच के बीच मुख्य कोच गंभीर का बचाव किया है. उन्होंने जोर देकर कहा कि टीम के खराब प्रदर्शन की जिम्मेदारी किसी एक व्यक्ति पर नहीं डाली जा सकती. पाटिल ने स्पिन को संभालने में बल्लेबाजों की असमर्थता की ओर इशारा किया और न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू श्रृंखला की हार से पहले टीम की तैयारी पर सवाल उठाते हुए कहा कि निराशाजनक परिणामों के लिए खिलाड़ी भी उतने ही जिम्मेदार हैं.
एक अखबार से बातचीत में पाटिल ने कहा, 'श्रीलंका का दौरा हर किसी के लिए महत्वपूर्ण है, सिर्फ गंभीर के लिए क्यों? अगर गंभीर प्रदर्शन करने में विफल रहे हैं, तो खिलाड़ी भी रहे हैं. किसी एक व्यक्ति को निशाना बनाना सही नहीं है. हम स्पिनरों को नहीं खेल पाए और न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू श्रृंखला हार गए क्योंकि वे तैयारी के साथ आए थे. उन्होंने टर्निंग पिचों पर अभ्यास किया था, जबकि हमारी टीम सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में अच्छी पिचों पर अभ्यास कर रही थी.भारतीय टीम एक पुनर्गठन प्रक्रिया से गुजर रही है.'
पूर्व कोच राजपूत की भी समर्थन की अपील
इस बीच, भारत के पूर्व कोच लालचंद राजपूत ने गंभीर के प्रति धैर्य रखने का आग्रह किया है. उनका तर्क है कि संक्रमण काल के दौरान मुख्य कोच का आंकलन करना अनुचित होगा। राजपूत ने इस बात पर जोर दिया कि पुनर्निर्माण में समय लगता है, खासकर रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे वरिष्ठ खिलाड़ियों के संन्यास के बाद. साथ ही, राजपूत ने खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ दोनों के बेहतर प्रदर्शन करने के लिए उनके समर्थन की भी अपील की.
राजपूत ने कहा, 'मैं अभी भी महसूस करता हूं कि एक कोच के रूप में उतार-चढ़ाव आते रहेंगे. आप हर समय जीत नहीं सकते. भारतीय टीम एक पुनर्गठन प्रक्रिया से गुजर रही है. और जब टीम इस दौर से गुजर रही हो, तो आपको खिलाड़ियों और कोच को अधिक समय देना चाहिए. रोहित और कोहली जैसे महान खिलाड़ियों ने दो प्रारूपों को छोड़ दिया है, जबकि भारत के पास श्रेयस अय्यर के रूप में एक नया टी20 कप्तान है और उन्होंने इंग्लैंड में टी20 श्रृंखला में कई नए खिलाड़ियों को आजमाया है.'
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